शादी से पहले बेटी अरेस्ट! सामने आया गोल्ड स्कैम, करनाल में नकली सोने का बड़ा खेल, पिता-पुत्री समेत 8 का गैंग बेनकाब
करनाल में नकली सोना बेचने वाले पिता-पुत्री गैंग का खुलासा, 8 लोग शामिल, 10 लाख की ठगी, 50 केस वाला आरोपी, शादी से पहले बेटी गिरफ्तार।
➤ पिता-पुत्री ने बनाया नकली सोने का गैंग, 8 लोग शामिल
➤ 50 केस वाला शातिर आरोपी, बेटी की 2 दिन बाद शादी
➤ 10 लाख की ठगी, ज्वैलर्स भी नहीं पहचान पाए नकली सोना
करनाल में नकली सोने की खरीद-फरोख्त का बड़ा खुलासा हुआ है, जिसने पूरे इलाके में सनसनी फैला दी है। पुलिस जांच में सामने आया है कि एक पिता-पुत्री ने मिलकर पूरा गैंग तैयार किया, जिसमें कुल 8 लोग शामिल हैं। इस गिरोह ने बेहद शातिर तरीके से ज्वैलर्स को निशाना बनाया और लाखों की ठगी को अंजाम दिया।
पुलिस के मुताबिक गिरफ्तार आरोपियों में बहादुरगढ़ निवासी सर्वपाल सिंह और उसकी 22 वर्षीय बेटी खुशी अरोड़ा शामिल हैं। डीएसपी राजीव कुमार ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि बाकी 6 आरोपियों की तलाश जारी है। खास बात यह है कि खुशी अरोड़ा की 16 अप्रैल को शादी होने की भी जानकारी सामने आई है, जिससे मामला और चर्चा में आ गया है।
डीएसपी के अनुसार सर्वपाल सिंह एक शातिर अपराधी है, जिस पर करीब 50 मुकदमे दर्ज हैं। इनमें हत्या, पुलिस पर फायरिंग, धोखाधड़ी, जालसाजी और चोरी जैसे गंभीर अपराध शामिल हैं। पुलिस रिमांड के बाद उसे जेल भेज दिया गया है।
गिरोह का ठगी करने का तरीका बेहद चालाक था। आरोपी ऊपर से असली सोने की परत चढ़ाकर नकली धातु तैयार करते थे, जिसे पहली नजर में पहचानना लगभग नामुमकिन था। यहां तक कि मशीनें भी इस नकली सोने को पकड़ नहीं पाती थीं। जब ज्वेलरी को पिघलाया जाता, तभी असलियत सामने आती थी।
पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपियों ने करीब 66 ग्राम सोने की ठगी की, जिसकी कीमत लगभग 10 लाख रुपए बताई जा रही है। इसमें से 56 ग्राम सोना बरामद कर लिया गया है, जबकि बाकी रकम को लेकर जांच जारी है।
इस पूरे मामले का खुलासा तब हुआ जब ओपीएस ज्वेलर्स के प्रतिनिधि ने 7 अप्रैल को शिकायत दर्ज कराई। उन्होंने बताया कि कुछ लोग बार-बार शोरूम में आकर सोना बेचते थे और बदले में असली सोना या नकदी लेकर चले जाते थे। जब खरीदे गए सोने को पिघलाया गया तो उसमें अंदर सस्ती धातु निकली।
गिरोह वारदात को बेहद प्लानिंग के साथ अंजाम देता था। उदाहरण के तौर पर आरोपी 12 ग्राम की नकली अंगूठी देकर बदले में 8 ग्राम असली सोना और नकद राशि ले लेते थे। इस तरह वे कई बार शोरूम को चूना लगाते रहे और किसी को भनक तक नहीं लगी।
सीसीटीवी फुटेज में सामने आया कि आरोपी अलग-अलग दिन शोरूम पहुंचे। 28 मार्च, 30 मार्च और 1 अप्रैल को अलग-अलग सदस्यों ने इस वारदात को अंजाम दिया। हर बार सामान्य खरीद-बिक्री की तरह प्रक्रिया हुई, जिससे किसी को शक नहीं हुआ।
पुलिस ने 8 अप्रैल को दोनों मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। मामले की जांच अभी जारी है और पुलिस का कहना है कि बाकी आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद और बड़े खुलासे हो सकते हैं।
डीएसपी के अनुसार अभी कई सवालों के जवाब मिलना बाकी हैं, जैसे कि क्या इस गिरोह ने अन्य शोरूम को भी निशाना बनाया या नहीं। साथ ही खुशी अरोड़ा की शादी को लेकर भी स्थिति स्पष्ट नहीं है।
Akhil Mahajan