साइबर केस में एक्सिस बैंक के मैनेजर-एग्जीक्यूटिव गिरफ्तार, 50 लाख लेनदेन का मामला
गुरुग्राम में ऑनलाइन ठगी के मामले में एक्सिस बैंक के मैनेजर और सेल्स एग्जीक्यूटिव समेत तीन आरोपी गिरफ्तार, 50 लाख के ट्रांजेक्शन का खुलासा।
➤ 30 हजार लेकर खोला फर्जी खाता, 8 लाख में ठग गिरोह को बेचा
➤ USDT ट्रेडिंग में मुनाफे का झांसा देकर की गई साइबर ठगी
➤ खाते से 50 लाख का ट्रांजेक्शन, बैंककर्मियों की मिलीभगत उजागर
गुरुग्राम साइबर क्राइम थाना पुलिस ने ऑनलाइन ठगी के एक बड़े नेटवर्क का खुलासा करते हुए एक्सिस बैंक के ब्रांच सेल्स मैनेजर और सेल्स एग्जीक्यूटिव समेत तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। जांच में सामने आया है कि बैंककर्मियों ने 30 हजार रुपए लेकर फर्जी तरीके से खाता खुलवाया, जिसे आगे 8 लाख रुपए में ठग गिरोह को उपलब्ध कराया गया। इसी खाते के जरिए करीब 50 लाख रुपए का ट्रांजेक्शन किया गया।
पुलिस के अनुसार, यह गिरोह व्हाट्सएप, फर्जी ऐप और पोर्टल के माध्यम से लोगों को USDT ट्रेडिंग में निवेश कर मोटा मुनाफा कमाने का लालच देता था और फिर रकम हड़प लेता था।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान पिंटू कुमार (30) निवासी गांव पच्चो, जिला हाथरस, रोहित (30, एमबीए) निवासी आवास विकास कॉलोनी, हाथरस और उमंग गुप्ता (26, एबीबीए) निवासी धर्म कुंज, हाथरस के रूप में हुई है। इनमें रोहित एक्सिस बैंक की हाथरस ब्रांच में ब्रांच सेल्स मैनेजर और उमंग सेल्स एग्जीक्यूटिव के पद पर कार्यरत था।
साइबर क्राइम थाना में एक पीड़ित ने शिकायत दर्ज कराई थी कि उसे USDT ट्रेडिंग में निवेश कर मोटा लाभ दिलाने का झांसा देकर ठगा गया। इस मामले में 15 जनवरी को एफआईआर दर्ज की गई थी। जांच के दौरान ठगी की रकम के बैंकिंग ट्रेल को खंगाला गया, जिसमें दिनेश इंटरप्राइजेज नाम की फर्म के खाते में बड़ी रकम ट्रांसफर होने का खुलासा हुआ।
थाना प्रभारी नवीन कुमार ने बताया कि जांच में सामने आया कि ठगी की रकम में से 50 लाख रुपए दिनेश इंटरप्राइजेज के खाते में ट्रांसफर किए गए थे। यह फर्म आरोपी दिनेश कुमार के नाम पर थी। इस खाते को 30 हजार रुपए लेकर फर्जी तरीके से खुलवाया गया था।
पुलिस के मुताबिक, यह खाता आगे 8 लाख रुपए में किसी अन्य व्यक्ति को बेचा गया, जिसने इसे साइबर ठगी के लिए इस्तेमाल किया। यह पूरा फर्जीवाड़ा पिंटू, अंकुल और दिनेश ने मिलकर किया और इसमें बैंक के अंदर से रोहित और उमंग ने सहयोग किया।
पूछताछ में सामने आया कि फर्जी खाता खुलवाने के बदले आरोपी उमंग को एक लाख रुपए और आरोपी रोहित को दो लाख रुपए दिए गए थे। दोनों बैंककर्मी क्रमशः 3 और 6 साल से बैंक में कार्यरत थे।
पुलिस ने बताया कि आरोपियों ने इससे पहले भी अन्य फर्जी बैंक खाते खुलवाए थे। इस पूरे मामले में अब तक कुल 5 आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है। तीनों को पुलिस रिमांड पर लेकर पूछताछ की जा रही है, ताकि पूरे नेटवर्क और ठगी की रकम की बरामदगी की जा सके।
Akhil Mahajan