डीसी बोले “व्हाट नॉनसेंस”, मंत्री ने कहा “सस्पेंड करेंगे” !

हरियाणा के नारनौल में जन परिवेदना समिति की बैठक के दौरान मंत्री अरविंद शर्मा अफसरों पर भड़क गए। तीन बैठकों से लंबित शिकायत पर कार्रवाई न होने से डीसी ने एसई को नॉनसेंस कहा, मंत्री ने चेताया—काम नहीं किया तो सस्पेंड होंगे अधिकारी।

डीसी बोले “व्हाट नॉनसेंस”, मंत्री ने कहा “सस्पेंड करेंगे” !

  • जन परिवेदना समिति बैठक में मंत्री अरविंद शर्मा नारनौल में अफसरों पर भड़क गए

  • डीसी कैप्टन मनोज कुमार ने जनस्वास्थ्य विभाग के एसई को नॉनसेंस कह डाला

  • मंत्री ने कहा—काम नहीं किया तो सस्पेंड होंगे अधिकारी


हरियाणा के नारनौल में शुक्रवार को हुई जन परिवेदना एवं कष्ट निवारण समिति की बैठक में उस समय माहौल गर्मा गया, जब लगातार तीन बैठकों से लंबित चल रही शिकायत पर कोई कार्रवाई न होने पर राज्यमंत्री अरविंद कुमार शर्मा ने अफसरों की क्लास लगा दी। बैठक के दौरान मंत्री ने नारनौल के डीसी कैप्टन मनोज कुमार और विभागीय अधिकारियों से सख्त लहजे में जवाब मांगा।

नारनौल में शिकायत सुनते हुए मंत्री अरविंद शर्मा।

बैठक में शहर के मोहल्ला जमालपुर निवासी विपिन शर्मा और दुलीचंद शर्मा की ओर से आई शिकायत पर चर्चा हो रही थी। मंत्री ने कहा कि यह मामला लगातार तीन बैठकों से लटका हुआ है। आखिर कार्रवाई क्यों नहीं हुई? इस पर ग्रीवेंस कमेटी के सदस्यों ने भी विभाग पर गंभीर आरोप लगाए कि जनस्वास्थ्य विभाग के कारण सरकार की बदनामी हो रही है। अधिकारियों पर यह भी आरोप लगा कि वे फोन तक नहीं उठाते और शिकायतों को नजरअंदाज कर देते हैं।

इसी दौरान एक और परिवादी ने मोती नगर की सड़क पर जनस्वास्थ्य विभाग द्वारा खुदे गड्ढे की शिकायत रखी। मंत्री ने इस पर तत्काल कार्रवाई के निर्देश देते हुए कहा कि “रोड को तुरंत ठीक किया जाए और जनता को राहत दी जाए।” वहीं, एक अन्य सदस्य ने शिकायत की कि ढाणी किरोरद गांव की 200 एकड़ जमीन बारिश के बाद से पानी में डूबी हुई है, जिससे किसान ना तो बाजरा निकाल पाए और ना ही सरसों या गेहूं की बुवाई कर पा रहे हैं।

नारनौल में जन परिवेदना समिति की बैठक में मौजूद अधिकारी व लोग

इस पर डीसी कैप्टन मनोज कुमार ने सख्त प्रतिक्रिया देते हुए कहा—“व्हाट नॉनसेंस!” उन्होंने बताया कि यह मामला उनके पास एक माह पहले आया था और उन्होंने डीआरओ को रिपोर्ट के लिए भेजा था। रिपोर्ट आने के बाद जनस्वास्थ्य विभाग के एसई एस.पी. जोशी को निर्देश दिए गए थे, लेकिन एक माह बीत जाने के बाद भी कोई काम नहीं हुआ।

डीसी की नाराजगी के बाद मंत्री अरविंद शर्मा ने सीधे एसई से सवाल किया—“क्या आपके अधीनस्थ अधिकारी आपकी नहीं सुनते? क्या XEN और SDO आपकी बात नहीं मानते?” इस पर एसई कोई ठोस जवाब नहीं दे पाए। इस पर डीसी ने मौके पर ही विभाग के सभी अधिकारियों को बुला लिया।

नारनौल के DC कैप्टन मनोज कुमार।

बैठक में बढ़ते विवाद के बीच मंत्री ने डीसी को सख्त निर्देश दिए—“जनस्वास्थ्य विभाग के सभी अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस जारी करें। एक माह में जवाब मांगा जाए। अगर अधिकारी काम नहीं करते हैं या लापरवाही दिखाते हैं, तो उन्हें सस्पेंड किया जाएगा।

मंत्री ने यह भी कहा कि डीएमसी से जुड़ी शिकायतें भी लगातार आ रही हैं, इसलिए उन्हें भी नोटिस जारी किया जाए। मंत्री ने दो टूक कहा कि जनता की परेशानी से खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। बैठक के दौरान कई अधिकारियों के चेहरे उतर गए, जबकि शिकायतकर्ताओं ने मंत्री की सख्ती पर राहत की सांस ली।