पूर्व सीएम हुड्डा के खिलाफ केस चलाने की मंजूरी, बढ़ी मुश्किलें
हरियाणा सरकार ने पूर्व सीएम भूपेंद्र सिंह हुड्डा के खिलाफ पंचकूला औद्योगिक भूखंड आवंटन मामले में केस चलाने की मंजूरी दे दी है। CBI पहले से जांच कर रही है।
➤ पूर्व सीएम भूपेंद्र सिंह हुड्डा के खिलाफ केस चलाने की मंजूरी
➤ पंचकूला के 14 औद्योगिक भूखंड आवंटन से जुड़ा मामला
➤ HUDA के दो पूर्व अधिकारियों के नाम भी जांच में शामिल
हरियाणा की राजनीति में एक बार फिर बड़ा घटनाक्रम सामने आया है। कांग्रेस नेता और पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा की मुश्किलें बढ़ गई हैं। राज्य सरकार ने पंचकूला के औद्योगिक क्षेत्र में 14 भूखंडों के आवंटन से जुड़े मामले में उनके खिलाफ मुकदमा चलाने की मंजूरी दे दी है।
यह मामला वर्ष 2013 का है, जब भूपेंद्र सिंह हुड्डा हरियाणा के मुख्यमंत्री पद पर थे। आरोप है कि उस समय औद्योगिक भूखंडों के आवंटन में अनियमितताएं बरती गईं। इस मामले की जांच सीबीआई द्वारा की जा रही है।
जानकारी के अनुसार, सीबीआई ने फरवरी 2026 में हरियाणा सरकार से अभियोजन की अनुमति मांगी थी। इसके बाद अब सरकार ने इस पर मुहर लगा दी है। हालांकि, इस मामले में एफआईआर पहले ही वर्ष 2016 में दर्ज की जा चुकी थी और लंबे समय से जांच जारी थी।
इस केस में सिर्फ पूर्व मुख्यमंत्री ही नहीं, बल्कि हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण (HUDA) के दो वरिष्ठ अधिकारियों के नाम भी शामिल हैं। इनमें पूर्व मुख्य वित्त नियंत्रक एससी कंसल और पूर्व उप अधीक्षक बीबी तनेजा शामिल हैं। सरकार ने इनके खिलाफ भी अभियोजन की मंजूरी दे दी है।
मामले में आरोप है कि औद्योगिक भूखंडों के आवंटन में नियमों की अनदेखी कर कुछ पक्षों को लाभ पहुंचाया गया। हालांकि, इस पूरे मामले में अंतिम फैसला अदालत में सुनवाई के बाद ही आएगा।
राजनीतिक रूप से यह मामला काफी अहम माना जा रहा है, क्योंकि इससे हरियाणा की सियासत में नई बहस छिड़ सकती है। विपक्ष और सत्तापक्ष के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर तेज होने की संभावना है।
Akhil Mahajan