हरियाणा विधानसभा का मानसून सत्र 27 अगस्त से, 3 दिन चलेगा; कैबिनेट ने कई अहम प्रस्तावों पर लगाई मुहर

हरियाणा विधानसभा का मानसून सत्र 27 अगस्त से शुरू होगा और तीन दिन चलेगा। सत्र से पहले कैबिनेट बैठक में 8 प्रमुख प्रस्तावों पर चर्चा हुई, जिसमें ₹5,714.80 करोड़ का वॉटर सिक्योर हरियाणा प्रोजेक्ट भी शामिल है।

हरियाणा विधानसभा का मानसून सत्र 27 अगस्त से, 3 दिन चलेगा; कैबिनेट ने कई अहम प्रस्तावों पर लगाई मुहर

27 अगस्त से शुरू होगा हरियाणा विधानसभा का तीन दिवसीय मानसून सत्र
₹5,714.80 करोड़ के ‘वॉटर सिक्योर हरियाणा’ प्रोजेक्ट को कैबिनेट में मंजूरी का प्रस्ताव
कोचिंग सेंटरों का रजिस्ट्रेशन अनिवार्य करने समेत कई अहम फैसलों पर चर्चा


हरियाणा विधानसभा का मानसून सत्र 27 अगस्त से शुरू होगा और यह तीन दिन तक चलेगा। मुख्यमंत्री नायब सैनी की अध्यक्षता में चंडीगढ़ स्थित हरियाणा सिविल सचिवालय में हुई कैबिनेट बैठक में यह फैसला लिया गया। बैठक में प्रदेश से जुड़े कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर भी चर्चा हुई। कैबिनेट बैठक की पूरक कार्यसूची में कुल 8 प्रमुख प्रस्ताव चर्चा और अंतिम स्वीकृति के लिए रखे गए थे। बैठक में लिए गए अन्य फैसलों को लेकर मुख्यमंत्री नायब सैनी कुछ देर में विस्तार से जानकारी देंगे।

कैबिनेट बैठक में राज्य में बिना मानक और मनमाने ढंग से चल रहे कोचिंग सेंटरों को नियंत्रित करने के लिए ‘हरियाणा निजी कोचिंग संस्थानों का पंजीकरण और विनियमन नियम’ का प्रारूप भी रखा गया। प्रस्ताव को मंजूरी मिलने के बाद प्रदेश में कोचिंग सेंटरों का रजिस्ट्रेशन और रेगुलेशन अनिवार्य हो जाएगा।

कैबिनेट मीटिंग में पहुंचे मंत्री। (फाइल)

₹5,714.80 करोड़ का ‘वॉटर सिक्योर हरियाणा’ प्रोजेक्ट

प्रदेश में जल संरक्षण और जल प्रबंधन को मजबूत करने के लिए ‘वॉटर सिक्योर हरियाणा प्रोग्राम (WSHP)’ लागू करने का प्रस्ताव भी कैबिनेट के सामने रखा गया। इस प्रोजेक्ट की अनुमानित लागत ₹5,714.80 करोड़ रहेगी।

प्रस्तावित लागत में विश्व बैंक का ऋण ₹4,000.36 करोड़ और राज्य सरकार का हिस्सा ₹1,714.44 करोड़ रहेगा। इस कार्यक्रम के जरिए प्रदेश में जल संरक्षण और जल प्रबंधन को मजबूत करने की योजना है।

रिहायशी कॉलोनियों में खुल सकेंगे नर्सिंग होम

कैबिनेट बैठक में लाइसेंस प्राप्त रिहायशी कॉलोनियों में स्वास्थ्य सुविधाओं को बढ़ाने से जुड़ा प्रस्ताव भी शामिल रहा। इसके तहत नई नीति लाने की तैयारी है, जिससे नियमानुसार नर्सिंग होम स्थापित करने की अनुमति मिल सकेगी।

प्रस्ताव का उद्देश्य रिहायशी कॉलोनियों में स्वास्थ्य सुविधाओं को बढ़ाना है। इसके लिए निर्धारित नियमों के तहत नर्सिंग होम स्थापित करने की व्यवस्था किए जाने का प्रस्ताव रखा गया है।

बिजली निगम और कैपेक्स लोन के लिए ₹7,570 करोड़ की राज्य गारंटी

बैठक में ₹7,570 करोड़ की राज्य गारंटी से जुड़ा प्रस्ताव भी शामिल है। इसके तहत पंजाब नेशनल बैंक से ₹1,200 करोड़ के नए कैपेक्स टर्म लोन के लिए राज्य सरकार द्वारा गारंटी देने का प्रस्ताव रखा गया है।

इसके अलावा दक्षिण हरियाणा बिजली वितरण निगम (DHBVNL) के वर्किंग कैपिटल और कैपेक्स लोन के लिए विभिन्न बैंकों को दी गई ₹6,370.19 करोड़ की राज्य सरकार गारंटी का पूर्वव्यापी अनुमोदन भी प्रस्तावित है।

स्टार्टअप्स के लिए नए प्रावधान

प्रदेश के युवाओं को स्वरोजगार और नए स्टार्टअप्स से जोड़ने के लिए ‘हरियाणा स्टेट स्टार्टअप पॉलिसी 2022’ के तहत सप्लीमेंट यानी पूरक नियमों को मंजूरी के लिए पेश किया जाएगा।

सरकार की ओर से इस प्रस्ताव को प्रदेश में स्टार्टअप से जुड़े प्रावधानों को आगे बढ़ाने के उद्देश्य से कैबिनेट के सामने रखा गया है।

2020 का फिजियोथेरेपी परिषद अधिनियम होगा निरस्त

कैबिनेट के एजेंडे में हरियाणा राज्य फिजियोथेरेपी परिषद अधिनियम, 2020 को निरस्त करने का प्रस्ताव भी शामिल है। केंद्र सरकार के ‘राष्ट्रीय सम्बद्ध एवं स्वास्थ्य देखभाल व्यवसाय आयोग अधिनियम, 2021’ को ध्यान में रखते हुए यह प्रस्ताव बैठक में रखा गया।

इसके तहत हरियाणा राज्य फिजियोथेरेपी परिषद अधिनियम, 2020 को निरस्त यानी Repeal करने की प्रक्रिया आगे बढ़ाने का प्रस्ताव है।

शहरी क्षेत्रों से जुड़े नियमों में बदलाव का प्रस्ताव

बैठक में शहरी क्षेत्रों से जुड़े नियमों में संशोधन का प्रस्ताव भी रखा गया। विधानसभा की समिति की 45वीं रिपोर्ट की सिफारिशों के आधार पर ‘हरियाणा विकास एवं शहरी क्षेत्र नियम, 1976’ में संशोधन किए जाने का प्रस्ताव है।

कैबिनेट बैठक में इन सभी प्रस्तावों पर चर्चा और अंतिम स्वीकृति के लिए एजेंडा रखा गया। अब मुख्यमंत्री नायब सैनी बैठक में लिए गए फैसलों की विस्तृत जानकारी देंगे।

इस बीच सबसे अहम राजनीतिक फैसले के तौर पर हरियाणा विधानसभा के मानसून सत्र की तारीख तय हो गई है। विधानसभा का तीन दिवसीय सत्र 27 अगस्त से शुरू होगा। इसके साथ ही कैबिनेट में कोचिंग सेंटरों के नियमन, जल प्रबंधन, स्वास्थ्य सुविधाओं, बिजली निगमों की वित्तीय जरूरतों, स्टार्टअप्स, फिजियोथेरेपी परिषद अधिनियम और शहरी विकास नियमों से जुड़े प्रस्तावों पर भी महत्वपूर्ण चर्चा हुई है।