नांदेड़ के गुरुद्वारे में सुखबीर बादल पर हमला, निहंग ने कृपाण से किया वार; 2024 की फायरिंग के बाद फिर निशाने पर SAD प्रमुख
नांदेड़ के गुरुद्वारे में सुखबीर सिंह बादल पर निहंग ने कृपाण से हमला किया। आरोपी जसपाल सिंह गिरफ्तार हुआ। 2024 में गोल्डन टेंपल में भी फायरिंग हुई थी।
➤ नांदेड़ के गुरुद्वारा माता साहिब कौर में सुखबीर बादल पर निहंग ने कृपाण से किया हमला
➤ सुरक्षाकर्मी ने हमलावर को रोकने की कोशिश की, आरोपी जसपाल सिंह गिरफ्तार
➤ 2024 में गोल्डन टेंपल में फायरिंग के बाद फिर हमला, फडणवीस ने जांच के आदेश दिए
महाराष्ट्र के नांदेड़ में शिरोमणि अकाली दल (SAD) के अध्यक्ष और पंजाब के पूर्व उपमुख्यमंत्री सुखबीर सिंह बादल पर गुरुवार को हमला हुआ। वह परिवार के साथ गुरुद्वारा माता साहिब कौर में माथा टेकने पहुंचे थे। इसी दौरान एक निहंग ने उन पर कृपाण से वार कर दिया। हमले में सुखबीर बादल के हाथ में चोट लगी। उन्हें उपचार के लिए यशोसाई अस्पताल में भर्ती कराया गया। घटना के दौरान उनकी सुरक्षा में तैनात पुलिसकर्मी संतोष हेगड़े भी हमलावर को रोकने की कोशिश में घायल हुआ। पुलिस ने हमले के आरोपी निहंग जसपाल सिंह को गिरफ्तार कर लिया है। घटना की जांच की जा रही है।
घटना गुरुवार दोपहर करीब 1 बजे की बताई जा रही है। सुखबीर बादल परिवार के साथ नांदेड़ के तख्त श्री हजूर साहिब पहुंचे थे। हमले के बाद मौके पर मौजूद सुरक्षा कर्मियों ने तुरंत आरोपी को काबू किया। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि हमला किस वजह से किया गया और इसके पीछे आरोपी का वास्तविक मकसद क्या था। घटना से जुड़े CCTV फुटेज और चश्मदीदों की जानकारी भी जुटाई जा रही है।
सुखबीर बादल के हमले की जानकारी सामने आने के बाद राजनीतिक स्तर पर भी प्रतिक्रिया शुरू हो गई। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उनकी सांसद पत्नी हरसिमरत कौर बादल को फोन कर सुखबीर बादल का हाल जाना। महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने नांदेड़ के पुलिस अधीक्षक से बात की और घटना की जांच के आदेश दिए।
हमलावर जसपाल सिंह कौन है?
पुलिस जांच में आरोपी की पहचान जसपाल सिंह के रूप में हुई है। सामने आई जानकारी के मुताबिक वह पुणे का रहने वाला है और करीब दो साल से इसी गुरुद्वारे में सेवा कर रहा था। बताया जा रहा है कि गुरुद्वारे में सेवा करने से पहले वह कोर्ट में वकालत करता था। उसकी उम्र 62 साल बताई गई है।
घटना के समय जसपाल सिंह निहंग के वेश में गुरुद्वारा परिसर के पास मौजूद था। उपलब्ध जानकारी के अनुसार किसी बात को लेकर बहस हुई और इसके बाद उसने अचानक कृपाण से सुखबीर बादल पर हमला कर दिया। हालांकि, हमले की असली वजह अभी साफ नहीं हुई है। पुलिस आरोपी से पूछताछ कर रही है और यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि विवाद किस बात को लेकर हुआ था।
हमले के तुरंत बाद पुलिस ने आरोपी को दबोच लिया। अब जांच का फोकस घटना के पूरे क्रम, आरोपी की पृष्ठभूमि, उसके मकसद और मौके पर मौजूद लोगों से मिली जानकारी पर है।
सोशल मीडिया पर वीडियो से भी उठे सवाल
घटना के बाद सोशल मीडिया पर एक वीडियो सामने आया है, जिसमें दावा किया जा रहा है कि हमला करने वाले निहंग को सम्मानित किया गया था। हालांकि, वीडियो को लेकर किए जा रहे दावे की अभी पुष्टि नहीं हुई है।
दावा किया जा रहा है कि वीडियो में जिस निहंग को दस्तार बांधी जा रही है, वही सुखबीर बादल पर हमला करने वाला व्यक्ति है। वीडियो में एक पुलिसकर्मी भी दिखाई देता है, जो बाद में उसे पकड़कर ले जाता है। इस वीडियो और इसके दावे की वास्तविकता पुलिस जांच के बाद ही स्पष्ट होगी।
अकाली दल ने जताई साजिश की आशंका
घटना के बाद अकाली दल के प्रवक्ता एडवोकेट अर्शदीप सिंह कलेर ने कहा कि सुखबीर बादल पूरी तरह स्वस्थ हैं। उन्होंने कहा कि मामला महाराष्ट्र का है और वहां की पुलिस जांच करेगी कि हमलावर कौन है और उसने किसके कहने पर हमला किया।
कलेर ने आरोप लगाया कि इसके पीछे कुछ सिख धर्म विरोधी ताकतों की साजिश हो सकती है। हालांकि, यह एक राजनीतिक आरोप है और इसकी पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।
अकाल तख्त जत्थेदार बोले- सच्चा सिख किसी पर हमला नहीं कर सकता
इस घटना पर सिखों की सर्वोच्च संस्था श्री अकाल तख्त साहिब के जत्थेदार ज्ञानी कुलदीप सिंह गड़गज ने भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि गुरुद्वारा साहिब ऐसी जगह है, जहां श्रद्धालु सभी की भलाई के लिए अरदास करने आते हैं।
उन्होंने कहा कि सच्चा सिख किसी ऐसे व्यक्ति पर हमला नहीं कर सकता, जो गुरुद्वारा साहिब में माथा टेकने आया हो। उनके मुताबिक ऐसी घटनाओं से गुरुद्वारों की मर्यादा को ठेस पहुंचती है और पूरे सिख समुदाय की छवि को नुकसान होता है।
2024 में गोल्डन टेंपल में भी हुई थी फायरिंग
सुखबीर सिंह बादल पर यह पहला हमला नहीं है। इससे पहले 4 दिसंबर 2024 को अमृतसर के गोल्डन टेंपल के प्रवेश द्वार पर उन पर फायरिंग की गई थी। उस हमले में वह बाल-बाल बच गए थे।
यह घटना उस समय हुई थी, जब सुखबीर बादल अकाल तख्त की ओर से सुनाई गई धार्मिक सजा (तनखैया) भुगत रहे थे। उन्हें सिखों की सर्वोच्च संस्था अकाल तख्त ने धार्मिक रूप से दोषी घोषित किया था। यह सजा अकाली दल सरकार के दौरान हुई गुरु ग्रंथ साहिब की बेअदबी की घटनाओं के प्रायश्चित के रूप में दी गई थी।
हमले वाले दिन उनकी सजा का दूसरा दिन था। पैर में फ्रैक्चर होने के कारण वह व्हीलचेयर पर बैठे थे। गले में पट्टी लटकी हुई थी, नीली पोशाक पहने थे और हाथ में भाला लेकर द्वार पर पहरेदार के रूप में सेवा दे रहे थे। इसी दौरान उन पर फायरिंग की गई थी।
2024 की उस घटना के करीब दो साल बाद अब नांदेड़ के गुरुद्वारे में दोबारा सुखबीर बादल को निशाना बनाए जाने से सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं। इस बार भी हमलावर को मौके पर ही पकड़ लिया गया, लेकिन हमले की वजह और इसके पीछे किसी बड़ी साजिश की आशंका को लेकर जांच आगे बढ़ रही है।
फिलहाल पुलिस आरोपी जसपाल सिंह से पूछताछ कर रही है। CCTV फुटेज और चश्मदीदों की जानकारी के आधार पर घटना की कड़ियां जोड़ी जा रही हैं। महाराष्ट्र सरकार ने भी मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच के निर्देश दिए हैं।
Akhil Mahajan