हरियाणा BJP में फिर घमासान: नारनौल महामंत्री ने छोड़ी पार्टी, जिलाध्यक्ष से विवाद
नारनौल BJP में किसान मोर्चा महामंत्री विष्णु तंवर ने जिलाध्यक्ष पर धमकी दिलवाने का आरोप लगाकर इस्तीफा दिया। यतेंद्र राव ने आरोपों को गलत बताया।
नारनौल BJP में पद और प्रतिष्ठा को लेकर घमासान, किसान मोर्चा महामंत्री विष्णु तंवर ने दिया इस्तीफा
➤ तंवर ने जिलाध्यक्ष पर धमकी दिलवाने का आरोप लगाया, यतेंद्र राव ने आरोपों को गलत बताते हुए कानूनी कार्रवाई की चेतावनी दी
➤ प्रदेश अध्यक्ष अर्चना गुप्ता बोलीं- विवाद की जानकारी नहीं, जिला प्रधान से बात कर पूरा मामला खत्म करवाया जाएगा
पंचकूला/नारनौल। हरियाणा BJP में एक बार फिर पद और संगठन में वर्चस्व को लेकर विवाद सामने आया है। नारनौल में पार्टी के किसान मोर्चा के जिला महामंत्री विष्णु तंवर और जिला अध्यक्ष यतेंद्र राव के बीच सोशल मीडिया पर तीखी तकरार हो गई। दोनों नेताओं की फेसबुक पोस्ट और कमेंट के बाद विवाद इतना बढ़ा कि विष्णु तंवर ने पार्टी से इस्तीफा देने की घोषणा कर दी।
विष्णु तंवर ने जिला अध्यक्ष पर धमकियां दिलवाने का आरोप लगाया। वहीं यतेंद्र राव ने इन आरोपों को गलत बताते हुए कहा कि यदि उनके खिलाफ लगाए गए आरोपों का कोई सबूत है तो सामने लाया जाए। उन्होंने गलत आरोप लगाने पर कानूनी कार्रवाई की चेतावनी भी दी।
फेसबुक पोस्ट से शुरू हुआ विवाद
बताया गया है कि विष्णु तंवर ने फेसबुक पर एक पोस्ट डालकर जिला संगठन को लेकर सवाल उठाए थे। उन्होंने आरोप लगाया कि जिलाध्यक्ष की ओर से उन्हें धमकियां दिलवाई जा रही हैं। इस पोस्ट पर सबसे पहले जिला अध्यक्ष यतेंद्र राव ने टिप्पणी की।
राव ने अपनी टिप्पणी में तंवर से कहा कि वे लंबे समय से उनकी गलत पोस्ट को सहन कर रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि तंवर पार्टी, प्रधानमंत्री, विधायक और कार्यकर्ताओं के खिलाफ गलत बातें लिख रहे हैं। राव ने चेतावनी दी कि आगे ऐसा हुआ तो कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
जिला अध्यक्ष ने यह भी आरोप लगाया कि तंवर अपनी परिचित प्रेमलता गनियार से मंडल अध्यक्षों के खिलाफ पोस्ट करवा रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि विधानसभा चुनाव के दौरान प्रेमलता कांग्रेस की एजेंट थीं। हालांकि, यह आरोप संबंधित पक्षों के बीच सोशल मीडिया पर चल रही बहस का हिस्सा हैं।
तंवर बोले- सच बोलने की क्षमता होनी चाहिए
जिला अध्यक्ष के कमेंट के जवाब में विष्णु तंवर ने कहा कि यतेंद्र राव जो कार्रवाई करना चाहते हैं, कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि उन्होंने जो कहा है, वह सच है और लोगों में सच सुनने की क्षमता होनी चाहिए।
तंवर ने आरोप लगाया कि पिछले चुनाव में कुछ लोगों ने दूसरी पार्टी का समर्थन किया था। उन्होंने सवाल उठाया कि यदि ऐसा हुआ था तो उन्हीं लोगों को बाद में संगठन में पदाधिकारी क्यों बनाया गया।
इसके बाद दोनों नेताओं के बीच फेसबुक पर कई कमेंट हुए। समर्थक भी इस बहस में शामिल हो गए और मामला सोशल मीडिया पर खुलकर सामने आ गया।
पद नहीं मिलने की बात पर भी हुई तकरार
यतेंद्र राव ने अपने जवाब में आरोप लगाया कि विष्णु तंवर अपने लिए जिला महामंत्री का पद और अपनी परिचित महिला के लिए महिला मोर्चा जिलाध्यक्ष का पद चाहते थे। राव ने कहा कि संगठन ने उनकी मांग नहीं मानी तो वे लगातार गलत पोस्ट कर रहे हैं।
राव ने यह भी कहा कि यदि उन्होंने किसी को धमकाने की बात की है तो उसका प्रमाण सामने लाया जाए। उन्होंने आरोप लगाया कि तंवर और उनकी परिचित की ओर से जिले के मंडल अध्यक्षों के खिलाफ आपत्तिजनक शब्दों का इस्तेमाल किया गया।
तंवर ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि उन्होंने UGC के कथित काले कानून के विरोध में आवाज उठाई है। उनका कहना था कि यदि किसी कानून से उनके बच्चों के हित प्रभावित होते हैं तो वे चुप नहीं रहेंगे।
उन्होंने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री किसी एक व्यक्ति के नहीं, बल्कि सभी के हैं और गलत कानून के खिलाफ बोलना उनका अधिकार है।
तंवर ने BJP से इस्तीफा दिया
फेसबुक पर विवाद बढ़ने के तुरंत बाद विष्णु तंवर ने BJP से इस्तीफा दे दिया। उन्होंने अपना इस्तीफा जिला अध्यक्ष यतेंद्र राव को भेजा और इसकी कॉपी प्रदेश अध्यक्ष को भी भेजी।
तंवर ने इस्तीफे में UGC से जुड़े मुद्दे का भी जिक्र किया है। उन्होंने आरोप लगाया कि अब जिलाध्यक्ष उनकी परिचित एक महिला को भी धमकी दिलवा रहे हैं। तंवर का कहना है कि उन्होंने कभी उस महिला के लिए पद की मांग नहीं की।
विष्णु तंवर फिलहाल BJP किसान मोर्चा के जिला महामंत्री थे। इससे पहले वे बूथ अध्यक्ष और पन्ना प्रमुख जैसे संगठनात्मक दायित्व भी संभाल चुके हैं।
जिला अध्यक्ष ने लगाए अलग आरोप
विवाद के बीच यतेंद्र राव ने कहा कि तंवर को संगठन के फैसलों को स्वीकार करना सीखना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि पद नहीं मिलने की नाराजगी के कारण लगातार पार्टी और कार्यकर्ताओं के बारे में गलत बातें लिखी जा रही हैं।
राव ने कहा कि यदि उनके खिलाफ धमकी देने का कोई आरोप लगाया गया है तो उसका प्रमाण दिया जाए। उन्होंने दोहराया कि गलत आरोप साबित नहीं होने पर संबंधित लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
इस पूरे विवाद के कारण महेंद्रगढ़ जिले की BJP संगठनात्मक राजनीति में भी चर्चाएं तेज हो गई हैं।
बाबरी ढांचा विवाद से भी जुड़ा है तंवर का परिवार
विष्णु तंवर महेंद्रगढ़ विधानसभा क्षेत्र के पाली गांव के रहने वाले हैं। यह क्षेत्र राजपूत बाहुल्य माना जाता है। उनके आसपास के करीब 10 गांवों में भी राजपूत समाज की बड़ी आबादी बताई जाती है।
विष्णु तंवर जिला परिषद का चुनाव भी लड़ चुके हैं। इस चुनाव में वे दूसरे स्थान पर रहे थे।
उनके पिता बहादुर सिंह बाबरी ढांचा विध्वंस के दौरान करीब तीन महीने तक अयोध्या में रहे थे। वे महेंद्रगढ़ के पूर्व विधायक और तत्कालीन शिक्षा मंत्री रामबिलास शर्मा के सहयोगी भी रहे हैं।
प्रदेश अध्यक्ष बोलीं- विवाद खत्म करवाया जाएगा
हरियाणा BJP प्रदेश अध्यक्ष डॉ. अर्चना गुप्ता ने कहा कि उन्हें फिलहाल इस विवाद की पूरी जानकारी नहीं है। उन्होंने कहा कि वह जिला अध्यक्ष से बात करके पूरे मामले की जानकारी लेंगी।
प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि पार्टी पदाधिकारियों को इस तरह सार्वजनिक रूप से आपस में नहीं लड़ना चाहिए। उन्होंने विवाद को जल्द खत्म करवाने की बात कही है।
अब देखना होगा कि पार्टी नेतृत्व विष्णु तंवर के इस्तीफे, जिला अध्यक्ष पर लगाए गए आरोपों और दोनों पक्षों के बीच हुए सार्वजनिक विवाद पर क्या कदम उठाता है। फिलहाल इस घटनाक्रम ने नारनौल की BJP संगठनात्मक राजनीति में नई हलचल पैदा कर दी है।
pooja