हिमाचल में पेट्रोल-डीजल हुआ महंगा, 60 पैसे प्रति लीटर बढ़ा बोझ; अनाथ एवं विधवा उपकर लागू
हिमाचल में पेट्रोल और डीजल पर 60 पैसे प्रति लीटर अनाथ एवं विधवा उपकर लागू हो गया है। शिमला में पेट्रोल 103.27 और डीजल 95.21 रुपये हुआ।
➤ पेट्रोल-डीजल पर 60 पैसे प्रति लीटर अनाथ एवं विधवा उपकर लागू
➤ 11 अगस्त की मध्यरात्रि से पहली बिक्री के स्तर पर होगी वसूली
➤ शिमला में पेट्रोल 103.27 और डीजल 95.21 रुपये प्रति लीटर पहुंचा
शिमला। अगर आप हिमाचल घूमने या माल ढुलाई के लिए जा रहे हैं तो पेट्रोल या डीजल की टंकी फुल करके जाएं। हिमाचल प्रदेश में पेट्रोल और डीजल भरवाना अब पहले के मुकाबले महंगा हो गया है। राज्य सरकार ने पेट्रोल और हाई स्पीड डीजल पर 60 पैसे प्रति लीटर अनाथ एवं विधवा उपकर (Orphan and Widow Cess) लागू कर दिया है। राज्य कर एवं आबकारी विभाग की ओर से जारी अधिसूचना के अनुसार यह उपकर 11 अगस्त 2026 की मध्यरात्रि से प्रभावी हो गया है। उपकर की वसूली हिमाचल प्रदेश में पेट्रोल और हाई स्पीड डीजल की पहली बिक्री (First Sale) के स्तर पर की जाएगी।
इस नए उपकर के लागू होने के बाद राज्य में वाहन चालकों को पेट्रोल और डीजल के लिए प्रति लीटर 60 पैसे अतिरिक्त चुकाने होंगे। सरकार का कहना है कि इस उपकर से प्राप्त राशि को अनाथों और विधवाओं के कल्याण से जुड़ी योजनाओं के लिए इस्तेमाल किया जाएगा। कानून में इस राशि को अलग से Orphan and Widow Welfare Fund में जमा करने और अनाथों एवं विधवाओं के कल्याण के लिए उपयोग करने का प्रावधान किया गया है।
वैट कानून में संशोधन के बाद मिली थी सरकार को शक्ति
दरअसल, हिमाचल प्रदेश सरकार ने इसी साल बजट सत्र के दौरान पेट्रोल और डीजल पर अनाथ एवं विधवा उपकर लगाने का रास्ता साफ किया था। 23 मार्च 2026 को हिमाचल प्रदेश विधानसभा ने हिमाचल प्रदेश मूल्य वर्धित कर यानी Himachal Pradesh VAT (Amendment) Bill, 2026 पारित किया था। बाद में राज्यपाल की मंजूरी के बाद यह संशोधन कानून का हिस्सा बन गया।
संशोधन के तहत वैट अधिनियम, 2005 में नई धारा 6-A जोड़ी गई। इसके मुताबिक सरकार अधिसूचना के माध्यम से पेट्रोल और हाई स्पीड डीजल पर अधिकतम 5 रुपये प्रति लीटर तक अनाथ एवं विधवा उपकर निर्धारित कर सकती है। हालांकि, सरकार ने उस समय स्पष्ट किया था कि इसका मतलब यह नहीं है कि पेट्रोल और डीजल पर सीधे पांच रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी कर दी जाएगी। अब सरकार ने इस अधिकार का इस्तेमाल करते हुए फिलहाल 60 पैसे प्रति लीटर की दर निर्धारित की है।
विपक्ष ने किया था विरोध
विधानसभा में संशोधन विधेयक पेश किए जाने के दौरान विपक्ष ने सरकार के इस प्रावधान का विरोध किया था। विपक्ष की ओर से आशंका जताई गई थी कि पेट्रोल और डीजल पर अतिरिक्त उपकर लगाने से आम लोगों पर आर्थिक बोझ बढ़ेगा और इसका असर परिवहन तथा अन्य वस्तुओं की कीमतों पर भी पड़ सकता है।
वहीं सरकार की ओर से इस प्रावधान को सामाजिक कल्याण से जोड़ते हुए इसका बचाव किया गया था। सरकार के अनुसार अनाथ और विधवा कल्याण के लिए अतिरिक्त संसाधन जुटाना इस व्यवस्था का प्रमुख उद्देश्य है। संशोधित कानून में भी उपकर से मिलने वाली राशि को संबंधित कल्याण कोष में जमा करने का प्रावधान किया गया है।
शिमला में पेट्रोल 103.27 और डीजल 95.21 रुपये
60 पैसे प्रति लीटर के नए उपकर के प्रभाव के बाद शिमला में पेट्रोल की कीमत 103.27 रुपये प्रति लीटर, जबकि डीजल की कीमत 95.21 रुपये प्रति लीटर बताई जा रही है। यानी वाहन चालकों को अब ईंधन खरीदते समय पहले की तुलना में 60 पैसे प्रति लीटर अतिरिक्त भुगतान करना होगा।
इसका सीधा असर रोजाना पेट्रोल और डीजल का इस्तेमाल करने वाले वाहन मालिकों पर पड़ेगा। हालांकि प्रति लीटर बढ़ोतरी छोटी दिखाई देती है, लेकिन लंबी दूरी तय करने वाले वाहन चालकों, व्यावसायिक वाहनों और नियमित रूप से ईंधन भरवाने वाले उपभोक्ताओं के लिए महीने के स्तर पर इसका अतिरिक्त खर्च बढ़ सकता है।
पहली बिक्री पर वसूला जाएगा उपकर
सरकार की अधिसूचना में उपकर की वसूली को पहली बिक्री के स्तर से जोड़ा गया है। इसका मतलब है कि राज्य में पेट्रोल और हाई स्पीड डीजल की पहली बिक्री के समय निर्धारित दर के अनुसार यह उपकर लगाया जाएगा। इसके बाद इसका प्रभाव अंतिम उपभोक्ता तक पहुंचने वाली ईंधन कीमत में दिखाई देगा।
सरकार के इस फैसले से एक ओर जहां अनाथों और विधवाओं के लिए कल्याणकारी योजनाओं को अतिरिक्त राजस्व मिलने की उम्मीद है, वहीं दूसरी ओर पेट्रोल-डीजल की कीमत बढ़ने से आम उपभोक्ताओं के खर्च पर इसका असर पड़ना तय माना जा रहा है। खासकर परिवहन क्षेत्र में ईंधन की लागत बढ़ने से इसका अप्रत्यक्ष प्रभाव माल ढुलाई और परिवहन खर्च पर भी पड़ सकता है।
Akhil Mahajan