राजस्थान में पूर्व विधायक अतर सिंह भड़ाना की पीट-पीटकर हत्या, हिमाचल की DC बेटी किरण भड़ाना सुबह 5 बजे कुल्लू से रवाना; CM सुक्खू ने जताया शोक
लाहौल-स्पीति की DC किरण भड़ाना के पिता और पूर्व विधायक अतर सिंह भड़ाना की भरतपुर में क्रशर प्लांट विवाद के बाद मौत। पुलिस जांच जारी।
➤ लाहौल-स्पीति की DC किरण भड़ाना के पिता थे राजस्थान के पूर्व विधायक अतर सिंह भड़ाना
➤ पिता के निधन की खबर के बाद किरण भड़ाना सुबह 5 बजे कुल्लू से रवाना हुईं
➤ CM सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने जताया दुख, शोकाकुल परिवार के प्रति व्यक्त की संवेदनाएं
राजस्थान के भरतपुर जिले में बयाना के पूर्व विधायक और भाजपा नेता अतर सिंह भड़ाना (68) की हत्या के बाद हिमाचल प्रदेश से लेकर राजस्थान और हरियाणा तक शोक की लहर है। अतर सिंह भड़ाना, हिमाचल प्रदेश के लाहौल-स्पीति की उपायुक्त (DC) किरण भड़ाना के पिता थे। मिली जानकारी के अनुसार, पिता के निधन की खबर के बाद किरण भड़ाना सोमवार सुबह करीब 5 बजे कुल्लू से रवाना हुईं। वहीं, हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने पूर्व विधायक के निधन पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए दिवंगत आत्मा की शांति और शोकाकुल परिवार को इस कठिन समय में संबल देने की प्रार्थना की। अतर सिंह भड़ाना की रविवार शाम भरतपुर जिले के वैर थाना क्षेत्र के भौंड़ा गांव में क्रेशर प्लांट और खनन लीज से जुड़े पुराने विवाद के दौरान हुए हिंसक संघर्ष में गंभीर रूप से घायल होने के बाद मौत हो गई थी। उन्हें पहले वैर उप जिला अस्पताल ले जाया गया और बाद में जयपुर के एसएमएस अस्पताल रेफर किया गया, जहां रात करीब 11:30 बजे उन्होंने दम तोड़ दिया। इस घटना के बाद परिवार गहरे सदमे में है, जबकि पुलिस विवाद की पृष्ठभूमि, हमले की परिस्थितियों और फायरिंग के दावों की जांच कर रही है।
CM सुक्खू ने किरण भड़ाना और परिवार के प्रति जताई संवेदना
हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने लाहौल-स्पीति की उपायुक्त किरण भड़ाना के पिता और पूर्व विधायक अतर सिंह भड़ाना के निधन पर दुख व्यक्त किया। उन्होंने अपने शोक संदेश में कहा कि किरण भड़ाना के पिता के आकस्मिक निधन का समाचार अत्यंत दुखद है। मुख्यमंत्री ने ईश्वर से दिवंगत आत्मा को अपने श्रीचरणों में स्थान देने और शोकाकुल परिवार को इस अपार दुख को सहन करने की शक्ति प्रदान करने की प्रार्थना की।
मुख्यमंत्री सुक्खू ने कहा कि इस कठिन समय में उनकी गहरी संवेदनाएं किरण भड़ाना और पूरे शोक-संतप्त परिवार के साथ हैं। उनके इस संदेश के जरिए परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त की गई है।
सुबह 5 बजे कुल्लू से रवाना हुईं किरण भड़ाना
अतर सिंह भड़ाना की पुत्री किरण भड़ाना हिमाचल प्रदेश के लाहौल-स्पीति जिले में उपायुक्त के पद पर तैनात हैं। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, वह सोमवार सुबह करीब 5 बजे कुल्लू से रवाना हुईं। पिता के निधन की खबर के बाद परिवार के लिए यह बेहद कठिन समय है। उनके आगे के सफर और अंतिम संस्कार में पहुंचने के समय से संबंधित अतिरिक्त जानकारी उपलब्ध होने पर स्थिति और स्पष्ट होगी।
भरतपुर में क्रेशर प्लांट विवाद के दौरान हुआ हमला
राजस्थान के भरतपुर जिले के वैर थाना क्षेत्र के भौंड़ा गांव में अतर सिंह भड़ाना रविवार शाम करीब 6:30 बजे अपनी पत्नी कमलेश भड़ाना की खनन लीज से जुड़े क्रेशर प्लांट पर पहुंचे थे। इसी दौरान ग्रामीणों और संचालक पक्ष के बीच लंबे समय से चला आ रहा विवाद बढ़ गया। अतर सिंह की पत्नी कमलेश भड़ाना ने आरोप लगाया कि 70 से 80 लोगों ने उनके पति और अन्य लोगों पर लाठी-पत्थरों से हमला किया।
हमले में अतर सिंह भड़ाना और उनके सहयोगी गगन शर्मा गंभीर रूप से घायल हो गए। दोनों को पहले वैर उप जिला अस्पताल ले जाया गया। प्राथमिक उपचार के बाद अतर सिंह को जयपुर और गगन शर्मा को भरतपुर रेफर किया गया। जयपुर के एसएमएस अस्पताल में रात करीब 11:30 बजे अतर सिंह भड़ाना की मौत हो गई।
चार साल से चल रहा था खनन लीज और रास्ते को लेकर विवाद
थाना प्रभारी धीरेंद्र सिंह के अनुसार, क्रेशर प्लांट के संचालन को लेकर ग्रामीणों और संचालक पक्ष के बीच करीब चार साल से विवाद चल रहा था। ग्रामीणों का आरोप था कि अतर सिंह भड़ाना ने चारागाह भूमि पर अतिक्रमण किया और अवैध खनन किया। खनन लीज तक जाने वाले रास्ते को लेकर भी विवाद बना हुआ था।
पुलिस के मुताबिक, ग्रामीण करीब दो साल से इस मुद्दे पर रुक-रुककर धरना-प्रदर्शन कर रहे थे। पिछले एक साल से क्रेशर प्लांट बंद था और अतर सिंह भड़ाना उसे दोबारा चालू कराने का प्रयास कर रहे थे। रविवार को वह इसी सिलसिले में प्लांट पहुंचे थे। इसके बाद दोनों पक्षों के बीच विवाद हिंसक संघर्ष में बदल गया।
पत्नी ने पुलिस और प्रशासन पर लगाए आरोप
अतर सिंह भड़ाना की पत्नी कमलेश भड़ाना ने आरोप लगाया कि उनकी खनन लीज का कनेक्शन काट दिया गया था और वाटर पंप भी खराब कर दिया गया था। उनका कहना था कि लीज पर जाने वाले लोगों को वहां से भगा दिया जाता था। उन्होंने दावा किया कि इस संबंध में पुलिस और प्रशासन को लगातार सूचना दी गई, लेकिन समय रहते कार्रवाई नहीं हुई।
कमलेश भड़ाना ने यह भी दावा किया कि रविवार शाम 6:30 से 7 बजे के बीच 70 से 80 लोगों ने उनके पति और अन्य लोगों पर हमला किया। उन्होंने अतर सिंह को गोली लगने की बात भी कही थी। हालांकि, वैर उप जिला अस्पताल के डॉक्टर रवि ने प्रारंभिक जांच के आधार पर गोली लगने की घटना से इनकार किया था। पुलिस फायरिंग से जुड़े पहलुओं की भी जानकारी जुटा रही है।
राजनीतिक नेताओं ने जताया शोक, निष्पक्ष जांच की मांग
अतर सिंह भड़ाना की मौत के बाद राजस्थान के कई नेताओं ने शोक व्यक्त किया और घटना की निष्पक्ष जांच की मांग की। कांग्रेस महासचिव सचिन पायलट ने घटना को चिंताजनक बताते हुए उच्चस्तरीय जांच और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की। कांग्रेस नेता गोविंद सिंह डोटासरा ने भी दोषियों की तत्काल गिरफ्तारी और पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने की मांग उठाई।
राजस्थान विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी ने भी अतर सिंह भड़ाना के निधन पर दुख जताते हुए शोकाकुल परिवार के प्रति संवेदनाएं व्यक्त कीं। वहीं, कुछ नेताओं ने घटना को लेकर पुलिस और प्रशासन की भूमिका पर सवाल उठाए हैं। ये आरोप और मांगें संबंधित नेताओं के बयानों पर आधारित हैं। मामले की वास्तविक परिस्थितियां पुलिस जांच के बाद स्पष्ट होंगी।
फरीदाबाद के पाली गांव में होगा अंतिम संस्कार
उपलब्ध जानकारी के अनुसार, अतर सिंह भड़ाना का अंतिम संस्कार हरियाणा के फरीदाबाद स्थित उनके पैतृक गांव पाली में किया जाएगा। घटना के बाद परिवार के सदस्य जयपुर में मौजूद थे। उनके बेटे अर्जुन सिंह एसएमएस अस्पताल की मॉर्च्युरी के बाहर थे, जबकि पत्नी कमलेश भड़ाना जयपुर के सर्किट हाउस में मौजूद थीं।
हिमाचल की प्रशासनिक अधिकारी किरण भड़ाना के पिता के निधन से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। मुख्यमंत्री सुक्खू ने अपने शोक संदेश में परिवार के प्रति संवेदनाएं व्यक्त की हैं। दूसरी ओर, राजस्थान पुलिस क्रेशर प्लांट विवाद, हमले में शामिल लोगों और फायरिंग के दावों सहित पूरे मामले की जांच कर रही है।
➤ हिमाचल के लाहौल-स्पीति की DC किरण भड़ाना के पिता थे पूर्व विधायक अतर सिंह भड़ाना
➤ हरियाणा के फरीदाबाद स्थित पाली गांव के मूल निवासी थे भड़ाना, भरतपुर में क्रेशर विवाद के दौरान हुआ हमला
➤ जयपुर के SMS अस्पताल में रात 11:30 बजे मौत, पुलिस और प्रशासन की भूमिका पर भी उठे सवाल
राजस्थान के भरतपुर जिले में बयाना के पूर्व विधायक और भाजपा नेता अतर सिंह भड़ाना (68) की रविवार शाम कथित तौर पर लाठी-पत्थरों से हमला किए जाने के बाद मौत हो गई। इस घटना का संबंध हिमाचल प्रदेश के लाहौल-स्पीति जिले की वर्तमान उपायुक्त (DC) किरण भड़ाना से भी है, जो अतर सिंह भड़ाना की पुत्री हैं। मूल रूप से हरियाणा के फरीदाबाद स्थित पाली गांव के निवासी अतर सिंह भड़ाना की मौत के बाद परिवार में शोक का माहौल है। जानकारी के अनुसार, रविवार शाम करीब 6:30 बजे वह भरतपुर के वैर थाना क्षेत्र के भौंड़ा गांव में अपनी पत्नी कमलेश भड़ाना की खनन लीज से जुड़े क्रेशर प्लांट पर पहुंचे थे। इसी दौरान ग्रामीणों और संचालक पक्ष के बीच पुराना विवाद बढ़ गया और दोनों पक्षों के बीच हिंसक संघर्ष हुआ। पत्नी कमलेश भड़ाना ने आरोप लगाया कि 70 से 80 लोगों ने उनके पति और अन्य लोगों पर हमला किया। अतर सिंह भड़ाना और उनके सहयोगी गगन शर्मा गंभीर रूप से घायल हो गए। दोनों को पहले वैर उप जिला अस्पताल ले जाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद अतर सिंह को जयपुर और गगन शर्मा को भरतपुर रेफर किया गया। जयपुर के एसएमएस अस्पताल में रात करीब 11:30 बजे अतर सिंह भड़ाना की मौत हो गई। घटना के बाद पुलिस की कार्रवाई, विवाद की पुरानी पृष्ठभूमि और समय रहते सुरक्षा इंतजाम नहीं किए जाने को लेकर भी सवाल उठाए गए हैं।
2003 में भाजपा के टिकट पर बने थे विधायक
अतर सिंह भड़ाना भरतपुर जिले की बयाना विधानसभा सीट से वर्ष 2003 में भाजपा के टिकट पर विधायक बने थे। वह राजस्थान की राजनीति में सक्रिय रहे और उनका मूल संबंध हरियाणा के फरीदाबाद स्थित पाली गांव से बताया गया है। उनकी पुत्री किरण भड़ाना हिमाचल प्रदेश के लाहौल-स्पीति जिले में उपायुक्त के पद पर तैनात हैं। इस कारण राजस्थान में हुई इस घटना का संबंध हिमाचल प्रदेश के प्रशासनिक हलकों से भी जुड़ गया है।
परिजनों के मुताबिक, अतर सिंह भड़ाना का अंतिम संस्कार फरीदाबाद के पाली गांव में किया जाएगा। घटना के बाद परिवार के सदस्य जयपुर में मौजूद रहे। उनके बेटे अर्जुन सिंह एसएमएस अस्पताल की मॉर्च्युरी के बाहर थे, जबकि उनकी पत्नी कमलेश भड़ाना जयपुर के सर्किट हाउस में मौजूद थीं।
क्रेशर प्लांट और खनन लीज को लेकर चार साल से विवाद
थाना प्रभारी धीरेंद्र सिंह के अनुसार, क्रेशर प्लांट के संचालन को लेकर ग्रामीणों और संचालक पक्ष के बीच करीब चार साल से विवाद चल रहा था। ग्रामीणों का आरोप था कि अतर सिंह भड़ाना ने चारागाह भूमि पर अतिक्रमण किया और अवैध खनन किया। खनन लीज तक जाने वाले रास्ते को लेकर भी दोनों पक्षों के बीच विवाद बना हुआ था।
पुलिस के मुताबिक, ग्रामीण करीब दो साल से इस मुद्दे पर रुक-रुककर धरना-प्रदर्शन कर रहे थे। पिछले एक साल से क्रेशर प्लांट बंद था और अतर सिंह भड़ाना उसे दोबारा चालू कराने का प्रयास कर रहे थे। रविवार को वह इसी सिलसिले में प्लांट पर पहुंचे थे। इसके बाद विवाद बढ़ा और हिंसक संघर्ष हो गया।
पत्नी का आरोप—पुलिस और प्रशासन को पहले से दी जा रही थी सूचना
अतर सिंह भड़ाना की पत्नी कमलेश भड़ाना ने आरोप लगाया कि उनकी खनन लीज का कनेक्शन काट दिया गया था और वाटर पंप भी खराब कर दिया गया था। उनका कहना था कि लीज पर जाने वाले लोगों को वहां से भगा दिया जाता था। उन्होंने दावा किया कि इस संबंध में पुलिस और प्रशासन को लगातार सूचना दी गई, लेकिन समय रहते कार्रवाई नहीं हुई।
कमलेश भड़ाना के अनुसार, रविवार शाम करीब 6:30 से 7 बजे के बीच 70 से 80 लोगों ने उनके पति और अन्य लोगों पर हमला किया। उन्होंने अतर सिंह को गोली लगने का भी दावा किया। हालांकि, वैर उप जिला अस्पताल के डॉक्टर रवि ने प्रारंभिक जांच के आधार पर गोली लगने की घटना से इनकार किया था। पुलिस ने भी फायरिंग से जुड़े पहलुओं की जानकारी जुटाने की बात कही है। इसलिए गोली लगने के दावे की स्वतंत्र पुष्टि अभी स्पष्ट नहीं है।
ग्रामीणों ने धरना स्थल से हटाने का लगाया आरोप
ग्रामीणों के अनुसार, खनन स्थल तक जाने का रास्ता नहीं होने के कारण पिछले 10 से 15 दिनों से शांतिपूर्ण धरना दिया जा रहा था। उनका आरोप था कि रविवार शाम भड़ाना पक्ष के 40 से 50 लोग वहां पहुंचे और उन्हें धरना स्थल से हटा दिया। इसके बाद दोनों पक्षों के बीच विवाद बढ़ गया और लाठी-पत्थर चलने लगे।
घटना को लेकर दोनों पक्षों ने एक-दूसरे पर आरोप लगाए हैं। पुलिस के अनुसार, घटना की सूचना मिलने के बाद स्थानीय थाने के साथ भरतपुर से भी पुलिस बल मौके पर पहुंचा। गांव में पुलिस तैनात की गई। जांच में संघर्ष की परिस्थितियों और इसमें शामिल लोगों की भूमिका का पता लगाया जा रहा है।
पुलिस की भूमिका पर नेताओं ने उठाए सवाल
घटना के बाद राजस्थान में कानून-व्यवस्था और पुलिस की भूमिका को लेकर राजनीतिक प्रतिक्रियाएं सामने आईं। बूंदी विधायक हरिमोहन शर्मा ने आरोप लगाया कि पुलिस को विवाद और संभावित तनाव की जानकारी पहले से थी, लेकिन समय रहते पर्याप्त सुरक्षा इंतजाम नहीं किए गए। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि राजनीतिक दबाव के कारण पुलिस निष्पक्ष तरीके से काम नहीं कर पा रही है। ये आरोप उनके बयान के रूप में सामने आए हैं।
कांग्रेस महासचिव सचिन पायलट ने घटना को चिंताजनक बताते हुए निष्पक्ष और उच्चस्तरीय जांच की मांग की तथा दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की बात कही। कांग्रेस नेता गोविंद सिंह डोटासरा ने भी दोषियों की तत्काल गिरफ्तारी और पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने की मांग की। राजस्थान विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी ने अतर सिंह भड़ाना के निधन पर शोक व्यक्त किया और परिवार के प्रति संवेदनाएं जताईं।
पोस्टमॉर्टम और पुलिस जांच जारी
अतर सिंह भड़ाना का शव जयपुर के एसएमएस अस्पताल की मॉर्च्युरी में रखा गया था, जहां पोस्टमॉर्टम की प्रक्रिया की जानकारी सामने आई। पुलिस के अनुसार, घटना के समय क्रेशर प्लांट पर करीब 20 से 25 कर्मचारी मौजूद थे। शुरुआती जानकारी में किसी भी पक्ष की ओर से मामला दर्ज नहीं कराए जाने की बात कही गई थी। पुलिस फायरिंग और संघर्ष से जुड़े अन्य पहलुओं की जांच कर रही है तथा आरोपियों की तलाश में दबिश देने की जानकारी भी सामने आई है।
हिमाचल की IAS अधिकारी किरण भड़ाना के पिता की मौत के मामले में अब पुलिस जांच के निष्कर्ष अहम होंगे। क्रेशर प्लांट और खनन लीज को लेकर वर्षों से चले आ रहे विवाद, घटना के दौरान हुए संघर्ष और सुरक्षा व्यवस्था से जुड़े सवालों पर जांच के बाद ही स्थिति अधिक स्पष्ट हो सकेगी।
➤ हिमाचल के लाहौल-स्पीति की DC किरण भड़ाना के पिता थे पूर्व विधायक अतर सिंह भड़ाना
➤ भरतपुर के भौंड़ा गांव में क्रेशर प्लांट और खनन लीज के विवाद में हुआ संघर्ष
➤ जयपुर के SMS अस्पताल में रात करीब 11:30 बजे हुई पूर्व विधायक की मौत, पुलिस जांच में जुटी
राजस्थान के भरतपुर जिले में बयाना के पूर्व विधायक अतर सिंह भड़ाना की राजस्थान में पीट पीटकर हत्या कर दी गई है। उनकी मौत से राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में चर्चा तेज हो गई है। अतर सिंह भड़ाना, हिमाचल प्रदेश के लाहौल-स्पीति जिले की वर्तमान उपायुक्त (DC) किरण भड़ाना के पिता थे। रविवार शाम भरतपुर जिले के वैर थाना क्षेत्र के भौंड़ा गांव में क्रेशर प्लांट, खनन लीज और वहां तक पहुंचने के रास्ते को लेकर लंबे समय से चल रहा विवाद हिंसक संघर्ष में बदल गया। इस दौरान दोनों पक्षों की ओर से लाठी-पत्थर चलने की बात सामने आई। संघर्ष में अतर सिंह भड़ाना गंभीर रूप से घायल हो गए। उन्हें पहले वैर उप जिला अस्पताल ले जाया गया और फिर जयपुर के एसएमएस अस्पताल रेफर किया गया, जहां रात करीब 11:30 बजे उनकी मौत हो गई। इस घटना के बाद किरण भड़ाना के परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। मामले में पुलिस विभिन्न पहलुओं की जांच कर रही है और घटना के दौरान फायरिंग होने के दावे की भी पड़ताल की जा रही है।
क्रेशर प्लांट पर पहुंचे थे अतर सिंह भड़ाना
जानकारी के मुताबिक, रविवार शाम करीब 6:30 बजे अतर सिंह भड़ाना अपनी पत्नी कमलेश भड़ाना की खनन लीज से जुड़े क्रेशर प्लांट पर पहुंचे थे। इसी दौरान ग्रामीणों और भड़ाना पक्ष के लोगों के बीच विवाद बढ़ गया। अतर सिंह की पत्नी कमलेश भड़ाना ने आरोप लगाया कि उनकी लीज का कनेक्शन काट दिया गया था और वाटर पंप भी खराब कर दिया गया था। उनका कहना था कि लीज पर आने वाले लोगों को भी वहां से भगा दिया जाता था। उन्होंने दावा किया कि इस संबंध में पुलिस और प्रशासन को लगातार सूचना दी गई, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई।
कमलेश भड़ाना के मुताबिक, रविवार शाम करीब 6:30 से 7 बजे के बीच 70 से 80 लोगों ने उनके पति और अन्य लोगों पर हमला किया। उन्होंने अतर सिंह को गोली लगने का भी दावा किया। घटना के समय क्रेशर प्लांट पर करीब 20 से 25 कर्मचारी मौजूद थे। हालांकि, गोली लगने के दावे की पुष्टि को लेकर पुलिस जांच कर रही है।
चार साल से चल रहा था खनन और रास्ते का विवाद
थाना प्रभारी धीरेंद्र सिंह के अनुसार, क्रेशर प्लांट के संचालन को लेकर ग्रामीणों और संचालक पक्ष के बीच करीब चार साल से विवाद चल रहा था। ग्रामीणों का आरोप था कि अतर सिंह भड़ाना ने चारागाह भूमि पर अतिक्रमण कर अवैध खनन किया। खान तक जाने वाले रास्ते को लेकर भी दोनों पक्षों के बीच विवाद बना हुआ था।
पुलिस के मुताबिक, ग्रामीण करीब दो साल से रुक-रुककर इस मुद्दे पर धरना-प्रदर्शन कर रहे थे। पिछले एक साल से क्रेशर प्लांट बंद था और अतर सिंह भड़ाना उसे दोबारा चालू कराने का प्रयास कर रहे थे। इसी सिलसिले में वह रविवार को प्लांट पहुंचे थे। लंबे समय से चला आ रहा यह विवाद रविवार को हिंसक संघर्ष में बदल गया।
धरना स्थल से हटाने को लेकर भी लगाए गए आरोप
ग्रामीणों के अनुसार, खान तक जाने का रास्ता नहीं होने के कारण पिछले 10 से 15 दिनों से शांतिपूर्ण धरना दिया जा रहा था। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि रविवार शाम भड़ाना पक्ष के 40 से 50 लोग वहां पहुंचे और उन्हें धरना स्थल से हटा दिया। इसके बाद दोनों पक्षों के बीच विवाद बढ़ गया और लाठी-पत्थर चलने लगे। इसी दौरान अतर सिंह भड़ाना गंभीर रूप से घायल हो गए।
घटना को लेकर दोनों पक्षों ने एक-दूसरे पर हमला करने के आरोप लगाए हैं। ऐसे में विवाद की वास्तविक परिस्थितियों और संघर्ष के दौरान हुई घटनाओं का पता पुलिस जांच के बाद ही चल सकेगा।
वैर अस्पताल से जयपुर किया गया था रेफर
संघर्ष में घायल अतर सिंह भड़ाना और गगन शर्मा को पहले वैर उप जिला अस्पताल ले जाया गया। प्राथमिक उपचार के बाद अतर सिंह को जयपुर और गगन शर्मा को भरतपुर रेफर किया गया। डॉक्टर रवि ने प्रारंभिक जांच के आधार पर गोली लगने की घटना से इनकार किया था।
इसके बाद जयपुर के एसएमएस अस्पताल में रात करीब 11:30 बजे अतर सिंह भड़ाना की मौत हो गई। एसएमएस थानाधिकारी जितेंद्र कुमार ने उनकी मौत की पुष्टि की। शव को अस्पताल की मॉर्च्युरी में रखवाया गया।
पुलिस फायरिंग समेत अन्य पहलुओं की कर रही जांच
थाना प्रभारी धीरेंद्र सिंह के अनुसार, घटना के संबंध में उस समय तक किसी भी पक्ष की ओर से पुलिस में मामला दर्ज नहीं कराया गया था। सूचना मिलने के बाद स्थानीय थाने के साथ भरतपुर से भी पुलिस टीम मौके पर पहुंची। पुलिस फायरिंग के दावों और संघर्ष से जुड़े अन्य पहलुओं की बारीकी से जांच कर रही है। आरोपियों की धरपकड़ के लिए दबिश देने की बात भी सामने आई है।
लाहौल-स्पीति की DC किरण भड़ाना के पिता की मौत के मामले में अब जांच के निष्कर्ष महत्वपूर्ण होंगे। घटना की वजह, संघर्ष में शामिल लोगों की भूमिका और गोली चलने के दावे की पुष्टि पुलिस की जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।
Akhil Mahajan