दिल्ली-कटरा हाई-स्पीड एक्सप्रेसवे को मंजूरी, हरियाणा के 5 शहर होंगे कनेक्ट
केंद्र सरकार ने दिल्ली-कटरा एनई-5 हाई-स्पीड एक्सप्रेसवे को मंजूरी दी है। इससे हरियाणा के 5 शहर जुड़ेंगे और कटरा यात्रा समय 4 से 6 घंटे तक कम हो सकता है।
- दिल्ली-कटरा हाई-स्पीड एक्सप्रेसवे को केंद्र सरकार की मंजूरी
- हरियाणा के 5 शहर सीधे नए कॉरिडोर से जुड़ेंगे
- कटरा तक यात्रा समय 4 से 6 घंटे तक कम होने की उम्मीद
केंद्र सरकार ने उत्तर भारत में सड़क नेटवर्क को और मजबूत बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए दिल्ली-कटरा एनई-5 हाई-स्पीड एक्सप्रेसवे को अधिसूचित कर दिया है। सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय ने राष्ट्रीय राजमार्ग अधिनियम, 1956 के तहत इस परियोजना को राष्ट्रीय राजमार्ग नेटवर्क में शामिल कर लिया है। इसके बाद अब भूमि अधिग्रहण, रूट निर्धारण और अन्य विकास कार्यों की प्रक्रिया तेज होने की संभावना है।
यह हाई-स्पीड कॉरिडोर दिल्ली को हरियाणा, पंजाब और जम्मू-कश्मीर से सीधे जोड़ेगा। परियोजना का उद्देश्य उत्तर भारत में तेज, सुरक्षित और आधुनिक सड़क संपर्क उपलब्ध कराना है। एक्सप्रेसवे बनने के बाद दिल्ली से कटरा तक यात्रा पहले की तुलना में काफी आसान और तेज हो जाएगी।
प्रस्तावित एक्सप्रेसवे दिल्ली में रानी खेड़ा गांव के पास एनएच-344एम से शुरू होगा। इसके बाद यह जसौर खेरी गांव के पास कुंडली-मानेसर-पलवल (KMP) एक्सप्रेसवे से जुड़ेगा। आगे यह हरियाणा और पंजाब के कई शहरों से गुजरते हुए जम्मू-कश्मीर के कटरा तक पहुंचेगा।
हरियाणा में यह एक्सप्रेसवे खरखौदा, गोहाना, बुटाना, कलायत और बारटा जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों से होकर निकलेगा। वहीं पंजाब में इसका मार्ग गुलजापुर, पाट्रान, भवानीगढ़, धूरी, मलेरकोटला, अहमदगढ़, मुल्लांपुर दाखा, नूरमहल, करतारपुर और गुरदासपुर बाईपास से होकर प्रस्तावित किया गया है। अंत में यह कटरा के पास एनएच-144 से जुड़ेगा।
केंद्र सरकार का मानना है कि इस परियोजना से माल ढुलाई, व्यापार और औद्योगिक गतिविधियों को बड़ा बढ़ावा मिलेगा। दिल्ली और जम्मू-कश्मीर के बीच तेज सड़क संपर्क बनने से ट्रांसपोर्ट सेक्टर को भी सीधा फायदा होगा। खासतौर पर माता वैष्णो देवी जाने वाले श्रद्धालुओं के लिए यात्रा अधिक सुविधाजनक होने की उम्मीद है।
विशेषज्ञों के अनुसार यह एक्सप्रेसवे उत्तर भारत के लिए एक बड़ा आर्थिक और रणनीतिक कॉरिडोर साबित हो सकता है। इससे छोटे शहरों में निवेश बढ़ेगा और सड़क किनारे नए लॉजिस्टिक्स पार्क, होटल, वेयरहाउस और व्यावसायिक गतिविधियां विकसित हो सकती हैं। निर्माण कार्य के दौरान स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर भी पैदा होंगे।
हालांकि सरकार की ओर से अभी आधिकारिक ट्रैवल टाइम जारी नहीं किया गया है, लेकिन प्रस्तावित हाई-स्पीड कॉरिडोर के आधार पर अनुमान लगाया जा रहा है कि दिल्ली और हरियाणा से कटरा तक की यात्रा में करीब 4 से 6 घंटे तक की बचत हो सकती है।
फिलहाल हरियाणा के अधिकतर इलाकों से सड़क मार्ग के जरिए कटरा पहुंचने में करीब 10 से 14 घंटे तक का समय लगता है। एक्सप्रेसवे बनने के बाद यह समय काफी कम हो जाएगा। अनुमान के मुताबिक सोनीपत और खरखौदा क्षेत्र से कटरा की दूरी करीब 6 से 8 घंटे में पूरी हो सकती है। वहीं करनाल-पानीपत बेल्ट से 7 से 9 घंटे और हिसार-जींद बेल्ट से करीब 8 से 10 घंटे में कटरा पहुंचने की संभावना जताई जा रही है।
इस परियोजना से हरियाणा को कई बड़े फायदे मिलने की उम्मीद है। राज्य के कई शहर सीधे हाई-स्पीड कॉरिडोर से जुड़ेंगे। कृषि उत्पादों को बड़े बाजारों तक पहुंचाने में आसानी होगी। औद्योगिक क्षेत्रों को तेज माल ढुलाई सुविधा मिलेगी। साथ ही पर्यटन और धार्मिक गतिविधियों से स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलने की संभावना है।
इन शहरों से इतना समय लगेगा
- सोनीपत/खरखौदा क्षेत्र से कटरा : करीब 6 से 8 घंटे
- करनाल-पानीपत बेल्ट से कटरा : करीब 7 से 9 घंटे
- हिसार/जींद बेल्ट से कटरा : करीब 8 से 10 घंटे
हरियाणा को ये आठ फायदें होंगे
- हरियाणा के कई शहर सीधे हाई-स्पीड एक्सप्रेसवे से जुड़ेंगे।
- दिल्ली और पंजाब की ओर यात्रा का समय कम होगा।
- औद्योगिक क्षेत्रों को तेज माल ढुलाई की सुविधा मिलेगी।
- खरखौदा, गोहाना और कलायत जैसे क्षेत्रों में निवेश बढ़ सकता है।
- नए लॉजिस्टिक्स पार्क, होटल और व्यापारिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा।
- निर्माण कार्य के दौरान स्थानीय लोगों को रोजगार के अवसर मिलेंगे।
- कृषि उत्पादों को बड़े बाजारों तक जल्दी पहुंचाने में मदद मिलेगी।
- धार्मिक और पर्यटन गतिविधियों से भी आर्थिक लाभ होने की संभावना है।
Akhil Mahajan