रिकॉर्ड निचले स्तर के करीब पहुंचा भारतीय रुपया

रुपया अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 5 पैसे गिरकर 92.42 पर खुला। कच्चे तेल की कीमतों और फेड के फैसले की प्रतीक्षा के कारण बाजार में दबाव बना हुआ है।

रिकॉर्ड निचले स्तर के करीब पहुंचा भारतीय रुपया

रुपया 5 पैसे गिरकर 92.42 प्रति डॉलर पर खुला
कच्चे तेल की कीमत और डॉलर की मजबूती से दबाव
US फेड के फैसले से बाजार की दिशा तय होगी



भारतीय मुद्रा बाजार में बुधवार को कमजोरी देखने को मिली, जहां रुपया अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 5 पैसे टूटकर 92.42 के स्तर पर खुला। यह स्तर रिकॉर्ड निचले स्तर के करीब है, जिससे बाजार में चिंता का माहौल बना हुआ है। ट्रेडर्स फिलहाल सतर्क रुख अपनाए हुए हैं और सभी की नजरें अमेरिका के केंद्रीय बैंक फेडरल रिजर्व के ब्याज दर फैसले पर टिकी हुई हैं।

मंगलवार को रुपया 92.37 के स्तर पर बंद हुआ था, लेकिन नए कारोबारी दिन की शुरुआत में यह और कमजोर होकर 92.42 पर आ गया। हाल ही में रुपया 92.48 तक फिसल चुका है, जो इसका रिकॉर्ड निचला स्तर है। इस गिरावट को रोकने के लिए भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) भी लगातार नजर बनाए हुए है और जरूरत पड़ने पर दखल दे रहा है।

विशेषज्ञों के मुताबिक, रुपया पर दबाव की सबसे बड़ी वजह कच्चे तेल की ऊंची कीमतें हैं, जो 100 डॉलर प्रति बैरल के ऊपर बनी हुई हैं। भारत जैसे आयात-निर्भर देश के लिए तेल महंगा होना सीधे मुद्रा पर दबाव डालता है। इसके अलावा कंपनियों की ओर से डॉलर की मांग और विदेशी निवेशकों की निकासी भी रुपये को कमजोर कर रही है।

बाजार में फिलहाल एक संतुलन की स्थिति बनी हुई है। एक तरफ डॉलर की मांग और वैश्विक अनिश्चितता रुपये को नीचे खींच रही है, वहीं दूसरी तरफ RBI की संभावित दखलअंदाजी गिरावट को सीमित कर रही है। इसी कारण रुपया स्थिर तो दिख रहा है, लेकिन मजबूती नहीं पकड़ पा रहा है।

अब सबसे बड़ा फैक्टर अमेरिकी फेड का ब्याज दर फैसला है। माना जा रहा है कि फेड फिलहाल दरों में बदलाव नहीं करेगा, लेकिन उसके संकेत (guidance) से आगे की दिशा तय होगी। अगर फेड सख्त रुख अपनाता है तो डॉलर और मजबूत हो सकता है, जिससे रुपये पर और दबाव बढ़ सकता है।