लिफ्ट देकर लूट करने वाले बदमाशों को 10-10 साल की सजा

भिवानी में पिस्टल पॉइंट पर कार लूटने के मामले में कोर्ट ने दो आरोपियों को 10-10 साल की सजा और ₹21,000 जुर्माना लगाया। पुलिस की जांच और पैरवी सफल रही।

लिफ्ट देकर लूट करने वाले बदमाशों को 10-10 साल की सजा

लिफ्ट लेकर पिस्टल पॉइंट पर कार लूटने वालों को 10-10 साल की सजा
कोर्ट ने दोनों आरोपियों पर ₹21-21 हजार का जुर्माना भी लगाया
पुलिस की मजबूत पैरवी से कोर्ट ने सुनाया सख्त फैसला


भिवानी जिले में लूट के एक गंभीर मामले में जिला एवं सत्र न्यायाधीश डी.आर. चालिया की अदालत ने बड़ा फैसला सुनाते हुए दो आरोपियों को 10-10 वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। इसके साथ ही दोनों पर ₹21,000-₹21,000 का जुर्माना भी लगाया गया है। अदालत ने साफ किया कि जुर्माना न भरने की स्थिति में आरोपियों को अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी।

यह मामला 02 दिसंबर 2021 की रात का है, जब राजस्थान के झुंझुनू निवासी एक व्यक्ति अपनी स्विफ्ट कार से दिल्ली ड्यूटी पर जा रहा था। रास्ते में लोहारू के पास एक दुकान पर रुकने के दौरान दो युवकों ने उससे बातचीत की और दिल्ली जाने के लिए लिफ्ट मांगी। कुछ दूरी तक साथ चलने के बाद दोनों आरोपियों ने अचानक पिस्टल दिखाकर गाड़ी लूट ली और चालक को बीच रास्ते में उतार दिया।

आरोपियों ने पीड़ित को जान से मारने की धमकी भी दी और मौके से फरार हो गए। इस घटना के बाद पीड़ित ने थाना जूई कला में शिकायत दर्ज करवाई, जिसके आधार पर पुलिस ने संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की।

मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने तत्परता से कार्रवाई करते हुए दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया और न्यायालय में पेश किया। ट्रायल के दौरान पुलिस द्वारा पेश किए गए साक्ष्य और गवाहों के आधार पर अदालत ने दोनों को दोषी करार दिया।

दोषी आरोपियों की पहचान मनजीत उर्फ अनुराग निवासी सारंगपुर, जिला चरखी दादरी और सनी पाल उर्फ लकी निवासी दिनोद, जिला भिवानी के रूप में हुई है।

न्यायालय ने अलग-अलग धाराओं के तहत सजा सुनाते हुए धारा 397 IPC में 10 वर्ष कारावास और ₹10,000 जुर्माना, धारा 201 IPC में 1 वर्ष कारावास और ₹1,000 जुर्माना, धारा 506 IPC में 2 वर्ष कारावास और ₹5,000 जुर्माना तथा शस्त्र अधिनियम की धारा 25 में 3 वर्ष कारावास और ₹5,000 जुर्माना लगाया है।

इस पूरे मामले में भिवानी पुलिस की प्रभावी जांच और मजबूत पैरवी की अहम भूमिका रही, जिसके चलते अदालत ने सख्त रुख अपनाते हुए आरोपियों को कड़ी सजा सुनाई।

इस फैसले के बाद पुलिस अधीक्षक सुमित कुमार ने जिला पुलिस को निर्देश दिए हैं कि ऐसे संगीन अपराधों में शामिल आरोपियों के खिलाफ त्वरित कार्रवाई और मजबूत पैरवी सुनिश्चित की जाए, ताकि अपराध पर प्रभावी अंकुश लगाया जा सके।