गुरुग्राम में कैंटर ने बाइक सवार को कुचला, ड्यूटी पर जा रहे युवक की दर्दनाक मौत

गुरुग्राम के हीरो होंडा चौक पर तेज रफ्तार कैंटर ने बाइक सवार युवक को कुचल दिया, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। मृतक दिल्ली के रोहिणी का रहने वाला था।

गुरुग्राम में कैंटर ने बाइक सवार को कुचला, ड्यूटी पर जा रहे युवक की दर्दनाक मौत

गुरुग्राम में तेज रफ्तार कैंटर ने बाइक सवार को कुचला, मौके पर मौत
दिल्ली रोहिणी निवासी युवक ड्यूटी पर जा रहा था, ड्राइवर फरार
NH-48 पर बढ़ते हादसों ने फिर बढ़ाई चिंता, पुलिस जांच में जुटी


गुरुग्राम में शनिवार को एक दर्दनाक सड़क हादसे ने एक युवक की जान ले ली। हीरो होंडा चौक के पास तेज रफ्तार कैंटर ने बाइक सवार को कुचल दिया, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई, जबकि आरोपी चालक वाहन समेत फरार हो गया।मृतक की पहचान कमल कुमार झा के रूप में हुई है, जो दिल्ली के रोहिणी का रहने वाला था। वह गुरुग्राम की एक कंपनी में काम करता था और शनिवार सुबह ड्यूटी पर जा रहा था, लेकिन रास्ते में ही यह हादसा उसकी जिंदगी पर भारी पड़ गया।

गुरुग्राम में राजीव चौक पर एक्सीडेंट के  बाद मौके पर पड़ी बाइक। - Dainik Bhaskar

प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि हादसा तेज रफ्तार के कारण हुआ। कैंटर चालक ने लापरवाही से वाहन चलाते हुए बाइक सवार को टक्कर मारी, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया और मौके पर ही दम तोड़ दिया।हादसे के बाद कैंटर चालक मौके से फरार हो गया। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए भिजवा दिया।जांच अधिकारी रीना ने बताया कि मृतक के परिजनों को सूचना दे दी गई है और उनके आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। पुलिस अब फरार चालक की तलाश में जुटी हुई है।पुलिस ने घटनास्थल पर पड़ी बाइक के नंबर के आधार पर मृतक की पहचान की। इसके बाद उसके परिजनों को सूचना दी गई। हादसे के बाद मौके पर युवक की बाइक और शव पड़े होने से वहां लोगों की भीड़ जमा हो गई।गुरुग्राम में लगातार बढ़ रहे सड़क हादसे अब गंभीर समस्या बनते जा रहे हैं। खासकर NH-48 (दिल्ली-जयपुर हाईवे) पर हादसों की संख्या चिंताजनक है।साल 2025 में जिले में 1,112 सड़क दुर्घटनाएं हुईं, जिनमें 478 लोगों की मौत दर्ज की गई। वहीं, अकेले NH-48 पर 233 हादसों में 127 मौतें हुईं। इस हाईवे पर 45 से ज्यादा ब्लैक स्पॉट्स चिन्हित किए गए हैं, जहां ज्यादातर हादसे होते हैं।