पेपर लीक मामला : दिल्ली हाईकोर्ट ने बनाई फास्ट ट्रैक कोर्ट, जस्टिस अनु ग्रोवर बलिगा होंगी स्पेशल जज

दिल्ली हाईकोर्ट ने सार्वजनिक परीक्षाओं में पेपर लीक और नकल से जुड़े मामलों की सुनवाई के लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट गठित की है। जस्टिस अनु ग्रोवर बलिगा को स्पेशल जज नियुक्त किया गया है।

पेपर लीक मामला : दिल्ली हाईकोर्ट ने बनाई फास्ट ट्रैक कोर्ट, जस्टिस अनु ग्रोवर बलिगा होंगी स्पेशल जज

पेपर लीक और परीक्षा में कदाचार से जुड़े मामलों की सुनवाई के लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट गठित
जस्टिस अनु ग्रोवर बलिगा को बनाया गया स्पेशल जज, राउज एवेन्यू कोर्ट से करेगी काम
पीएम मोदी के ऐलान के बाद युवाओं के हितों की सुरक्षा की दिशा में बड़ा कदम


देशभर में पेपर लीक और परीक्षा में गड़बड़ी के मामलों पर सख्ती बढ़ाते हुए दिल्ली हाईकोर्ट ने बड़ा फैसला लिया है। हाईकोर्ट ने सार्वजनिक परीक्षाओं में पेपर लीक और अनुचित साधनों (नकल) से जुड़े आपराधिक मामलों की सुनवाई के लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट का गठन किया है। इस अदालत में ऐसे मामलों की सुनवाई तेजी से होगी, ताकि दोषियों के खिलाफ जल्द कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके।

हाईकोर्ट की ओर से जारी अधिसूचना के अनुसार जस्टिस अनु ग्रोवर बलिगा को इस फास्ट ट्रैक कोर्ट का स्पेशल जज नियुक्त किया गया है। यह अदालत राउज एवेन्यू कोर्ट कॉम्प्लेक्स से संचालित होगी और सार्वजनिक परीक्षाओं में होने वाले पेपर लीक व नकल से जुड़े आपराधिक मामलों की विशेष रूप से सुनवाई करेगी।

पीएम मोदी की घोषणा के बाद उठाया गया कदम

फास्ट ट्रैक कोर्ट के गठन को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की उस घोषणा के बाद महत्वपूर्ण माना जा रहा है, जिसमें उन्होंने पेपर लीक के मामलों में तेजी से न्याय दिलाने के लिए विशेष अदालतें बनाने की बात कही थी।

प्रधानमंत्री ने कहा था कि देश के युवाओं का भविष्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है और उनके भविष्य से खिलवाड़ करने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को पेपर लीक रोकने और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए थे।

छात्रों के आंदोलन के बीच आया फैसला

यह फैसला ऐसे समय में आया है, जब हाल ही में कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के नेतृत्व में बड़ी संख्या में छात्रों ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर 'संसद चलो' मार्च निकाला था। छात्रों ने विभिन्न परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं और पेपर लीक के मामलों पर सरकार से सख्त कार्रवाई की मांग की थी।

युवाओं का भरोसा बढ़ाने की कोशिश

पेपर लीक की घटनाओं ने पिछले कुछ वर्षों में लाखों अभ्यर्थियों की मेहनत और भविष्य पर सवाल खड़े किए हैं। ऐसे में फास्ट ट्रैक कोर्ट के गठन को न्यायिक प्रक्रिया में तेजी लाने और युवाओं का भरोसा मजबूत करने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है। अब उम्मीद की जा रही है कि ऐसे मामलों में जल्द सुनवाई और त्वरित फैसले होंगे।