हरियाणा में गैंगस्टर के 6 गुर्गे गिरफ्तार,4 पिस्टल, 18 कारतूस बरामद
गुरुग्राम पुलिस ने विदेश में बैठे गैंगस्टरों के छह गुर्गों को गिरफ्तार कर चार पिस्टल, 18 कारतूस और मोबाइल बरामद किए। फिरौती नेटवर्क की जांच जारी है।
गुरुग्राम में विदेश में बैठे गैंगस्टर के 6 गुर्गे गिरफ्तार
➤ चार पिस्टल, 18 जिंदा कारतूस, मोबाइल और हवाला में इस्तेमाल करेंसी बरामद
➤ बिल्डर, कारोबारी और फिल्मी हस्तियों से वसूली की साजिश का खुलासा
गुरुग्राम। गुरुग्राम पुलिस की क्राइम ब्रांच ने बड़ी कार्रवाई करते हुए विदेश में छिपे गैंगस्टरों के लिए काम करने वाले छह आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक, आरोपियों के कब्जे से बड़ी मात्रा में अवैध हथियार और अन्य सामान बरामद हुआ है।
पुलिस का दावा है कि इस कार्रवाई से गुरुग्राम में बड़ी वारदात की साजिश नाकाम हुई है। पकड़े गए आरोपी लंबे समय से गंभीर आपराधिक गतिविधियों में शामिल रहे हैं और दिल्ली-NCR समेत हरियाणा के अलग-अलग इलाकों में सक्रिय थे।
सात आरोपियों की गिरफ्तारी, गैंग से जुड़े होने का दावा
पुलिस के अनुसार गिरफ्तार आरोपियों की पहचान योगेश उर्फ कछुआ, शुभम सिक्का, संदीप हुड्डा, रोहित उर्फ शक्ति, बलविंदर उर्फ सोनू, सुरजीत और गौरव अरोड़ा के रूप में हुई है। ये आरोपी रोहतक, गुरुग्राम और दिल्ली से जुड़े बताए गए हैं।
पुलिस के मुताबिक सभी आरोपियों की उम्र करीब 30 से 35 वर्ष के बीच है। इनमें योगेश के खिलाफ आठ, संदीप के खिलाफ दो, रोहित के खिलाफ दो और बलविंदर के खिलाफ 17 मुकदमे दर्ज हैं।
इन मामलों में हत्या, हत्या के प्रयास, अपहरण, आर्म्स एक्ट और एनडीपीएस एक्ट जैसे गंभीर अपराध शामिल बताए गए हैं।
विदेश में बैठे गैंगस्टरों के लिए काम करने का आरोप
पुलिस का कहना है कि आरोपी विदेश में बैठे गैंगस्टर दीपक नांदल और हिमांशु भाऊ के लिए काम करते थे। आरोपी सोशल मीडिया और अन्य माध्यमों के जरिए गैंग के संपर्क में रहते थे।
पुलिस के अनुसार यह नेटवर्क गुरुग्राम, हरियाणा और दिल्ली-NCR में सक्रिय है। गिरोह पर कारोबारी और अन्य लोगों को धमकाकर अवैध वसूली तथा फिरौती मांगने का आरोप है।
चार पिस्टल और 18 कारतूस बरामद
एसीपी क्राइम-2 ललित दलाल के मुताबिक आरोपियों के कब्जे से चार पिस्टल, 18 जिंदा कारतूस और छह मोबाइल फोन बरामद किए गए हैं। इसके अलावा हवाला में इस्तेमाल किया गया करेंसी नोट भी पुलिस के हाथ लगा है।
पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि बरामद हथियारों का इस्तेमाल किस वारदात में किया जाना था और गिरोह के अन्य सदस्यों से इनका किस तरह संपर्क था।
बिल्डर और कारोबारियों को बनाते थे निशाना
जांच में पुलिस को पता चला है कि गिरोह के सदस्य बिल्डर, कारोबारी और मनोरंजन जगत से जुड़े लोगों को फोन कर वसूली और फिरौती की मांग करते थे।
पुलिस के अनुसार फिरौती नहीं देने पर गोली चलाने जैसी वारदातों को अंजाम देने की धमकी दी जाती थी। इस नेटवर्क में गुरुग्राम और आसपास के इलाकों में सक्रिय लोगों की भूमिका भी जांच के दायरे में है।
सोशल मीडिया पर वारदातों की जिम्मेदारी लेने का दावा
पुलिस के मुताबिक गिरोह के सदस्य आम लोगों में दहशत फैलाने के लिए सोशल मीडिया का इस्तेमाल करते थे। किसी वारदात के बाद उसकी जिम्मेदारी लेने वाली पोस्ट भी सोशल मीडिया पर डाली जाती थी।
जांच में सामने आया कि संदीप, बलविंदर उर्फ सोनू, योगेश उर्फ कछुआ और शुभम सिक्का कथित तौर पर गैंग के लिए टारगेट की रेकी करते थे। ये लोग संभावित निशाने के मोबाइल नंबर उपलब्ध कराने और वसूली की रकम शूटरों तक पहुंचाने का काम करते थे।
हवाला नेटवर्क से भी जुड़ा था एक आरोपी
पुलिस के अनुसार आरोपी गौरव अरोड़ा दिल्ली के चांदनी चौक इलाके में हवाला का काम करता था। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि हवाला के जरिए गैंग तक कितनी रकम पहुंचाई गई और इस नेटवर्क में अन्य कौन-कौन लोग शामिल हैं।
क्राइम ब्रांच आरोपियों से पूछताछ कर गिरोह के अन्य सदस्यों, हथियारों की सप्लाई और संभावित टारगेट के बारे में जानकारी जुटा रही है। पुलिस को उम्मीद है कि पूछताछ में गैंग से जुड़ी अन्य आपराधिक गतिविधियों का भी खुलासा हो सकता है।
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