नेपाल की पहली महिला प्रधानमंत्री को मोदी की बधाई
pm-modi-imphal-speech-northeast-manipur-nepal
-
मोदी बोले – 21वीं सदी पूर्वोत्तर भारत की सदी, इंफाल बनेगा विकास का केंद्र
-
मणिपुर हिंसा पर जताई चिंता, जनता से शांति और विकास की राह अपनाने की अपील
-
नेपाल की पहली महिला प्रधानमंत्री सुशीला को बधाई, भारत-नेपाल रिश्तों को बताया साझा संस्कृति का प्रतीक
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इंफाल की जनसभा में जहां पूर्वोत्तर भारत के विकास की बात कही, वहीं नेपाल का जिक्र करते हुए खास संदेश भी दिया। उन्होंने नेपाल की पहली महिला प्रधानमंत्री सुशीला को शपथ लेने पर बधाई दी और इसे महिला सशक्तिकरण का प्रेरक उदाहरण बताया।
मोदी ने कहा कि नेपाल की लोकतांत्रिक परंपरा और वहां के युवाओं की सोच पूरे दक्षिण एशिया के लिए नई दिशा दिखाती है। उन्होंने कहा कि नेपाल और भारत सिर्फ पड़ोसी नहीं, बल्कि साझा संस्कृति, धर्म और इतिहास से जुड़े हैं।
प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत हमेशा चाहता है कि नेपाल लोकतंत्र, विकास और शांति की राह पर मजबूती से आगे बढ़े। उन्होंने भरोसा दिलाया कि भारत हर कदम पर नेपाल का साथी रहेगा।
नेपाल को लेकर मोदी का यह बयान केवल बधाई संदेश भर नहीं था, बल्कि इसे भारत-नेपाल रिश्तों में नई गर्माहट का संकेत माना जा रहा है। भारत की ओर से महिला नेतृत्व को मिली सराहना काठमांडू की राजनीति और भारतीय कूटनीति दोनों के लिए अहम है।
विशेषज्ञों का मानना है कि मोदी का यह संदेश न सिर्फ भारत-नेपाल रिश्तों को नई ऊर्जा देगा, बल्कि यह पूरे एशिया में महिला नेतृत्व की बढ़ती भूमिका को भी रेखांकित करता है। इंफाल की रैली से दिया गया यह संदेश पूर्वोत्तर भारत और हिमालयी पड़ोसी नेपाल – दोनों को एक साझा विकास और सहयोग की डोर में जोड़ने वाला साबित हो सकता है।
इंफाल में शनिवार को आयोजित विशाल जनसभा में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि 21वीं सदी पूर्वोत्तर भारत की सदी होगी। उन्होंने कहा कि इंफाल जैसे शहर भारत की विकास यात्रा को नई दिशा देंगे। प्रधानमंत्री ने कहा कि केंद्र सरकार ने हमेशा मणिपुर के विकास को प्राथमिकता दी है और इसके नतीजे आज हर क्षेत्र में दिख रहे हैं।
मोदी ने कहा कि 2014 से पहले मणिपुर की विकास दर एक प्रतिशत से भी कम थी, लेकिन अब सड़क निर्माण, राष्ट्रीय राजमार्ग, बिजली पहुंचाने और बुनियादी ढांचे के क्षेत्र में गति और विस्तार देखा जा सकता है। उन्होंने इसे नए युग की शुरुआत बताया।
हालांकि अपने संबोधन में प्रधानमंत्री ने हाल के दिनों में हुई मणिपुर हिंसा पर गहरी चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि हिंसा दुर्भाग्यपूर्ण है और यह आने वाली पीढ़ियों के साथ अन्याय है। उन्होंने मणिपुर की जनता से शांति और विकास की राह अपनाने का आह्वान किया।
मोदी ने मणिपुर की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक भूमिका का उल्लेख करते हुए कहा कि इस भूमि ने भारत के स्वतंत्रता संग्राम और रक्षा में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। उन्होंने आजाद हिंद फौज, नेताजी सुभाष चंद्र बोस और वीर शहीदों के बलिदानों को याद किया। साथ ही, उन्होंने शहीद दीपक चिंगखम को नमन करते हुए कहा कि मणिपुर के युवा हमेशा तिरंगे की शान के लिए तन-मन-धन न्योछावर करने को तैयार रहते हैं।
अपने संबोधन के दौरान मोदी ने पड़ोसी देश नेपाल को भी संदेश दिया। उन्होंने नेपाल की पहली महिला प्रधानमंत्री सुशीला जी को बधाई दी और इसे महिला सशक्तिकरण का मजबूत उदाहरण बताया। मोदी ने नेपाल की लोकतांत्रिक परंपरा और वहां के युवाओं की सकारात्मक सोच की भी सराहना की।
प्रधानमंत्री का यह दौरा मणिपुर में शांति और विकास का संदेश लेकर आया है, साथ ही यह भारत-नेपाल रिश्तों में नई गर्माहट का प्रतीक भी साबित हो रहा है।
Akhil Mahajan