सेस पर भाजपा को विक्रमादित्य का जवाब! 312 सड़कें बंद, 600 मशीनरी तैनात

हिमाचल में पेट्रोल-डीजल सेस पर भाजपा के विरोध का विक्रमादित्य सिंह ने जवाब दिया। बारिश से 312 सड़कें बंद हैं और 600 मशीनरी बहाली में जुटी है।

सेस पर भाजपा को विक्रमादित्य का जवाब! 312 सड़कें बंद, 600 मशीनरी तैनात

पेट्रोल-डीजल सेस पर भाजपा के विरोध का विक्रमादित्य सिंह ने दिया जवाब
बोले- भाजपा पहले केंद्र में पेट्रोल-डीजल की बढ़ी कीमतों पर जवाबदेही तय करे
हिमाचल में बारिश से 312 सड़कें बंद, 195 को जल्द खोलने का लक्ष्य; 600 मशीनरी मौके पर तैनात

शिमला। हिमाचल प्रदेश में पेट्रोल-डीजल पर बढ़ाए गए सेस को लेकर भाजपा और कांग्रेस के बीच सियासी बयानबाजी तेज हो गई है। भाजपा की ओर से सेस का विरोध किए जाने के बाद लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने पलटवार किया है।

विक्रमादित्य सिंह ने भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा कि पार्टी को पहले केंद्र में पेट्रोल और डीजल की बढ़ी कीमतों पर जवाब देना चाहिए। उन्होंने कहा कि मौजूदा अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों का असर कच्चे तेल के साथ-साथ बिटुमेन की कीमत और उपलब्धता पर भी पड़ा है।

सेस को लेकर भाजपा पर पलटवार

लोक निर्माण मंत्री ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पैदा हुई परिस्थितियों के कारण बिटुमेन की कीमत और उसकी उपलब्धता प्रभावित हुई है। इसका सीधा असर हिमाचल में सड़कों की टायरिंग के काम पर पड़ रहा है।

उन्होंने कहा कि प्रदेश में लगाया गया पेट्रोल-डीजल सेस भी मौजूदा परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए लगाया गया है। विक्रमादित्य सिंह ने भाजपा से सवाल किया कि यदि वह सेस को लेकर सवाल उठा रही है तो उसे पहले केंद्र सरकार से पेट्रोल और डीजल की कीमतों को लेकर जवाब मांगना चाहिए।

E20 और इथेनॉल ब्लेंडिंग पर भी केंद्र को घेरा

विक्रमादित्य सिंह ने E20 और इथेनॉल ब्लेंडिंग को लेकर भी केंद्र सरकार पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि इथेनॉल ब्लेंडिंग के कारण वाहनों की माइलेज प्रभावित होने की शिकायतें सामने आ रही हैं और इससे आम लोगों को परेशानी उठानी पड़ रही है।

उन्होंने भाजपा से इन मुद्दों पर भी जवाबदेही तय करने की मांग की। मंत्री ने कहा कि पेट्रोल-डीजल की कीमतों और उससे जुड़े दूसरे फैसलों पर भी केंद्र सरकार को अपनी स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए।

बारिश से 312 सड़कें बंद

प्रदेश में लगातार हो रही बारिश के कारण 312 सड़कें बंद हैं। लोक निर्माण मंत्री ने कहा कि सरकार का लक्ष्य बंद सड़कों को जल्द से जल्द बहाल करना है।

उन्होंने बताया कि 195 सड़कें 12 अगस्त तक खोलने का लक्ष्य रखा गया है। इसके अलावा अगले दो दिनों में करीब 70 और सड़कों को बहाल करने का प्रयास किया जाएगा।

600 मशीनरी मौके पर तैनात

विक्रमादित्य सिंह ने कहा कि सड़कों को खोलने के लिए प्रदेशभर में करीब 600 मशीनरी तैनात की गई है। इनमें पोकलेन, जेसीबी और अन्य मशीनें शामिल हैं।

इसके अलावा जरूरत पड़ने पर इस्तेमाल के लिए बेली ब्रिज भी स्टैंडबाय पर रखे गए हैं। विभाग की टीमें लगातार प्रभावित क्षेत्रों में काम कर रही हैं।

बागवानी क्षेत्रों की सड़कों को प्राथमिकता

लोक निर्माण मंत्री ने कहा कि बागवानी क्षेत्रों में सड़कों की बहाली को प्राथमिकता दी जा रही है। इसका मकसद सेब सीजन के दौरान बागवानों और स्थानीय लोगों को किसी तरह की परेशानी से बचाना है।

उन्होंने कहा कि बारिश और भूस्खलन के कारण कई जगह सड़कें प्रभावित हुई हैं। ऐसे में सेब और अन्य बागवानी उत्पादों की आवाजाही को देखते हुए महत्वपूर्ण सड़कों को प्राथमिकता के आधार पर खोला जा रहा है।

SDRF, NDRF और PDNA की राशि का इस्तेमाल

मंत्री ने बताया कि SDRF, NDRF और PDNA के तहत मिलने वाली राशि को जरूरत के अनुसार अलग-अलग डिवीजनों में उपलब्ध करवाया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि PDNA के माध्यम से करीब 225 करोड़ रुपये पूरे प्रदेश में पहुंच चुके हैं। इस राशि का इस्तेमाल प्रभावित क्षेत्रों में आवश्यक बहाली और मरम्मत के कार्यों के लिए किया जा रहा है।

छैला-नेरीपुल-यशवंतनगर सड़क का टेंडर जल्द

विक्रमादित्य सिंह ने छैला-नेरीपुल-यशवंतनगर सड़क को लेकर भी जानकारी दी। उन्होंने बताया कि सड़क के टेंडर की प्रक्रिया अगले 15 से 30 दिनों में पूरी करने के निर्देश दिए गए हैं।

मंत्री के मुताबिक बरसात खत्म होते ही सड़क का काम शुरू करने की तैयारी है। सरकार का प्रयास है कि महत्वपूर्ण सड़कों के निर्माण और मरम्मत कार्यों में अनावश्यक देरी न हो।

फिलहाल प्रदेश में बारिश से बंद सड़कों को खोलना लोक निर्माण विभाग के सामने बड़ी चुनौती बनी हुई है। सरकार का दावा है कि मशीनरी और संसाधनों की मदद से जल्द से जल्द यातायात बहाल करने का प्रयास किया जा रहा है।