मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ सड़क पर 19 पार्टियां, अखिलेश बोले- चुनाव आयोग भाजपा के लिए काम कर रहा; SIR में 13 करोड़ नाम कटने का दावा

SIR के विरोध और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर 19 विपक्षी दल दिल्ली में मार्च करेंगे। अखिलेश यादव ने चुनाव आयोग पर आरोप लगाए।

मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ सड़क पर 19 पार्टियां, अखिलेश बोले- चुनाव आयोग भाजपा के लिए काम कर रहा; SIR में 13 करोड़ नाम कटने का दावा

➤ SIR के विरोध और CEC ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर 19 विपक्षी दलों का मार्च
➤ अखिलेश यादव ने चुनाव आयोग पर भाजपा के लिए काम करने का आरोप लगाया
➤ मल्लिकार्जुन खड़गे ने SIR में 13 करोड़ वोटर के नाम कटने का दावा किया


SIR यानी स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन के विरोध और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर दिल्ली में विपक्षी दलों का राजनीतिक प्रदर्शन होने जा रहा है। INDIA ब्लॉक की 19 पार्टियां चुनाव आयोग का घेराव करेंगी और विपक्षी सांसद ‘सेव डेमोक्रेसी मार्च’ निकालते हुए चुनाव आयोग मुख्यालय तक पैदल जाएंगे। करीब 3 किलोमीटर लंबे इस मार्च को देखते हुए संसद मार्ग, जंतर-मंतर और चुनाव आयोग के आसपास सुरक्षा बढ़ा दी गई है। पुलिस, रैपिड एक्शन फोर्स समेत बड़ी संख्या में सुरक्षाबलों की तैनाती की गई है।

समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव भी मार्च में शामिल होने के लिए दिल्ली पहुंच गए हैं। उन्होंने चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि चुनाव आयोग सिर्फ भाजपा के लिए काम कर रहा है। अखिलेश यादव ने कहा कि चुनाव आयोग को लेकर शिकायतें और आपत्तियां नई नहीं हैं और पहले भी उसकी कार्यप्रणाली पर सवाल उठते रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि आयोग का रवैया ऐसा दिखता है, जैसे केवल बीजेपी के सदस्य ही भारतीय नागरिक हैं और उन्हीं को वोट देने का अधिकार है।

कांग्रेस ने रखीं तीन प्रमुख मांगें

कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने एक दिन पहले अपनी तीन मांगों को नॉन-नेगोशिएबल बताया था। इनमें पहली मांग मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की है। दूसरी मांग SIR को रद्द करने की है, जबकि तीसरी मांग चुनाव में बैलेट पेपर से मतदान कराने की है।

खड़गे ने दावा किया है कि SIR के तहत 13 करोड़ वोटर के नाम काटे गए हैं। यह आंकड़ा विपक्ष की ओर से लगाया गया दावा है, जिसे लेकर कांग्रेस और अन्य विपक्षी दल लगातार चुनाव प्रक्रिया और मतदाता सूची को लेकर सवाल उठा रहे हैं।

उदित राज बोले- ज्ञानेश कुमार को पद से हटना पड़ेगा

कांग्रेस नेता उदित राज ने कहा कि ज्ञानेश कुमार को पद से हटना ही पड़ेगा। उन्होंने कहा कि आज नहीं तो कल उन्हें जाना ही होगा। उदित राज ने आरोप लगाया कि जब वे सत्ता या पद पर नहीं रहेंगे, तब करोड़ों लोगों के वोट के अधिकार को कथित तौर पर छीनने के अपराध की सजा उन्हें भुगतनी पड़ेगी।

उन्होंने आगे आरोप लगाया कि इस तरह से बनाई गई सरकारें पूरी तरह गैरकानूनी हैं। उनके बयान से साफ है कि विपक्ष चुनाव आयोग की भूमिका और मतदाता सूची में कथित बदलावों को लेकर सरकार और चुनाव आयोग पर लगातार राजनीतिक दबाव बना रहा है।

मनोज झा ने भी चुनाव की निष्पक्षता पर उठाए सवाल

RJD सांसद मनोज झा ने कहा कि अगर फॉर्म-6 को मंजूरी ही नहीं दी गई थी और एकतरफा फैसलों को रद्द करने की बात कही गई है, तो अब किसी तैयारी की जरूरत नहीं होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि ज्ञानेश कुमार की अध्यक्षता में चुनाव निष्पक्ष नहीं हो सकते।

मनोज झा ने कहा कि INDIA ब्लॉक के सांसद आज चुनाव आयोग की ओर मार्च करेंगे। उन्होंने देश में लोकतंत्र की संस्थाओं को मजबूत करने की जरूरत पर भी जोर दिया।

JMM सांसद ने कई राज्यों में चुनाव प्रक्रिया प्रभावित होने का लगाया आरोप

JMM सांसद विजय कुमार हांसदक ने भी चुनाव आयोग की भूमिका पर सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव प्रक्रिया में सिस्टम और सुरक्षा बलों का गलत इस्तेमाल हुआ और लोगों के वोट देने के अधिकार को प्रभावित किया गया।

हांसदक ने दावा किया कि कई राज्यों में चुनाव प्रक्रिया को प्रभावित कर बीजेपी के पक्ष में किया गया। उन्होंने चुनाव आयोग में नियुक्तियों के तरीके को लेकर भी सवाल उठाए। उनका कहना है कि अब केवल विपक्ष ही नहीं, बल्कि आयोग के अंदर से भी सवाल उठ रहे हैं।

INDIA ब्लॉक की 19 पार्टियां मार्च में होंगी शामिल

विपक्षी दलों की ओर से निकाले जा रहे मार्च में INDIA ब्लॉक की 19 पार्टियां शामिल होंगी। इन दलों के पास लोकसभा में 178 सांसद और राज्यसभा में 62 सांसद हैं।

मार्च में शामिल होने वाली पार्टियों में कांग्रेस, समाजवादी पार्टी, टीएमसी, NCP (SP), शिवसेना (UBT), RJD, CPM, CPI, NC, PDP, JMM, CPI-ML, IUML, KC (M), MDMK, VCK, RSP, AIFB और KC (J) शामिल हैं।

विपक्षी सांसद संसद क्षेत्र से आगे बढ़ते हुए चुनाव आयोग मुख्यालय तक करीब 3 किलोमीटर पैदल जाएंगे। प्रदर्शन को देखते हुए दिल्ली के प्रमुख इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था बढ़ाई गई है।

SIR को लेकर चुनाव आयोग पर उठाए गए सवाल

SIR को लेकर चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर भी विपक्षी दल लगातार सवाल उठा रहे हैं। सामने आई एक रिपोर्ट के मुताबिक, चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी ने SIR से जुड़े फैसलों और आदेशों पर रिकॉर्ड में कम से कम 14 बार आपत्ति जताई थी।

रिपोर्ट में दावा किया गया है कि कुछ फैसले दोनों चुनाव आयुक्तों की जानकारी या सिफारिश के बिना जारी किए गए। इसी के बाद विपक्षी दल मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर देशभर में प्रदर्शन कर रहे हैं।

30 सितंबर की बैठक में विपक्ष ने रखी थीं पांच मांगें

30 सितंबर को हुई विपक्षी गठबंधन की बैठक में चुनाव प्रक्रिया और मतदाता सूची को लेकर पांच प्रमुख मांगें रखी गई थीं। पहली मांग मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की थी। विपक्ष ने मतदाता सूची में कथित दखल की जांच में सहयोग की भी बात कही थी।

दूसरी मांग मतदाता सूची में पारदर्शिता को लेकर थी। विपक्षी दलों ने मांग की थी कि वोटर लिस्ट में नाम जोड़ने, हटाने और सुधार की पूरी जानकारी बूथ और विधानसभा स्तर पर सार्वजनिक की जाए। किसी वैध मतदाता का नाम हटाने से पहले उसे नोटिस और अपील का मौका देने की मांग भी रखी गई थी।

तीसरी मांग SIR और वोटर के नाम हटाने से जुड़ी थी। विपक्ष का कहना था कि SIR के कारण बड़ी संख्या में वोटर मतदाता सूची से बाहर हो सकते हैं। साथ ही भविष्य के चुनावों में SIR से पहले की मतदाता सूची इस्तेमाल करने की मांग की गई थी।

चौथी मांग EVM की जगह बैलेट पेपर से चुनाव कराने की थी। विपक्षी दलों ने चुनाव में फिर से बैलेट पेपर इस्तेमाल करने और पहली बार वोट देने वालों के लिए रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया आसान बनाने की मांग की थी।

पांचवीं मांग विपक्षी दलों से एकजुट होने की अपील से जुड़ी थी। INDIA गठबंधन के दलों से चुनाव प्रक्रिया में पारदर्शिता और संस्थागत जवाबदेही के मुद्दे पर एकजुट रहने को कहा गया था। विपक्षी दलों ने यह भी कहा था कि लोकतंत्र में अंतिम अधिकार जनता का होना चाहिए।

पिछले साल भी हुआ था चुनाव आयोग तक मार्च

इससे पहले 11 अगस्त 2025 को INDIA गठबंधन के सांसदों ने संसद भवन से चुनाव आयोग के कार्यालय तक मार्च निकाला था। उस मार्च में राहुल गांधी, मल्लिकार्जुन खड़गे, शरद पवार समेत 25 विपक्षी दल शामिल हुए थे।

अब एक बार फिर SIR, मतदाता सूची और मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग को लेकर विपक्षी दल दिल्ली की सड़कों पर उतर रहे हैं। ऐसे में आज का मार्च चुनाव प्रक्रिया को लेकर विपक्ष और चुनाव आयोग के बीच चल रही राजनीतिक बहस को और तेज कर सकता है।