Video: सेंचुरी नहीं बना पाई, पर वर्ल्ड कप जीतना ही असली गर्व: शैफाली

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Video: सेंचुरी नहीं बना पाई, पर वर्ल्ड कप जीतना ही असली गर्व: शैफाली


वर्ल्ड कप विनर शेफाली वर्मा का रोहतक में हुआ ग्रैंड स्वागत, मंत्री कृष्ण बेदी ने पगड़ी पहनाकर किया सम्मान
• शेफाली बोलीं – “सेंचुरी नहीं बना पाई, पर देश के लिए वर्ल्ड कप जीतना ही सबसे बड़ा गर्व
• प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति मुर्मू का धन्यवाद, कहा – “समय देना मेरे लिए सबसे बड़ी प्रेरणा”


महिला क्रिकेट वर्ल्ड कप जीतने के बाद टीम इंडिया की स्टार खिलाड़ी शेफाली वर्मा आज पहली बार अपने घर रोहतक पहुंचीं। उनके आगमन पर जिले की सीमा पर एडीसी नरेंद्र कुमार और हरियाणा सरकार के कैबिनेट मंत्री कृष्ण बेदी ने भव्य स्वागत किया।

रोहतक के रोहद टोल पर शेफाली वर्मा का स्वागत किया गया। यहां परिजन समेत लोगों ने उन्हें आशीर्वाद दिया।

रोहद टोल से लेकर शहर तक शेफाली का रोड शो निकाला गया। ढोल-नगाड़ों और फूलों की वर्षा के बीच शेफाली का काफिला सर्किट हाउस पहुंचा। यहाँ मंत्री कृष्ण बेदी ने उन्हें पगड़ी पहनाकर सम्मानित किया और कहा कि “शेफाली ने हरियाणा का सिर गर्व से ऊँचा कर दिया है।”

गाड़ी की खुली सनरूफ से निकलकर शेफाली और उनकी बहन नैन्सी जा रहीं।

शेफाली ने कहा कि “वर्ल्ड कप जीतना मेरे जीवन का सबसे गर्व का पल है।” उन्होंने बताया कि पिछला एक साल बहुत मुश्किल भरा रहा, लेकिन भगवान ने उन्हें इस टूर्नामेंट के ज़रिए एक नया मौका दिया और उन्होंने उसे दोनों हाथों से भुनाया।

रोहतक के सर्किट हाउस में शेफाली वर्मा का स्वागत किया गया।

शेफाली ने कहा – “फाइनल मैच बहुत बड़ा था। मन में झिझक जरूर थी, पर ठान लिया था कि अच्छा प्रदर्शन करना है। जब बॉलिंग का मौका मिला तो सोचा किसी तरह विकेट लेकर टीम को बढ़त दिलानी है। भगवान ने साथ दिया और दो ओवर में ही विकेट मिल गए।”

रोहतक सर्किट हाउस से खुली जीप में सवार होकर निकलीं शेफाली। मंत्री कृष्ण बेदी उनके साथ मौजूद।

उन्होंने कहा कि “सचिन तेंदुलकर मैच देखने आए, ये मेरे लिए किसी सपने जैसा था।” शेफाली ने बताया कि वह बचपन से सचिन को अपना आइडल मानती हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राष्ट्रपति द्रोपदी मुर्मू से मुलाकात को उन्होंने जीवन का अविस्मरणीय क्षण बताया।

शेफाली ने देश की बेटियों के लिए प्रेरणादायक संदेश दिया – “अपने ऊपर विश्वास रखें और मेहनत करें। कोई भी फील्ड हो, सफलता ज़रूर मिलेगी।” उन्होंने पिता का आभार जताया और कहा – “पापा की डांट और समझाइश ने हमेशा मुझे आगे बढ़ाया है।”

रोहतक में जगह-जगह शेफाली के पोस्टर लगे थे। बच्चे और महिलाएं उन्हें देखने उमड़ पड़ीं। सर्किट हाउस से खुले जीप में शेफाली जब घर की ओर निकलीं तो सड़कों पर “भारत माता की जय” और “शेफाली वर्मा जिंदाबाद” के नारे गूंज उठे।