Meta का बड़ा फैसला, अब Instagram-Facebook चलाने के लिए देने पड़ सकते हैं पैसे
Meta ने Instagram, Facebook और WhatsApp के लिए नए पेड सब्सक्रिप्शन प्लान पेश किए हैं। प्रीमियम फीचर्स के लिए यूजर्स को हर महीने शुल्क देना पड़ सकता है।
- Meta ने Instagram, Facebook और WhatsApp के लिए पेड प्लान लॉन्च किए
- प्रीमियम फीचर्स के लिए अब यूजर्स को हर महीने पैसे देने होंगे
- कंपनी अब सिर्फ विज्ञापनों पर निर्भर नहीं रहना चाहती
सोशल मीडिया और मैसेजिंग प्लेटफॉर्म चलाने वाली Meta ने बड़ा ऐलान करते हुए अपने लोकप्रिय ऐप्स Instagram, Facebook और WhatsApp के लिए नए पेड सब्सक्रिप्शन प्लान पेश कर दिए हैं। कंपनी ने इन प्रीमियम प्लान्स को दुनियाभर के यूजर्स के लिए लॉन्च करने की तैयारी शुरू कर दी है, जिसमें भारत भी शामिल है।
Meta अब अपने प्लेटफॉर्म्स का Plus Version लाने जा रही है। इन पेड प्लान्स के तहत यूजर्स को कई एक्सक्लूसिव फीचर्स, एडवांस टूल्स और कस्टमाइजेशन ऑप्शन दिए जाएंगे। कंपनी का कहना है कि कुछ खास फीचर्स अब सिर्फ प्रीमियम यूजर्स के लिए उपलब्ध होंगे, जो फ्री वर्जन में नहीं मिलेंगे।
दरअसल Meta लंबे समय से अपनी कमाई के लिए मुख्य रूप से विज्ञापनों पर निर्भर रही है। लेकिन अब कंपनी नए रेवेन्यू मॉडल पर काम कर रही है। इस फैसले से साफ संकेत मिल रहे हैं कि Meta अब सब्सक्रिप्शन बेस्ड कमाई को भी मजबूत करना चाहती है।
कंपनी चाहती है कि यूजर्स बेहतर एक्सपीरियंस, ज्यादा ऑडियंस रीच और एडवांस सुविधाओं के लिए हर महीने भुगतान करें। माना जा रहा है कि आने वाले समय में कंटेंट क्रिएटर्स, बिजनेस अकाउंट्स और प्रोफेशनल यूजर्स को इन प्रीमियम फीचर्स से ज्यादा फायदा मिल सकता है।
Meta ने फिलहाल अंतरराष्ट्रीय कीमतों का खुलासा किया है। कंपनी के मुताबिक Instagram Plus और Facebook Plus की कीमत 3.99 डॉलर यानी करीब 387 रुपए प्रति माह रखी गई है। वहीं WhatsApp Plus के लिए यूजर्स को 2.99 डॉलर यानी करीब 290 रुपए प्रति माह खर्च करने होंगे।
हालांकि कंपनी ने अभी भारत में इन प्लान्स की आधिकारिक कीमतों की घोषणा नहीं की है। माना जा रहा है कि भारतीय बाजार को देखते हुए Meta अलग प्राइसिंग मॉडल भी ला सकती है।
तकनीकी विशेषज्ञों का कहना है कि अगर Meta के ये पेड प्लान्स सफल होते हैं तो आने वाले समय में सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर फ्री और प्रीमियम यूजर्स के बीच बड़ा अंतर देखने को मिल सकता है। इससे डिजिटल प्लेटफॉर्म्स का पूरा बिजनेस मॉडल भी बदल सकता है।
Akhil Mahajan