टाइगर श्रॉफ पर फायरिंग करने वाले सोनीपत के शार्प शूटर की मां ने बताया चौंकाने वाला राज आखिर क्यों दिया वारदात को अंजाम
टाइगर श्रॉफ फायरिंग केस में गिरफ्तार रेहान की मां ने 2 लाख रुपये की नौकरी का लालच देकर बेटे को मुंबई ले जाने का दावा किया है।
➤ खाना खाते-खाते घर से निकला, फिर अचानक फोन हुआ बंद
➤ 2 लाख रुपये की नौकरी का सपना दिखाकर मुंबई ले जाने का मां ने लगाया आरोप
➤ मां बोली- बेटे ने गलत किया तो सजा मिले, लेकिन उसे फंसाने वालों को भी खोजा जाए
सोनीपत के एक छोटे से घर में उस दिन सब कुछ बिल्कुल सामान्य था। रेहान परिवार के साथ था और खाना खा रहा था। तभी बाहर से कोई उसे बुलाने आया। रेहान ने घरवालों से कहा कि वह काम से जा रहा है। वह घर से निकला और फिर ऐसा गायब हुआ कि परिवार को कई दिनों तक यह तक पता नहीं चला कि वह आखिर गया कहां है। फोन मिलाया गया तो मोबाइल बंद मिला। घरवालों को लगा शायद काम के सिलसिले में कहीं गया होगा। लेकिन उन्हें क्या पता था कि उनका बेटा मुंबई पहुंच चुका है और एक सनसनीखेज फायरिंग मामले में पुलिस की गिरफ्त में है।
बॉलीवुड अभिनेता टाइगर श्रॉफ पर हुई फायरिंग के मामले में गिरफ्तार किए गए कथित शार्प शूटर रेहान की मां ने अब पहली बार मीडिया के सामने अपने बेटे को लेकर दर्द और कई सवाल साझा किए हैं। मां के मुताबिक, उनका बेटा अपराध की दुनिया का हिस्सा बनने के लिए घर से नहीं निकला था। वह तो गरीबी के कारण पढ़ाई छोड़कर काम सीख रहा था। मां का दावा है कि इसी दौरान उसे अच्छी नौकरी और 2 लाख रुपये कमाने का लालच दिया गया और एक युवक उसे अपने साथ ले गया। यहीं से इस कहानी में सबसे बड़ा सवाल खड़ा होता है।
आखिर रेहान को घर से बुलाने कौन आया था।
उसने परिवार से क्या कहा था। वह सोनीपत से मुंबई तक कैसे पहुंचा और जिस काम के लिए उसे ले जाने की बात कही गई थी, वह आखिर किस तरह उसे फायरिंग के मामले तक ले आया।
वह आखिरी दिन... जब रेहान घर से निकला था
रेहान की मां के मुताबिक, करीब 20 दिन पहले उनका बेटा घर में बैठकर खाना खा रहा था। तभी एक व्यक्ति उसे बाहर बुलाने आया। रेहान ने बताया कि वह काम से जा रहा है और घर से निकल गया।
इसके बाद परिवार उसका इंतजार करता रहा। जब काफी समय तक वह वापस नहीं आया तो परिजनों ने उसके मोबाइल पर फोन करना शुरू किया। लेकिन हर बार फोन स्विच ऑफ मिला। परिवार को यह भी नहीं पता था कि रेहान कहां गया है।
मां का कहना है कि उन्हें बिल्कुल अंदाजा नहीं था कि उनका बेटा मुंबई पहुंच चुका है। यानी जिस लड़के के घरवालों को उसके अगले ठिकाने तक की जानकारी नहीं थी, वह कुछ समय बाद हजारों किलोमीटर दूर मुंबई में पुलिस के सामने था।
‘हमें पता ही नहीं था कि वह मुंबई चला गया’
रेहान की मां ने बेहद भावुक होकर बताया कि उन्हें बेटे के मुंबई जाने की कोई जानकारी नहीं थी। उनके मुताबिक, बेटा खाना खा रहा था और तभी कोई व्यक्ति उसे बाहर बुलाने आया। वह काम की बात कहकर चला गया। इसके बाद परिवार फोन करता रहा, लेकिन मोबाइल बंद मिलता रहा। मां ने साफ कहा कि उनके बेटे ने जो किया, वह गलत किया। वह बेटे के कथित अपराध का बचाव नहीं कर रही हैं। लेकिन उनका सवाल यह है कि अगर किसी ने उसे लालच देकर इस रास्ते पर पहुंचाया है तो उस व्यक्ति तक भी पुलिस को पहुंचना चाहिए।
फिर सामने आया ‘2 लाख रुपये’ का लालच
रेहान की मां के मुताबिक, उनका बेटा पढ़ाई छोड़ चुका था और परिवार की आर्थिक स्थिति ठीक नहीं थी। वह गुरुग्राम में वेल्डिंग का काम सीख रहा था, ताकि आगे कमाई करके परिवार का सहारा बन सके।
इसी दौरान एक युवक उसके संपर्क में आया। मां का दावा है कि वह युवक बिहार का रहने वाला था। उसने रेहान से कहा कि वह अपने भाई के साथ उसे काम दिला देगा। काम के बदले उसे करीब 2 लाख रुपये मिलने की बात कही गई।
एक गरीब परिवार के युवक के लिए 2 लाख रुपये की कमाई का वादा कितना बड़ा लालच हो सकता है, शायद यही वजह थी कि रेहान उस युवक के साथ चला गया। लेकिन इसके बाद कहानी ने ऐसा मोड़ लिया, जिसकी कल्पना शायद उसके परिवार ने भी नहीं की थी। जिस बेटे के लिए मां नौकरी की उम्मीद कर रही थी, उसी बेटे का नाम अब मुंबई के एक फायरिंग केस से जुड़ चुका था।
मां के सामने अब दो सवाल, दोनों का जवाब जरूरी
रेहान की मां के सामने आज सबसे बड़ा सवाल यही है कि आखिर उनके बेटे के साथ हुआ क्या। अगर वह सच में किसी के कहने पर मुंबई गया था तो उसे वहां किसने बुलाया। उसे क्या काम बताया गया था। और वह उस स्थिति तक कैसे पहुंचा जहां पुलिस ने उसे फायरिंग मामले में गिरफ्तार कर लिया। मां का कहना है कि उनके बेटे ने गलत किया है तो उसे कानून के मुताबिक सजा मिलनी चाहिए। लेकिन अगर किसी ने उसे पैसे और काम का लालच देकर इस रास्ते पर धकेला है तो उस व्यक्ति की भूमिका की भी जांच होनी चाहिए। यही वजह है कि मां की अपील सिर्फ अपने बेटे को घर वापस लाने की नहीं है। वह चाहती हैं कि पूरी कहानी सामने आए।
‘मेरे पास मुंबई जाने के पैसे भी नहीं’
इस कहानी का सबसे दर्दनाक हिस्सा शायद यही है। रेहान की मां अपने बेटे की स्थिति जानना चाहती हैं, लेकिन उनके पास मुंबई जाने तक के पैसे नहीं हैं। उन्हें यह भी स्पष्ट जानकारी नहीं है कि उनका बेटा इस समय किस पुलिस कस्टडी में है और उसकी हालत कैसी है। एक मां के लिए इससे बड़ी बेबसी क्या होगी कि उसका बेटा हजारों किलोमीटर दूर पुलिस की गिरफ्त में हो और वह चाहकर भी उसके पास न पहुंच सके। उन्होंने सरकार से हाथ जोड़कर अपील की है कि अगर उनके बेटे ने अपराध किया है तो उसे सजा मिले, लेकिन जिसने उसे इस रास्ते पर पहुंचाया, उसे भी कानून के सामने लाया जाए। मां ने कहा कि वह अपने बेटे के लिए इंसाफ चाहती हैं, लेकिन साथ ही जिस व्यक्ति को गोली लगी उसके लिए भी
. इंसाफ होना चाहिए।
अब सबसे बड़ा सवाल यही है...
रेहान की मां की कहानी ने टाइगर श्रॉफ फायरिंग केस में एक अलग पहलू सामने रखा है। यह पहलू सिर्फ एक आरोपी की गिरफ्तारी तक सीमित नहीं है, बल्कि उसके घर से निकलने, नौकरी के नाम पर साथ जाने और फिर मुंबई पहुंचने की कड़ी से जुड़ा है। फिलहाल मां के दावे अपनी जगह हैं और मामले की वास्तविक तस्वीर जांच के बाद ही पूरी तरह साफ होगी। लेकिन इस कहानी ने एक सवाल जरूर छोड़ दिया है। जिस युवक को मां के मुताबिक 2 लाख रुपये की नौकरी का सपना दिखाकर घर से ले जाया गया था, वह आखिर फायरिंग केस का आरोपी कैसे बन गया। इस सवाल का जवाब ही शायद रेहान की उस कहानी की सबसे अहम कड़ी है, जिसका सच अब जांच के सामने आने का इंतजार है।
Akhil Mahajan