भारत के इस शहर में शुरू होने जा रही पहली पॉड टैक्सी, बिना ड्राइवर के भरेगी रफ्तार
मुंबई के BKC में भारत की पहली ड्राइवरलेस पॉड टैक्सी शुरू करने की योजना है। 3.5 KM से शुरुआत होगी, जो आगे 9 KM तक बढ़ेगी और ट्रांसपोर्ट सिस्टम बदल देगी।
➤ मुंबई के BKC में देश की पहली ड्राइवरलेस पॉड टैक्सी शुरू करने की तैयारी
➤ 3.5 KM से शुरुआत, बाद में 9 KM तक विस्तार का प्लान
➤ बिना ड्राइवर, इलेक्ट्रिक और फास्ट ट्रांसपोर्ट से बदल जाएगी शहर की सफर व्यवस्था
देश की आर्थिक राजधानी Mumbai में अब ट्रांसपोर्ट सिस्टम को पूरी तरह बदलने की दिशा में बड़ा कदम उठाया जा रहा है। शहर के प्रमुख बिजनेस हब Bandra Kurla Complex में भारत की पहली ड्राइवरलेस पॉड टैक्सी सिस्टम शुरू करने की योजना बनाई गई है। यह प्रोजेक्ट शहर को स्मार्ट और फ्यूचर रेडी बनाने की दिशा में अहम माना जा रहा है।
इस योजना के तहत छोटे-छोटे इलेक्ट्रिक पॉड वाहन बिना किसी ड्राइवर के खुद चलेंगे। इनका मकसद कम दूरी की यात्रा को तेज, आसान और स्मार्ट बनाना है, ताकि लोग मेट्रो स्टेशन, रेलवे स्टेशन और ऑफिस तक बिना ट्रैफिक के झंझट के जल्दी पहुंच सकें।
इस प्रोजेक्ट का पहला चरण करीब 3 से 3.5 किलोमीटर लंबा होगा, जो BKC के भीतर मेट्रो स्टेशन, ऑफिस एरिया और कमर्शियल जोन को आपस में जोड़ेगा। इसके बाद इसे विस्तार देकर करीब 8 से 9 किलोमीटर तक बढ़ाया जाएगा, जिससे पूरा बिजनेस डिस्ट्रिक्ट इस नेटवर्क के तहत आ जाएगा।
इस पॉड टैक्सी सिस्टम की सबसे बड़ी खासियत इसका पूरी तरह ऑटोमैटिक होना है। इसमें किसी ड्राइवर की जरूरत नहीं होगी। यह एडवांस सेंसर, कंट्रोल सिस्टम और स्मार्ट टेक्नोलॉजी के जरिए खुद ही अपने रूट पर चलेगी। हर पॉड में करीब 4 से 6 यात्री बैठ सकेंगे, जिससे यह छोटे ग्रुप ट्रैवल के लिए बेहद सुविधाजनक रहेगा।
यह सिस्टम पूरी तरह इलेक्ट्रिक बेस्ड होगा, जिससे प्रदूषण कम होगा और पर्यावरण को भी फायदा मिलेगा। पॉड टैक्सी की स्पीड करीब 40 किलोमीटर प्रति घंटा रखी जाएगी, जो शहर के भीतर तेज और सुरक्षित यात्रा के लिए पर्याप्त मानी जा रही है।
इस सिस्टम की एक और खास बात यह होगी कि यह पारंपरिक ट्रांसपोर्ट की तरह हर स्टेशन पर नहीं रुकेगी। यात्री जिस स्टेशन का चयन करेगा, पॉड सीधे उसी स्टेशन तक जाएगा। इससे समय की बचत होगी और यात्रा ज्यादा तेज व आरामदायक बनेगी।
यात्रियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए इस नेटवर्क को इस तरह डिजाइन किया जा रहा है कि हर 15 से 30 सेकंड में एक पॉड उपलब्ध हो सके। इससे लोगों को लंबे समय तक इंतजार नहीं करना पड़ेगा और पीक ऑवर्स में भी ट्रैफिक का दबाव कम होगा।
इस महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट की अनुमानित लागत करीब 1000 करोड़ रुपये है। इसे सरकार और निजी कंपनियों की साझेदारी यानी PPP मॉडल के तहत विकसित किया जाएगा।
योजना के तहत इस रूट पर कुल 22 एयर-कंडीशनर स्टेशन बनाए जाएंगे, जो लगभग हर 200 मीटर पर स्थित होंगे। इसके अलावा पॉड टैक्सी संचालन के लिए बांद्रा ईस्ट में RLDA प्लॉट पर डिपो भी तैयार किया जाएगा।
विशेषज्ञों का मानना है कि अगर यह प्रोजेक्ट सफल रहता है, तो भविष्य में इसे न सिर्फ मुंबई के अन्य इलाकों में बल्कि देश के दूसरे बड़े शहरों में भी लागू किया जा सकता है। इससे भारत के शहरी ट्रांसपोर्ट सिस्टम में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है।
Akhil Mahajan