हिसार में 3 करोड़ के अवैध पटाखों का भंडाफोड़, 633 पेटी बरामद; एक युवक गिरफ्तार

हिसार की फैक्ट्री में पुलिस ने 633 पेटी अवैध पटाखे बरामद किए। करीब 3 करोड़ रुपये के माल के साथ एक युवक गिरफ्तार हुआ, जांच जारी है।

➤ फैक्ट्री से 633 पेटी पटाखे बरामद, वजन करीब 5 हजार किलोग्राम

➤ पुलिस के अनुसार बरामद पटाखों की कीमत करीब 3 करोड़ रुपये

➤ कपिल गिरफ्तार, फैक्ट्री 80 हजार रुपये मासिक किराये पर लिए जाने की जांच


हिसार में अवैध पटाखों के निर्माण और भंडारण के एक बड़े मामले का पुलिस ने खुलासा किया है। मल्लापुर से असरावां रोड पर स्थित एक पुरानी फैक्ट्री में छापेमारी के दौरान पुलिस ने 633 पेटी पटाखे बरामद किए हैं। पुलिस के अनुसार बरामद पटाखों का कुल वजन करीब 5 हजार किलोग्राम है और इनकी अनुमानित कीमत करीब 3 करोड़ रुपये बताई गई है। कार्रवाई के दौरान पुलिस ने हिसार निवासी कपिल को गिरफ्तार किया है। अब पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि पटाखों का निर्माण कहां से शुरू हुआ, इन्हें किन लोगों तक पहुंचाया जाना था और इस पूरे कारोबार में अन्य कौन-कौन लोग शामिल हैं।

पुलिस के मुताबिक उसे फैक्ट्री परिसर में अवैध रूप से पटाखे बनाए जाने और बड़ी मात्रा में उनका भंडारण किए जाने की सूचना मिली थी। सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने मल्लापुर से असरावां रोड स्थित परिसर में छापेमारी की। तलाशी के दौरान वहां बड़ी संख्या में पटाखे मिले। पुलिस ने बरामद सामग्री को कब्जे में लेकर मामले की जांच शुरू कर दी।

80 हजार रुपये महीने के किराये पर ली गई थी फैक्ट्री।

प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि जिस परिसर में पटाखे बनाए और रखे जा रहे थे, वहां पहले प्लास्टिक दाना बनाने की फैक्ट्री संचालित होती थी। आरोप है कि फैक्ट्री मालिक ने परिसर को पटाखे बनाने के लिए 80 हजार रुपये प्रतिमाह किराये पर दिया हुआ था।

पुलिस अब इस पहलू की भी जांच कर रही है कि परिसर किस उद्देश्य से किराये पर दिया गया था और क्या मालिक को वहां पटाखों के निर्माण या भंडारण की जानकारी थी। इसके अलावा यह भी पता लगाया जा रहा है कि परिसर में पटाखे रखने और बनाने के लिए किसी प्रकार की वैध अनुमति ली गई थी या नहीं।

633 पेटी पटाखे मिलने से पुलिस भी सक्रिय।

छापेमारी के दौरान बरामद 633 पेटी पटाखों की मात्रा काफी अधिक बताई जा रही है। पुलिस के अनुसार इनका वजन करीब 5 हजार किलोग्राम है। इतनी बड़ी मात्रा में पटाखों के मिलने के बाद पुलिस ने निर्माण और भंडारण से जुड़े पूरे नेटवर्क की जांच शुरू कर दी है।

जांच का एक अहम हिस्सा यह भी है कि बरामद पटाखे कहां से लाए गए थे और तैयार होने के बाद उनकी सप्लाई किन स्थानों पर की जानी थी। पुलिस गिरफ्तार आरोपी से पूछताछ के जरिए इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों तक पहुंचने का प्रयास करेगी।

आदमपुर थाने में दर्ज हुआ मामला।

पुलिस ने अवैध रूप से पटाखे बनाने और उनका भंडारण करने के आरोप में थाना आदमपुर में मामला दर्ज किया है। गिरफ्तार आरोपी को अदालत में पेश कर रिमांड लेने का प्रयास किया जाएगा। पुलिस के अनुसार रिमांड के दौरान आरोपी से पटाखों की खरीद, निर्माण, भंडारण, बिक्री और आपूर्ति से संबंधित जानकारी हासिल करने की कोशिश की जाएगी।

इसके साथ ही फैक्ट्री मालिक की भूमिका की भी जांच की जा रही है। पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि परिसर को किस शर्त पर किराये पर दिया गया था और वहां चल रही गतिविधियों की जानकारी मालिक को थी या नहीं।

बड़ी मात्रा में पटाखों के भंडारण से सुरक्षा को लेकर सवाल।

एक ही परिसर में बड़ी मात्रा में पटाखों का निर्माण और भंडारण किए जाने से आग और विस्फोट का खतरा बना रहता है। ऐसे स्थानों पर सुरक्षा नियमों और निर्धारित मानकों का पालन करना बेहद जरूरी होता है। पुलिस अब यह भी जांच करेगी कि फैक्ट्री परिसर में सुरक्षा से संबंधित जरूरी व्यवस्थाएं मौजूद थीं या नहीं।

पुलिस के अनुसार बिना वैध अनुमति पटाखों का निर्माण, भंडारण या बिक्री करने वालों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। इस कार्रवाई के बाद जिले में ऐसे अन्य स्थानों पर भी निगरानी बढ़ाए जाने की संभावना है।

पुलिस ने फैक्ट्री और गोदाम संचालकों से की अपील।

पुलिस ने फैक्ट्री और गोदाम संचालकों से अपने परिसरों में किसी भी तरह की अवैध गतिविधि नहीं होने देने की अपील की है। साथ ही आम लोगों से भी कहा गया है कि यदि उनके आसपास किसी स्थान पर अवैध रूप से पटाखे बनाए जाने या बड़ी मात्रा में उनका भंडारण किए जाने की जानकारी मिलती है तो इसकी सूचना पुलिस को दी जाए।

फिलहाल पुलिस गिरफ्तार आरोपी से पूछताछ और मामले से जुड़े अन्य पहलुओं की जांच कर रही है। जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि इस अवैध पटाखा कारोबार में कितने लोग शामिल थे और इसकी सप्लाई का नेटवर्क कितना बड़ा था।