Delhi Blast:आटा चक्की से पीसकर रिफाइन किया अमोनियम नाइट्रेट:इलेक्ट्रॉनिक मशीन बरामद

फरीदाबाद के धौज में एनआईए ने टैक्सी ड्राइवर के घर से आटा-चक्की और मशीनें बरामद कीं। डॉक्टर मुजम्मिल यूरिया पीसकर अमोनियम नाइट्रेट तैयार करता था। 2558 किलो यूरिया भी जब्त।

Delhi Blast:आटा चक्की से पीसकर रिफाइन किया अमोनियम नाइट्रेट:इलेक्ट्रॉनिक मशीन बरामद


धौज में टैक्सी ड्राइवर के घर से आटा-चक्की और इलेक्ट्रिक मशीन बरामद
मुजम्मिल यूरिया पीसकर अमोनियम नाइट्रेट रिफाइन करता था
2558 किलो यूरिया अलग कमरे से बरामद, एनआईए हिरासत में पूछताछ जारी



फरीदाबाद के गांव धौज में एक बड़ी कार्रवाई करते हुए एनआईए ने बुधवार देर रात एक टैक्सी ड्राइवर के घर से आटा-चक्की और कुछ इलेक्ट्रिकल मशीनें बरामद की हैं। जांच में पता चला है कि इन मशीनों का उपयोग डॉक्टर मुजम्मिल धौज में किराए पर लिए कमरे में यूरिया को पीसकर अमोनियम नाइट्रेट रिफाइन करने में करता था। इसी कमरे से 9 नवंबर को जम्मू-कश्मीर व फरीदाबाद पुलिस ने 360 किलो अमोनियम नाइट्रेट और अन्य विस्फोटक बरामद किए थे।

सूत्रों के अनुसार मुजम्मिल लंबे समय से यूरिया को आटा-चक्की में बारीक पाउडर में बदलकर इलेक्ट्रिकल मशीन से उसका रिफाइन करता था। इसके बाद वह उससे संबंधित केमिकल तैयार करता था। एनआईए ने टैक्सी ड्राइवर को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है।

पूछताछ में डॉक्टर मुजम्मिल ने खुलासा किया कि वह विस्फोटक सामग्री तैयार करने के लिए आटा-चक्की का उपयोग करता था। उसकी निशानदेही पर ही एनआईए ने टैक्सी ड्राइवर के घर छापा मारा और वहां से वही उपकरण बरामद किए गए जो विस्फोटक रिफाइनिंग में उपयोग होते थे। बरामद मशीनों को जांच के लिए फोरेंसिक लैब भेजा गया है, जहां उनसे अमोनियम नाइट्रेट के अंशों का परीक्षण किया जाएगा।

जांच में यह भी सामने आया कि फतेहपुर तगा में किराए पर लिए कमरे से 2558 किलो यूरिया बरामद किया गया था। यह यूरिया धौज लाकर आटा-चक्की में पीसने की तैयारी थी, लेकिन उससे पहले ही पुलिस ने मुजम्मिल व उसके सहयोगियों को पकड़ लिया। इस मामले में फतेहपुर तगा का मकान मालिक और अल-फलाह यूनिवर्सिटी कैंपस स्थित मस्जिद का इमाम मोहम्मद इश्तियाक भी पुलिस की गिरफ्त में है।

एनआईए की जांच में यह भी पता चला कि मुजम्मिल अल-फलाह यूनिवर्सिटी की लैब से केमिकल चोरी कर अपने किराए के कमरे में लाता था और इलेक्ट्रिकल मशीनों से विस्फोटक तैयार करने के लिए उनका उपयोग करता था। टीम को यह भी जानकारी मिली कि आतंकी मैटल पिघलाने वाली मशीन से विभिन्न धातुओं को पिघलाकर मिलावट करने का काम भी करते थे।

टैक्सी ड्राइवर, जो पिछले 20 वर्षों से धौज में अपनी बहन के पास रह रहा था, छोटे बच्चों के स्कूल के लिए कैब चलाता है। उसने पूछताछ में बताया कि उसकी डॉक्टर मुजम्मिल से पहचान तब हुई जब उसके बेटे के झुलसने पर उसका इलाज अल-फलाह मेडिकल कॉलेज के इसी डॉक्टर ने किया था। इसके बाद दोनों के बीच मुलाकातें बढ़ती गईं, और धीरे-धीरे मुजम्मिल उससे उपकरण ले जाने संबंधी सहायता लेने लगा।