खरगे की रैली के बाद शुद्धिकरण,हल्द्वानी में हवन पर शैलजा का बीजेपी पर हमला

हल्द्वानी में मल्लिकार्जुन खरगे की रैली के बाद शुद्धिकरण हवन को लेकर विवाद बढ़ा। कुमारी शैलजा ने बीजेपी-आरएसएस पर संविधान और समानता के सवाल उठाए।

खरगे की रैली के बाद शुद्धिकरण,हल्द्वानी में हवन पर शैलजा का बीजेपी पर हमला

हल्द्वानी में खरगे की रैली के बाद शुद्धिकरण हवन को लेकर सियासी विवाद

➤ कुमारी शैलजा ने बीजेपी-आरएसएस पर संविधान के समानता सिद्धांत के उल्लंघन का आरोप लगाया

➤ शैलजा बोलीं- उत्तराखंड को ऐसी विचारधारा और मानसिकता से शुद्धिकरण की जरूरत

देहरादून। उत्तराखंड के हल्द्वानी में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे की रैली के बाद रामलीला मैदान में कथित तौर पर किए गए ‘शुद्धिकरण’ हवन को लेकर सियासी विवाद खड़ा हो गया है। कांग्रेस सांसद कुमारी शैलजा ने इस घटना को लेकर बीजेपी और आरएसएस की विचारधारा पर तीखा हमला बोला है।

कुमारी शैलजा ने कहा कि एक तरफ बीजेपी-आरएसएस सरकार तिरंगा यात्रा निकालने और देशभक्ति का प्रचार करने की बात करती है, वहीं दूसरी तरफ विपक्ष के नेताओं के मामले में संविधान में दिए गए समानता के सिद्धांत का कथित तौर पर उल्लंघन किया जा रहा है।

खरगे की रैली के बाद हवन पर सवाल।

कांग्रेस सांसद ने कहा कि हल्द्वानी में जिस रामलीला मैदान में मल्लिकार्जुन खरगे और कांग्रेस नेताओं ने रैली की थी, उसी स्थान पर बाद में ‘शुद्धिकरण’ हवन किया गया।

उन्होंने सवाल उठाया कि आखिर इस तरह का ‘शुद्धिकरण’ किस मानसिकता को दर्शाता है। शैलजा ने कहा कि ऐसी घटनाएं देश में संविधान की ओर से दिए गए समानता के अधिकार को लेकर गंभीर सवाल खड़े करती हैं।

बीजेपी-आरएसएस की विचारधारा पर निशाना।

कुमारी शैलजा ने आरोप लगाया कि यह स्थिति बीजेपी-आरएसएस सरकार और उनकी विचारधारा के लिए शर्म की बात है। उन्होंने कहा कि संविधान देश के सभी नागरिकों और राजनीतिक विचारधाराओं के लिए समानता की गारंटी देता है।

उन्होंने कहा कि देश और दुनिया जिस समानता के सिद्धांत को मानती है, उसका खुलेआम उल्लंघन नहीं होना चाहिए। उनके अनुसार, सत्ता में बैठे लोगों की जिम्मेदारी है कि ऐसी घटनाओं पर कार्रवाई की जाए।

‘उत्तराखंड को ऐसी मानसिकता से शुद्धिकरण की जरूरत’।

शैलजा ने कहा कि अगर शुद्धिकरण की बात ही करनी है तो उत्तराखंड को ऐसी विचारधारा, सोच और मानसिकता से शुद्धिकरण की जरूरत है।

उन्होंने कहा कि राज्य को ऐसी मानसिकता से मुक्त करने की जरूरत है, जिसमें विपक्ष के नेताओं की रैली के बाद उस स्थान को शुद्ध करने जैसी गतिविधियां की जाती हैं।

कांग्रेस सांसद ने यह भी कहा कि उत्तराखंड में बीजेपी की सरकार है और वहां सरकार बड़े-बड़े दावे करती है। ऐसे में इस तरह की घटना होने पर कार्रवाई क्यों नहीं की गई, यह भी सवाल है।

कार्रवाई नहीं होने पर भी उठाए सवाल।

कुमारी शैलजा ने राज्य सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि अगर ऐसी घटनाएं होती हैं और सत्ता में बैठे लोग कोई कार्रवाई नहीं करते, तो यह भी चिंता का विषय है।

उन्होंने कहा कि उत्तराखंड को ऐसी घटनाओं और ऐसी सोच से मुक्त करने की जरूरत है। कांग्रेस नेता के बयान के बाद इस मामले ने राज्य की राजनीति में एक नया विवाद खड़ा कर दिया है।