रोहतक मंडियों में गेहूं खरीद पर सरकार सख्त, मंत्री बोले- एक-एक दाना खरीदा जाएगा
रोहतक मंडियों में गेहूं खरीद को लेकर मंत्री अरविंद शर्मा का बड़ा बयान, सरकार ने बायोमेट्रिक समस्या दूर कर प्रक्रिया तेज की, किसानों को राहत देने का दावा।
➤ सरकार का लक्ष्य किसानों का एक-एक दाना खरीदना
➤ बायोमेट्रिक दिक्कत पर तुरंत कार्रवाई, प्रक्रिया हुई तेज
➤ विपक्ष पर राजनीति करने का आरोप, सरकार ने दिया जवाब
रोहतक की मंडियों में गेहूं खरीद को लेकर हरियाणा सरकार पूरी तरह सक्रिय नजर आ रही है। कैबिनेट मंत्री डॉ. अरविंद शर्मा ने स्पष्ट कहा है कि सरकार का लक्ष्य किसानों की मेहनत का एक-एक दाना खरीदना है और इस दिशा में कोई भी कमी नहीं छोड़ी जाएगी। उन्होंने भरोसा दिलाया कि किसानों को किसी प्रकार की परेशानी नहीं होने दी जाएगी।
डॉ. शर्मा ने बताया कि मुख्यमंत्री और सभी मंत्री लगातार मंडियों का दौरा कर रहे हैं। वे व्यवस्थाओं का निरीक्षण कर रहे हैं ताकि खरीद प्रक्रिया सुचारू रूप से चलती रहे और किसानों को किसी तरह की दिक्कत का सामना न करना पड़े। सरकार जमीनी स्तर पर पूरी स्थिति पर नजर बनाए हुए है।
उन्होंने माना कि शुरुआती दिनों में बायोमेट्रिक प्रक्रिया के कारण किसानों को परेशानी हुई। इस प्रक्रिया में समय अधिक लग रहा था, जिससे किसानों को इंतजार करना पड़ा। लेकिन सरकार ने इस समस्या को गंभीरता से लेते हुए तुरंत बायोमेट्रिक मशीनों की संख्या बढ़ा दी, जिससे अब खरीद प्रक्रिया पहले के मुकाबले काफी तेज और आसान हो गई है।
मंत्री ने कहा कि किसी भी नए नियम के लागू होने के शुरुआती दौर में कुछ दिक्कतें आना स्वाभाविक है। लेकिन आने वाले समय में यही नियम किसानों के लिए फायदेमंद साबित होंगे। सरकार का पूरा फोकस पारदर्शिता और सुगमता के साथ खरीद प्रक्रिया को मजबूत करना है।
इस दौरान डॉ. शर्मा ने विपक्ष पर भी तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष इस मुद्दे को बेवजह राजनीतिक रंग देने की कोशिश कर रहा है। उन्होंने कहा कि विपक्ष विधानसभा में इस विषय पर गंभीर चर्चा से बचता है और वॉकआउट कर जाता है, जबकि बाहर जाकर राजनीतिक बयानबाजी करता है।
मंत्री ने यह भी कहा कि कुछ विपक्षी नेता अब मंदिरों में जाकर राजनीति कर रहे हैं, जो पूरी तरह गलत है। उन्होंने दोहराया कि सरकार किसानों के हितों के प्रति पूरी तरह प्रतिबद्ध है और उनकी हर समस्या का समाधान प्राथमिकता के आधार पर किया जा रहा है।
Akhil Mahajan