मणिमहेश यात्रा 2026 का शेड्यूल जारी, 25 अगस्त से शुरू होगी यात्रा; बिना ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन नहीं मिलेगा प्रवेश
मणिमहेश यात्रा 2026 की शुरुआत 25 अगस्त से होगी। ऑनलाइन पंजीकरण अनिवार्य कर दिया गया है। प्रतिदिन 5,000 श्रद्धालुओं को अनुमति मिलेगी और सुरक्षा के लिए कई नए नियम लागू किए गए हैं।
➤ 25 अगस्त से 19 सितंबर तक चलेगी पवित्र मणिमहेश यात्रा, 5 अगस्त से ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन शुरू
➤ प्रतिदिन केवल 5,000 श्रद्धालुओं को मिलेगी यात्रा की अनुमति, रजिस्ट्रेशन अनिवार्य
➤ ड्रोन निगरानी, कुगती मार्ग बंद और प्लास्टिक-तंबाकू पर पूरी तरह प्रतिबंध
हिमाचल प्रदेश के चंबा जिले स्थित भगवान शिव की पावन नगरी भरमौर में आयोजित होने वाली मणिमहेश यात्रा 2026 का औपचारिक शुभारंभ 25 अगस्त को श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के अवसर पर होगा। यह पवित्र हिमालयी तीर्थयात्रा 19 सितंबर को राधा अष्टमी के शाही स्नान के साथ संपन्न होगी। यात्रा को लेकर चंबा जिला प्रशासन और भरमौर प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं। इस बार श्रद्धालुओं की सुरक्षा और बेहतर प्रबंधन को ध्यान में रखते हुए ऑनलाइन पंजीकरण पूरी तरह अनिवार्य कर दिया गया है, जिसकी प्रक्रिया 5 अगस्त से शुरू हो चुकी है।
प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों के अनुसार इस वर्ष प्रतिदिन केवल 5,000 श्रद्धालुओं को ही मणिमहेश झील की ओर जाने की अनुमति दी जाएगी। बिना वैध ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन पास के किसी भी श्रद्धालु को हड़सर बेस कैंप से आगे नहीं जाने दिया जाएगा। फिलहाल पहले चरण में 25, 26 और 27 अगस्त के लिए ऑनलाइन स्लॉट खोले गए हैं।
प्राकृतिक आपदाओं से सबक, इस बार सुरक्षा पर विशेष फोकस
2025 में यात्रा के दौरान हुई प्राकृतिक आपदाओं और भूस्खलन की घटनाओं से सबक लेते हुए प्रशासन ने इस बार सुरक्षा व्यवस्था को पहले से अधिक मजबूत बनाया है। यात्रा मार्ग और संवेदनशील स्थानों पर ड्रोन सर्विलांस के जरिए लगातार निगरानी रखी जाएगी। इसके साथ ही श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए भारतीय मौसम विभाग (IMD) का विशेष मौसम लिंक भी आधिकारिक पोर्टल पर उपलब्ध कराया गया है, ताकि यात्री यात्रा शुरू करने से पहले मौसम की सही जानकारी प्राप्त कर सकें।
कुगती मार्ग रहेगा पूरी तरह बंद
प्रशासन ने सुरक्षा कारणों से इस वर्ष कुगती गांव से होकर जाने वाले पारंपरिक परिक्रमा मार्ग को पूरी तरह बंद रखने का फैसला लिया है। श्रद्धालुओं को केवल अधिकृत और निर्धारित यात्रा मार्ग का ही उपयोग करना होगा।
प्लास्टिक और तंबाकू पर सख्त प्रतिबंध
उपायुक्त चंबा मुकेश रेप्सवाल ने हड़सर से मणिमहेश डल झील तक पूरे यात्रा मार्ग का निरीक्षण करते हुए पर्यावरण संरक्षण को सर्वोच्च प्राथमिकता देने के निर्देश दिए हैं। पवित्र घाटी को स्वच्छ और प्लास्टिक मुक्त बनाए रखने के लिए यात्रा मार्ग पर छोटी प्लास्टिक पानी की बोतलों, स्नैक्स पैकेट और तंबाकू उत्पादों की बिक्री पर पूरी तरह प्रतिबंध लगा दिया गया है।
14 किलोमीटर की पैदल चढ़ाई करनी होगी
करीब 13,000 फीट की ऊंचाई पर स्थित मणिमहेश झील तक पहुंचने के लिए श्रद्धालुओं को हड़सर से लगभग 14 किलोमीटर की पैदल चढ़ाई करनी होगी। प्रशासन ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे यात्रा पर आने से पहले अपनी मेडिकल जांच जरूर कराएं, पर्याप्त तैयारी के साथ आएं और सभी आधिकारिक दिशा-निर्देशों का पालन करें।
श्री मणिमहेश यात्रा 2026 के लिए ऑनलाइन पंजीकरण कराने हेतु आधिकारिक वेब पोर्टल का लिंक नीचे दिया गया है:
🔗 आधिकारिक पंजीकरण लिंक:
पंजीकरण हेतु आवश्यक जानकारी व दस्तावेज:
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वैध पहचान पत्र: आधार कार्ड, वोटर आईडी, ड्राइविंग लाइसेंस, पैन कार्ड या पासपोर्ट।
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मेडिकल फिटनेस सर्टिफिकेट: पंजीकृत चिकित्सक (RMP) द्वारा जारी फिटनेस प्रमाण पत्र अपलोड करना अनिवार्य है।
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वाहनों का विवरण: यदि आप निजी वाहन से आ रहे हैं, तो अंतिम यात्रा पर्ची (QR पास) डाउनलोड करने से पहले वाहन नंबर दर्ज करना होगा।
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शुल्क: प्रति व्यक्ति 50 रुपये निर्धारित किए गए हैं।
Akhil Mahajan