हरियाणा में लाडो लक्ष्मी पोर्टल का ट्रायल आज से शुरू, 20 लाख महिलाओं को हर महीने 2100 रुपए मिलेंगे
हरियाणा सरकार जल्द ही 25 सितंबर से दीनदयाल लाडो लक्ष्मी योजना शुरू करने जा रही है। योजना के तहत करीब 19-20 लाख महिलाओं को हर महीने 2100 रुपए दिए जाएंगे। पात्रता में आय, उम्र व डोमिसाइल की सख्त शर्तें हैं।
➤ हरियाणा सरकार 25 सितंबर से दीनदयाल लाडो लक्ष्मी योजना शुरू करेगी
➤ पात्रता में उम्र, आय, डोमिसाइल की कड़ी शर्तें, बहुएं दूसरे राज्य से हों तो परेशानी
➤ पहले चरण में 19-20 लाख महिलाओं को हर महीने 2100 रुपए मिलने का लक्ष्य
हरियाणा सरकार अपना चुनावी वादा पूरा करने के लिए जल्द ही एक बड़ी योजना का शुभारंभ करने जा रही है। मुख्यमंत्री नायब सैनी ने घोषणा की है कि 25 सितंबर से प्रदेश में दीनदयाल लाडो लक्ष्मी योजना का शुभारंभ होगा। इस योजना के तहत हर महीने करीब 18 से 20 लाख महिलाओं को 2100 रुपए की वित्तीय सहायता दी जाएगी।
योजना को प्रभावी बनाने के लिए आज से जिलों में ट्रायल शुरू हो गया है। योजना के तहत आवेदन करने के लिए पोर्टल जल्द ही खुलने वाला है, लेकिन अभी तक पात्रता की पूरी शर्तें स्पष्ट नहीं हैं। सबसे महत्वपूर्ण शर्त में हरियाणा का स्थायी निवासी होना आवश्यक है। इसके लिए 15 साल का रिहाइश सर्टिफिकेट अनिवार्य रखा गया है, जिस कारण डोमिसाइल सर्टिफिकेट बनवाने की प्रक्रिया में भारी भीड़ देखने को मिल रही है।
खासकर उन परिवारों में होड़ मची है जिनकी बहुएं दूसरे राज्यों से हैं और विवाह को 15 साल पूरे नहीं हुए हैं। ऐसे में पति डोमिसाइल सर्टिफिकेट बनवाकर अपनी पत्नी को योजना का लाभ दिलवाने में लगे हैं। हरियाणा के महेंद्रगढ़, रेवाड़ी, भिवानी, यमुनानगर, अंबाला, सिरसा व नूंह जिलों में यह प्रक्रिया अधिक तेज है।
सरकार ने यह भी साफ किया है कि 23 से 60 साल की उम्र वाले महिलाएं ही इस योजना के लिए पात्र मानी जाएंगी। इसके अलावा 1 लाख वार्षिक आय वाले परिवारों को ही इसका लाभ मिलेगा, जबकि अन्य राज्यों में यह सीमा कहीं अधिक रखी गई है। सबसे कड़ा प्रावधान डोमिसाइल की शर्त है, जिससे सूची में काफी कटौती हो गई।
जिलों में कर्मचारी फॉर्म भरने की विशेष ट्रेनिंग ले चुके हैं और आवेदन प्रक्रिया को आसान बनाने के लिए एक ही मोबाइल नंबर से तीन फॉर्म भरे जा सकेंगे। साथ ही, लाभार्थी का आधार कार्ड बैंक अकाउंट से लिंक होना अनिवार्य होगा ताकि राशि सीधे खाते में ट्रांसफर की जा सके।
मुख्यमंत्री नायब सैनी ने पहले चरण में करीब 19-20 लाख महिलाओं को योजना का लाभ दिलाने का लक्ष्य रखा है। इस योजना से हरियाणा की आर्थिक स्थिति कमजोर महिलाओं को मदद मिलेगी, लेकिन इसकी सख्त पात्रता शर्तें अभी भी विवाद का विषय बनी हुई हैं।
बहुएं कह रही हैं कि "हम हरियाणवी बहुएं बन गई हैं, फिर भी डोमिसाइल की इतनी सख्ती क्यों?" ऐसे सवाल अब सोशल मीडिया पर भी चर्चा में हैं। सरकार की तैयारी पूरी है, अब बारी इस योजना के ट्रायल के सफल निष्पादन और जनता को सही लाभ देने की है।