शिकायतों के बीच 14 दिन पहले ही चेयरपर्सन पद से हटाईं मेघा भंडारी, कृष्ण कुमार चोपड़ा को जिम्मेदारी
हरियाणा सरकार ने एचडब्ल्यूएसपीएसएचआइ की चेयरपर्सन मेघा भंडारी को कार्यकाल समाप्त होने से पहले पदमुक्त कर कृष्ण कुमार चोपड़ा को जिम्मेदारी सौंपी।
➤ हरियाणा सरकार ने एचडब्ल्यूएसपीएसएचआइ की उपाध्यक्ष कम चेयरपर्सन मेघा भंडारी को पदमुक्त किया
➤ कृष्ण कुमार चोपड़ा को सौंपी जिम्मेदारी, 14 अगस्त को पूरा होना था कार्यकाल
➤ नियुक्तियों और पदोन्नति में अनियमितताओं की शिकायतों के बीच हुई कार्रवाई
हरियाणा वेलफेयर सोसाइटी फॉर पर्सन्स स्पीच एंड हीयरिंग इम्पेयरमेंट (HWSPSHI) की उपाध्यक्ष कम चेयरपर्सन मेघा भंडारी को हरियाणा सरकार ने उनके कार्यकाल की समाप्ति से 14 दिन पहले ही पदमुक्त कर दिया है। इस संबंध में राज्यपाल प्रो. असीम कुमार घोष की ओर से आधिकारिक आदेश जारी किए गए हैं। आदेशों के अनुसार अब कृष्ण कुमार चोपड़ा को सोसाइटी की नई जिम्मेदारी सौंपी गई है।
गौरतलब है कि मेघा भंडारी का दो वर्ष का कार्यकाल 14 अगस्त को पूरा होना था, लेकिन सरकार ने 30 जुलाई को जारी आदेश के माध्यम से उन्हें पद से हटा दिया। इस फैसले को लेकर प्रशासनिक और राजनीतिक हलकों में चर्चाएं तेज हो गई हैं।
अनियमितताओं की शिकायतों के बाद बढ़ी हलचल
इस कार्रवाई को सोसाइटी में नियुक्तियों, पदोन्नति और अन्य प्रशासनिक मामलों में कथित अनियमितताओं से जोड़कर देखा जा रहा है। इन मामलों को लेकर हिमाचल प्रदेश के सामाजिक कार्यकर्ता पियूष मोदगिल ने राज्यसभा सांसद हर्ष महाजन को शिकायत भेजी थी।
शिकायत मिलने के बाद हर्ष महाजन ने 27 जुलाई को इस पूरे मामले से संबंधित पत्र हरियाणा के राज्यपाल प्रो. असीम कुमार घोष को भेजते हुए कार्रवाई की मांग की थी। इसके बाद 30 जुलाई को जारी आदेश में मेघा भंडारी को पद से मुक्त कर दिया गया।
शिकायत में लगाए गए गंभीर आरोप
शिकायत में भर्ती प्रक्रिया में अनियमितता, कथित भ्रष्टाचार, भाई-भतीजावाद और अवैध पदोन्नति जैसे गंभीर आरोप लगाए गए हैं। बताया गया है कि इसी प्रकार की तीन अलग-अलग शिकायतें राजभवन तक पहुंच चुकी हैं, जिन पर विचार किया जा रहा है।
मेघा भंडारी पक्ष ने आरोपों को बताया निराधार
इस पूरे मामले पर मेघा भंडारी के पार्षद पति संकल्प भंडारी ने सभी आरोपों को सिरे से खारिज किया है। उन्होंने कहा कि मेघा भंडारी का कार्यकाल पूरा हो चुका था और कुछ लोग जानबूझकर अफवाहें फैला रहे हैं। उनका कहना है कि पूरे कार्यकाल के दौरान पूरी निष्ठा और ईमानदारी के साथ काम किया गया तथा लगाए गए सभी आरोप निराधार हैं।
Akhil Mahajan