AMO और हेल्थ वर्कर ढाई लाख रुपये रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार
नूंह के पिनगवां CHC में ACB ने AMO डॉ. वीरपाल और हेल्थ वर्कर मोनू शर्मा को रिश्वत मामले में गिरफ्तार किया, ढाई लाख रुपये लेते पकड़ा गया
➤ मेडिकल ओपिनियन और समझौते के लिए मांगी थी साढ़े तीन लाख की रिश्वत
➤ पहले 15 हजार रुपये ऑनलाइन और नकद लेने का भी आरोप
➤ पिनगवां CHC में ACB ने जाल बिछाकर मोनू शर्मा को रंगे हाथ पकड़ा
नूंह जिले के पिनगवां सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) में मंगलवार शाम फरीदाबाद एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) की टीम ने रिश्वतखोरी के आरोप में एक डॉक्टर और एक हेल्थ वर्कर को गिरफ्तार किया। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान AMO डॉ. वीरपाल और मल्टीपर्पज हेल्थ वर्कर मोनू शर्मा के रूप में हुई है। आरोप है कि एक पुलिस केस में मेडिकल ओपिनियन देने और समझौता कराने के नाम पर साढ़े तीन लाख रुपये की रिश्वत मांगी गई थी। तय रकम की किश्त के रूप में ढाई लाख रुपये लेते समय ACB ने मोनू शर्मा को रंगे हाथ पकड़ लिया। मामले में डॉक्टर वीरपाल को भी गिरफ्तार किया गया है।
यह पूरा मामला पिनगवां थाने में दर्ज एक मुकदमे से जुड़ा हुआ है। ACB अधिकारियों के अनुसार, पलवल जिले के होडल तहसील के एक गांव निवासी शिकायतकर्ता ने ब्यूरो से संपर्क कर बताया था कि उसके बेटे के खिलाफ पिनगवां थाने में एक केस दर्ज है। शिकायतकर्ता के मुताबिक, इसी मामले में उसके बेटे के पक्ष में मेडिकल ओपिनियन देने और समझौता कराने के लिए साढ़े तीन लाख रुपये की रिश्वत मांगी गई थी।
पहले 15 हजार रुपये लेने का आरोप
शिकायतकर्ता के अनुसार, रिश्वत की कुल रकम साढ़े तीन लाख रुपये में तय हुई थी। आरोप है कि इस रकम में से करीब 15 हजार रुपये पहले ही ऑनलाइन और कुछ नकद के रूप में लिए जा चुके थे। इसके बाद शिकायतकर्ता ने पूरे मामले की जानकारी एंटी करप्शन ब्यूरो को दी।
शिकायत मिलने के बाद ACB ने मामले का सत्यापन किया। सत्यापन में शिकायत के तथ्यों की पुष्टि होने के बाद फरीदाबाद ACB की टीम ने मंगलवार शाम पिनगवां सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में जाल बिछाया। टीम ने तय रकम की किश्त दिए जाने के दौरान पूरी कार्रवाई को अंजाम दिया।
आरोप है कि साढ़े तीन लाख रुपये की तय रिश्वत में से ढाई लाख रुपये की किश्त ली जा रही थी। इसी दौरान ACB टीम ने मल्टीपर्पज हेल्थ वर्कर मोनू शर्मा को रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ पकड़ लिया। कार्रवाई के दौरान AMO डॉ. वीरपाल को भी गिरफ्तार किया गया।
दोनों आरोपियों से पूछताछ जारी
ACB अधिकारियों के अनुसार, शुरुआती जांच में मोनू शर्मा की भूमिका रिश्वत की रकम लेने में सामने आई है। मामले में डॉक्टर वीरपाल को भी गिरफ्तार किया गया है। ब्यूरो अब दोनों आरोपियों से पूछताछ कर रहा है।
पूछताछ के दौरान यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि रिश्वत के इस मामले में इनके अलावा कोई और व्यक्ति भी शामिल था या नहीं। ACB पूरे मामले की जांच कर रही है। जांच पूरी होने के बाद ही मामले से जुड़े अन्य पहलुओं और इसमें किसी अन्य व्यक्ति की भूमिका को लेकर स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
Akhil Mahajan