30 हजार एडवांस लेकर कॉलेज चेयरमैन के घर बरसा दी गोलियां, आरोपी के मां-बाप और भाई गिरफ्तार
कुरुक्षेत्र में कॉलेज चेयरमैन रजनीश बंसल के घर फायरिंग मामले में पुलिस ने आरोपी अर्जुन पंडित के मां-बाप और भाई को गिरफ्तार किया है। गैंग फंडिंग और रंगदारी एंगल की जांच जारी है।
- कॉलेज चेयरमैन के घर फायरिंग के लिए 30 हजार रुपए एडवांस दिए गए
- वांटेड आरोपी अर्जुन पंडित के मां-बाप और भाई गिरफ्तार
- नोनी राणा गैंग से कनेक्शन और फंडिंग की जांच में जुटी पुलिस
कुरुक्षेत्र जिले के लाडवा में स्थित हिमालयन ग्रुप ऑफ प्रोफेशनल इंस्टीट्यूशंस के चेयरमैन रजनीश बंसल के घर पर हुई ताबड़तोड़ फायरिंग मामले में पुलिस जांच में बड़े खुलासे हुए हैं। पुलिस के मुताबिक मुख्य आरोपी अर्जुन पंडित ने करीब 30 हजार रुपए एडवांस लेकर वारदात को अंजाम दिया था। इतना ही नहीं, फायरिंग के बाद भी आरोपी तक लगातार पैसे पहुंचाए जाते रहे।
सीआईए-1 की जांच में सामने आया कि इस रकम का कुछ हिस्सा ऑनलाइन ट्रांसफर किया गया था। वहीं अर्जुन पंडित के पकड़े जाने से पहले तक गैंग के सदस्य उसे खर्च के लिए पैसे उपलब्ध करवाते रहे। पुलिस को शक है कि यह पूरी वारदात गैंगवार और रंगदारी से जुड़ी साजिश का हिस्सा थी।
पुलिस जांच के अनुसार अर्जुन पंडित और नोनी राणा गैंग के बीच फायरिंग को लेकर डील हुई थी। फायरिंग के लिए इस्तेमाल हथियार भी आरोपी को उपलब्ध करवाए गए थे। हालांकि यह डील कितनी रकम में तय हुई थी, इसकी जांच अभी जारी है।
पुलिस पूछताछ में आरोपी अर्जुन पंडित ने कबूल किया कि 15-16 अप्रैल की रात वह अपने एक साथी के साथ अग्रवाल कॉलोनी पहुंचा था। यहां उसने पहले घर के अंदर एक पर्ची फेंकी और उसके बाद ताबड़तोड़ गोलियां बरसाईं। पर्ची पर अंग्रेजी में “शुभम पंडित, कार्तिक शर्मा, रुद्र बंसल… फिर मिलते हैं” लिखा गया था। इसके बाद दोनों बदमाश करीब 18 राउंड फायरिंग कर मौके से फरार हो गए।
चेयरमैन के कर्मचारी ओमप्रकाश के अनुसार जनवरी 2025 में ही रजनीश बंसल को फोन पर रंगदारी की धमकी मिली थी। पैसे नहीं मिलने के बाद आरोपियों ने रंजिश रखना शुरू कर दिया था। पुलिस का मानना है कि दबाव बनाने और डर फैलाने के लिए ही घर पर फायरिंग करवाई गई।
इस मामले में पुलिस लगातार कार्रवाई कर रही है। सीआईए टीम ने 22 मई को आरोपी अर्जुन पंडित के पिता घनश्याम तिवारी, भाई दीपक तिवारी और उसकी मां को गिरफ्तार किया। पुलिस रिमांड के दौरान दीपक के पास से एक देसी पिस्टल और चार कारतूस बरामद किए गए हैं।
हालांकि फायरिंग में शामिल अर्जुन पंडित का एक साथी अभी भी फरार है, जिसकी तलाश में पुलिस लगातार दबिश दे रही है। इससे पहले 18 मई को पुलिस ने मुख्य आरोपी अर्जुन पंडित निवासी कोसीकला जिला मथुरा यूपी को शॉर्ट एनकाउंटर के बाद गिरफ्तार किया था। मुठभेड़ के दौरान उसके दोनों पैरों में गोलियां लगी थीं।
पुलिस इससे पहले वारदात में इस्तेमाल बाइक और हथियार उपलब्ध करवाने के आरोप में विशाल कुमार यादव उर्फ बीडी निवासी मोहाली और अरुणवीर सिंह उर्फ अन्नू निवासी लालडू पंजाब को भी गिरफ्तार कर चुकी है। अब जांच एजेंसियां गैंग के बाकी नेटवर्क, फंडिंग और सपोर्ट सिस्टम की गहराई से जांच कर रही हैं।
Akhil Mahajan