पांडु पिंडारा तीर्थ पर उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़, सर्वपितृ अमावस्या पर हजारों ने किया स्नान

जींद के पांडु पिंडारा तीर्थ पर सर्वपितृ अमावस्या के अवसर पर हजारों श्रद्धालुओं ने स्नान किया। सुरक्षा के लिए 200 से अधिक पुलिसकर्मी तैनात रहे।

पांडु पिंडारा तीर्थ पर उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़, सर्वपितृ अमावस्या पर हजारों ने किया स्नान

जींद के पांडु पिंडारा तीर्थ पर सर्वपितृ अमावस्या के अवसर पर हजारों श्रद्धालुओं ने लगाई आस्था की डुबकी

➤ सुरक्षा के लिए 200 से अधिक पुलिसकर्मी तैनात, 9 स्पेशल नाके बनाए और 4 स्थानों पर की गई पार्किंग की व्यवस्था

➤ एसडीएम सत्यवान सिंह मान ने व्यवस्थाओं का लिया जायजा, श्रद्धालुओं से निर्धारित स्थानों पर स्नान करने की अपील

जींद। सर्वपितृ अमावस्या के अवसर पर शनिवार को जींद जिले के पांडु पिंडारा स्थित ऐतिहासिक तीर्थ पर हजारों श्रद्धालु स्नान करने पहुंचे। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इस तीर्थ का विशेष महत्व है। अमावस्या के अवसर पर श्रद्धालुओं ने सरोवर में आस्था की डुबकी लगाई और स्नान के बाद पूजा-अर्चना की। श्रद्धालुओं की भीड़ को देखते हुए पुलिस और जिला प्रशासन ने सुरक्षा से लेकर बुनियादी सुविधाओं तक के व्यापक इंतजाम किए। मेले के दौरान 200 से अधिक पुलिसकर्मियों और अधिकारियों की ड्यूटी लगाई गई, जबकि सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए 9 स्पेशल नाके बनाए गए और 4 स्थानों पर पार्किंग की व्यवस्था की गई।

तीर्थ पर श्रद्धालुओं की आवाजाही और स्नान के दौरान सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए विशेष प्रबंध किए गए। सरोवर में किसी अप्रिय घटना से बचाव के लिए नावों के साथ गोताखोरों को तैनात किया गया। डीएसपी ऋषभ सोढ़ी को सुरक्षा व्यवस्था का नोडल अधिकारी बनाया गया। वहीं, एसपी कुलदीप सिंह के निर्देश पर पुलिसकर्मियों की विशेष ड्यूटी लगाई गई। सादी वर्दी में भी पुलिसकर्मी तैनात रहे, ताकि भीड़ के बीच संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखी जा सके।

एसडीएम ने तीर्थ पर पहुंचकर व्यवस्थाओं का लिया जायजा

श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की परेशानी न हो, इसके लिए प्रशासन ने पहले से ही तैयारियां शुरू कर दी थीं। एसडीएम सत्यवान सिंह मान ने शुक्रवार को पांडु पिंडारा तीर्थ का निरीक्षण किया और वहां की व्यवस्थाओं का जायजा लिया। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा के लिए सभी जरूरी इंतजाम सुनिश्चित करने के सख्त निर्देश दिए।

निरीक्षण के दौरान पेयजल आपूर्ति, बिजली, अस्थायी शौचालयों और अन्य जरूरी सुविधाओं की समीक्षा की गई। प्रशासन की ओर से यह सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया कि बाहर से आने वाले श्रद्धालुओं को धार्मिक अनुष्ठान करने के लिए सुरक्षित और सुविधाजनक वातावरण मिले। अधिकारियों को व्यवस्थाओं में किसी प्रकार की कमी नहीं रहने देने के निर्देश दिए गए।

संदिग्धों पर नजर रखने के लिए सादी वर्दी में भी पुलिस तैनात

एसपी कुलदीप सिंह ने कहा कि पांडु पिंडारा तीर्थ का खास धार्मिक महत्व है और यहां बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की उम्मीद रहती है। इसे देखते हुए पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों की विशेष ड्यूटी लगाई गई है। सुरक्षा व्यवस्था के तहत सादी वर्दी में भी पुलिसकर्मी तैनात किए गए हैं, जो भीड़ के बीच संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखेंगे।

उन्होंने आमजन से पुलिस की हिदायतों का पालन करने की अपील की। साथ ही कहा कि यदि किसी व्यक्ति को कोई संदिग्ध गतिविधि दिखाई देती है, तो इसकी सूचना तत्काल पुलिस को दी जाए। पुलिस का उद्देश्य श्रद्धालुओं की सुरक्षा सुनिश्चित करना और धार्मिक आयोजन के दौरान व्यवस्था बनाए रखना है।

श्रद्धालुओं के लिए जारी की गई विशेष गाइडलाइन

तीर्थ पर उमड़ने वाली भीड़ को देखते हुए पुलिस और प्रशासन ने श्रद्धालुओं के लिए विशेष दिशा-निर्देश जारी किए। प्रशासन ने लोगों से अपील की कि वे स्नान और पूजा के दौरान सावधानी बरतें तथा सुरक्षा नियमों का पालन करें।

गाइडलाइन के अनुसार, बुजुर्गों, महिलाओं और बच्चों को अकेला नहीं छोड़ने की सलाह दी गई है। भीड़भाड़ वाले स्थानों पर धैर्य बनाए रखने और धक्का-मुक्की से बचने को कहा गया है। श्रद्धालुओं से अपने वाहनों को मुख्य मार्गों पर खड़ा करने के बजाय निर्धारित पार्किंग स्थलों में पार्क करने की अपील की गई है।

इसके अलावा, लोगों को केवल निर्धारित स्थानों पर ही स्नान करने और गहरे पानी में जाने से बचने की हिदायत दी गई है। प्रशासन ने श्रद्धालुओं से अपने कीमती सामान का ध्यान रखने तथा किसी भी संदिग्ध वस्तु को नहीं छूने की अपील की। ऐसी कोई वस्तु दिखाई देने पर तुरंत पुलिस को सूचना देने के निर्देश दिए गए हैं।

चार स्थानों पर बनाई गई पार्किंग की व्यवस्था

श्रद्धालुओं और उनके वाहनों की आवाजाही को व्यवस्थित रखने के लिए पुलिस ने चार स्थानों पर पार्किंग की व्यवस्था की। इसका उद्देश्य मुख्य मार्गों पर वाहनों की भीड़ को नियंत्रित करना और तीर्थ तक आने-जाने वाले लोगों को सुविधा देना है।

पार्किंग के लिए बस स्टैंड के सामने ठेके के पीछे खाली पड़ी जमीन, गांव पिंडारा में पावर हाउस कार्यालय के पास खाली पड़ी जमीन और सरोवर के सामने छोटे वाहनों के लिए स्थान निर्धारित किया गया। इसके अलावा, रोहतक रोड पुल के नीचे सर्विस लेन के दोनों तरफ भी पार्किंग की व्यवस्था की गई है। प्रशासन ने श्रद्धालुओं से अपील की कि वे निर्धारित स्थानों पर ही वाहन खड़े करें, ताकि यातायात व्यवस्था सुचारु बनी रहे।

पांडु पिंडारा तीर्थ का क्या है ऐतिहासिक महत्व

पांडु पिंडारा तीर्थ को लेकर धार्मिक मान्यता है कि पांडवों ने सोमवती अमावस्या के दिन यहां अपने पूर्वजों का पिंडदान किया था। इसी मान्यता के चलते सोमवती अमावस्या पर इस तीर्थ में श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ती है। यहां स्नान और पूजा-अर्चना के साथ पितरों के निमित्त धार्मिक अनुष्ठान किए जाते हैं।

सोमवती अमावस्या के बाद श्राद्ध की अमावस्या का भी विशेष धार्मिक महत्व माना जाता है। इसी कारण इस अवसर पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु पांडु पिंडारा पहुंचते हैं। धार्मिक आस्था के इस केंद्र पर आने वाले लोगों की सुविधा और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए पुलिस तथा जिला प्रशासन ने व्यापक प्रबंध किए।