ट्रेनिंग के आखिरी दिन हरियाणा का जवान शहीद, VIDEO कॉल पर बोला था- अब हवलदार बनकर घर लौटूंगा

चरखी दादरी निवासी सेना के हवलदार रवि प्रकाश बेंगलुरु में ट्रेनिंग के दौरान शहीद हो गए। फिजिकल एक्टिविटी के दौरान तबीयत बिगड़ने पर अस्पताल में मौत हुई।

ट्रेनिंग के आखिरी दिन हरियाणा का जवान शहीद, VIDEO कॉल पर बोला था- अब हवलदार बनकर घर लौटूंगा

➤ बेंगलुरु में PT के दौरान चरखी दादरी के रवि प्रकाश का हार्ट फेल होने से निधन
➤ एक दिन पहले पत्नी, बेटे और पिता से VIDEO कॉल पर की थी बात
➤ देर शाम पार्थिव शरीर कासनी गांव पहुंचने की संभावना, सैन्य सम्मान से होगा अंतिम संस्कार


हरियाणा के चरखी दादरी जिले के कासनी गांव निवासी सेना के हवलदार रवि प्रकाश बेंगलुरु में ट्रेनिंग के दौरान शहीद हो गए। मंगलवार सुबह वह ग्राउंड प्रैक्टिस के दौरान फिजिकल एक्टिविटी कर रहे थे। इसी दौरान अचानक उनकी तबीयत बिगड़ गई। उन्हें तुरंत अस्पताल में भर्ती कराया गया, लेकिन उन्हें बचाया नहीं जा सका। बताया गया है कि PT के दौरान हार्ट फेल होने से उनका निधन हुआ। सेना की ओर से उनका पार्थिव शरीर गांव लाने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। देर शाम तक पार्थिव शरीर कासनी गांव पहुंचने की संभावना है। इसके बाद सैन्य सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया जाएगा।

रवि प्रकाश वर्ष 2015 में भारतीय सेना में भर्ती हुए थे। उनकी तैनाती राष्ट्रीय राइफल की 54 बटालियन में कश्मीर में थी। करीब दो माह पहले वह घर से ड्यूटी पर गए थे। फिलहाल वह बेंगलुरु में प्रमोशन कोर्स कर रहे थे। मंगलवार को ट्रेनिंग के दौरान उनकी तबीयत अचानक बिगड़ी और अस्पताल पहुंचाने के बावजूद उनकी जान नहीं बच सकी।

2015 में भारतीय सेना में हुआ था चयन

रवि प्रकाश का वर्ष 2015 में भारतीय सेना में चयन हुआ था। सेना में सेवा के दौरान उनकी तैनाती राष्ट्रीय राइफल की 54 बटालियन में कश्मीर में थी। पिता श्रीकृष्ण सांगवान ने बताया कि करीब 2 माह पहले रवि घर से ड्यूटी पर गए थे। फिलहाल वह बेंगलुरु में प्रमोशन कोर्स कर रहे थे।

मंगलवार सुबह वह PT के दौरान फिजिकल एक्टिविटी कर रहे थे। इसी दौरान उनकी तबीयत बिगड़ गई। उन्हें तत्काल अस्पताल ले जाया गया, लेकिन चिकित्सक उन्हें बचा नहीं सके। पिता के अनुसार, हार्ट फेल होने से रवि प्रकाश का निधन हुआ।

8 साल का बेटा, पत्नी होममेकर

रवि प्रकाश के परिवार में उनकी पत्नी सुनीता और 8 साल का बेटा देव है। सुनीता होममेकर हैं। परिवार में पिता श्रीकृष्ण सांगवान खेतीबाड़ी करते हैं, जबकि मां नीलम गृहिणी हैं। रवि का बड़ा भाई दिनेश भी खेतीबाड़ी करता है। उनकी बड़ी बहन प्रीति शादीशुदा हैं।

रवि प्रकाश के निधन की खबर से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। जिस जवान के घर लौटने का परिवार इंतजार कर रहा था, अब उसका पार्थिव शरीर गांव पहुंचने की खबर का इंतजार हो रहा है।

कल VIDEO कॉल पर पत्नी, बेटे और पिता से हुई थी बात

रवि प्रकाश ने निधन से एक दिन पहले ही पत्नी, बेटे और पिता से VIDEO कॉल पर बात की थी। पिता श्रीकृष्ण सांगवान के मुताबिक, रवि की ट्रेनिंग का मंगलवार को आखिरी दिन था।

बातचीत के दौरान रवि ने कहा था कि अब हवलदार बन जाऊंगा। हवलदार बनने के बाद वापस घर लौटना है। परिवार के लिए यह बातचीत अब आखिरी याद बन गई है।

एक दिन पहले VIDEO कॉल पर परिवार से बात करने वाले रवि प्रकाश के अगले ही दिन निधन की खबर ने परिजनों को गहरे सदमे में डाल दिया। ट्रेनिंग सेंटर से अब परिवार को संदेश मिला है कि कागजी कार्रवाई के लिए बेंगलुरु बुलाया गया है।

कासनी गांव पहुंचेगा पार्थिव शरीर

रवि प्रकाश के पार्थिव शरीर को बेंगलुरु से उनके पैतृक गांव कासनी लाने की प्रक्रिया सेना की ओर से शुरू कर दी गई है। देर शाम तक पार्थिव शरीर गांव पहुंचने की संभावना है। इसके बाद सैन्य सम्मान के साथ उनका अंतिम संस्कार किया जाएगा।

परिवार के लिए रवि प्रकाश का जाना कभी न भरने वाला दुख है। एक दिन पहले तक वह पत्नी, बेटे और पिता से अपने भविष्य की बात कर रहे थे और ट्रेनिंग पूरी होने के बाद घर लौटने की तैयारी में थे। लेकिन मंगलवार को ट्रेनिंग के दौरान अचानक उनकी तबीयत बिगड़ने से सब कुछ बदल गया।