DGP को भी नहीं छोड़ा साइबर ठगों ने! ‘डिजिटल अरेस्ट’ की कोशिश और फ‍िर...

हरियाणा के DGP अजय सिंघल को विदेशी कॉल के जरिए ‘डिजिटल अरेस्ट’ के नाम पर ठगने की कोशिश की गई, जिसके बाद पुलिस ने ‘अभेद्य ऐप’ लॉन्च किया।

DGP को भी नहीं छोड़ा साइबर ठगों ने! ‘डिजिटल अरेस्ट’ की कोशिश और फ‍िर...

पाकिस्तानी नंबर से DGP और पत्नी को बनाया निशाना
‘डिजिटल अरेस्ट’ के नाम पर ठगी की कोशिश नाकाम
साइबर अपराध रोकने को ‘अभेद्य ऐप’ लॉन्च



चंडीगढ़। हरियाणा के पुलिस महानिदेशक अजय सिंघल ने साइबर ठगी से जुड़ा एक चौंकाने वाला अनुभव साझा करते हुए बताया कि उन्हें और उनकी पत्नी को विदेशी कॉल के जरिए “डिजिटल अरेस्ट” के नाम पर ठगने की कोशिश की गई। यह घटना इस बात का संकेत है कि साइबर अपराधी अब आम लोगों के साथ-साथ उच्च पदों पर बैठे अधिकारियों को भी निशाना बना रहे हैं।

डीजीपी के अनुसार, कॉल करने वालों ने खुद को पुलिस अधिकारी बताने के लिए एक इंस्पेक्टर की तस्वीर का इस्तेमाल किया और पाकिस्तानी नंबर से संपर्क किया। उन्होंने डराने और भ्रमित करने की कोशिश की, ताकि उन्हें झांसे में लिया जा सके। हालांकि, विदेशी नंबर देखकर ही डीजीपी को शक हो गया और उन्होंने तुरंत सतर्कता बरतते हुए कॉल करने वालों को सख्त चेतावनी दी। इसके बाद ठगों ने अभद्र भाषा का इस्तेमाल किया और कॉल काट दी।

इस पूरे घटनाक्रम में साइबर अपराधियों ने डीजीपी की पत्नी को भी कॉल कर निशाना बनाने की कोशिश की, लेकिन पहले से सतर्क किए जाने के कारण वे किसी भी झांसे में नहीं आईं। यह घटना दर्शाती है कि अपराधी अब परिवार के सदस्यों को भी टारगेट कर रहे हैं, ताकि दबाव बनाकर ठगी को अंजाम दिया जा सके।

साइबर अपराध पर लगाम कसने के लिए हरियाणा पुलिस ने बड़ा कदम उठाते हुए ‘अभेद्य ऐप’ लॉन्च किया है। इस ऐप के जरिए विदेशी नंबरों से आने वाली संदिग्ध कॉल्स और व्हाट्सऐप मैसेज को ब्लॉक किया जा सकेगा। साथ ही, यूजर्स को यह सुविधा भी दी गई है कि वे भरोसेमंद अंतरराष्ट्रीय नंबरों को अनुमति दे सकें, जिससे जरूरी कॉल्स प्रभावित न हों।

पुलिस विभाग के अनुसार, इस ऐप का परीक्षण 25 से 30 लोगों पर किया गया, जिसमें इसके परिणाम संतोषजनक पाए गए। इसके बाद इसे आम जनता के लिए उपलब्ध कराया गया है। इसके साथ ही साइबर अपराधों की निगरानी और त्वरित कार्रवाई के लिए एक विशेष यूनिट का गठन भी किया गया है।

डीजीपी अजय सिंघल ने आम जनता से अपील करते हुए कहा कि वे अनजान विदेशी कॉल्स से सतर्क रहें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की तुरंत सूचना पुलिस को दें। उन्होंने जोर देकर कहा कि जागरूकता ही साइबर ठगी से बचाव का सबसे प्रभावी तरीका है।