करनाल में सिटी थाना प्रभारी सस्पेंड, लूटकांड में हाईकोर्ट के सवालों पर SP ने लिया एक्शन
करनाल में 2001 के लूट और हथियार मामले में कथित लापरवाही पर सिटी थाना प्रभारी रोहताश निलंबित। हाईकोर्ट ने 14 अक्टूबर 2026 को SP को तलब किया।
➤ पुराने आपराधिक मामले में लापरवाही के आरोप पर सिटी थाना प्रभारी इंस्पेक्टर रोहताश निलंबित
➤ 2001 में दर्ज लूट और हथियारों से जुड़े मुकदमे में हाईकोर्ट ने कई बार मांगा था जवाब
➤ 14 अक्टूबर 2026 को करनाल के SP करण गोयल को हाईकोर्ट में पेश होने के निर्देश
करनाल। हरियाणा के करनाल में पुलिस विभाग ने लापरवाही के आरोप में सिटी थाना प्रभारी इंस्पेक्टर रोहताश को निलंबित कर दिया है। पुलिस अधीक्षक करण गोयल ने यह कार्रवाई एक पुराने आपराधिक मामले में उचित तरीके से कार्रवाई नहीं करने और हाईकोर्ट के सवालों का संतोषजनक जवाब नहीं दिए जाने के मामले में की है। यह मुकदमा वर्ष 2001 में दर्ज हुआ था और लूट के प्रयास, हथियारों के इस्तेमाल तथा अन्य गंभीर आरोपों से जुड़ा है। मामले में हाईकोर्ट की ओर से पुलिस से कई बार जवाब मांगा गया, लेकिन अदालत पुलिस के जवाबों से संतुष्ट नहीं हुई। इसके बाद 14 अक्टूबर 2026 को करनाल के पुलिस अधीक्षक को हाईकोर्ट में पेश होने के निर्देश दिए गए। मामले की गंभीरता और पुलिस की ओर से बरती गई कथित लापरवाही को देखते हुए एसपी ने सिटी थाना प्रभारी के खिलाफ निलंबन की कार्रवाई की है।
2001 में दर्ज हुआ था लूट और हथियारों से जुड़ा मामला
पुलिस सूत्रों के मुताबिक, यह मामला करनाल के सिटी थाने में दर्ज मुकदमा नंबर 679 से संबंधित है। यह मुकदमा 11 दिसंबर 2001 को दर्ज किया गया था। इसमें भारतीय दंड संहिता की धाराएं 393, 397 और 394 तथा शस्त्र अधिनियम की धाराएं 25, 54 और 59 लगाई गई थीं।
इस मामले में वजीरा और कर्मवीर आरोपी थे। अदालत ने दोनों को 10-10 साल की सजा सुनाई थी। लंबे समय से चल रहे इस मामले में पुलिस की कार्रवाई और अदालत के समक्ष दिए गए जवाबों को लेकर सवाल उठे। इसी प्रकरण में हाईकोर्ट ने पुलिस से बार-बार स्पष्टीकरण मांगा था।
हाईकोर्ट पुलिस के जवाबों से नहीं हुआ संतुष्ट
मामले में हाईकोर्ट की ओर से पुलिस से कई बार जवाब मांगा गया। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, अदालत पुलिस की ओर से दिए गए जवाबों से संतुष्ट नहीं हुई। इसके बाद हाईकोर्ट ने 14 अक्टूबर 2026 को पुलिस अधीक्षक करनाल को पेश होने के निर्देश दिए।
यह मामला पुराने आपराधिक मुकदमे में पुलिस की कार्रवाई और अदालत के सवालों का संतोषजनक जवाब देने में हुई कथित चूक से जुड़ा है। हाईकोर्ट की ओर से जवाब तलब किए जाने के बाद मामले ने गंभीर रूप ले लिया। इसी पृष्ठभूमि में पुलिस विभाग ने संबंधित थाना प्रभारी के खिलाफ कार्रवाई की।
करीब 20 दिन पहले मिली थी सिटी थाने की जिम्मेदारी
इंस्पेक्टर रोहताश इससे पहले लंबे समय तक करनाल में CIA की एंटी ऑटो थेफ्ट स्क्वॉड के प्रभारी रहे थे। वहां से स्थानांतरण के बाद उन्हें करीब 20 दिन पहले सिटी थाने का प्रभारी नियुक्त किया गया था। हालांकि, पुराने आपराधिक मामले में सामने आई लापरवाही के आरोपों के बाद उन्हें अब निलंबित कर दिया गया है।
SP करण गोयल ने की कार्रवाई
करनाल के पुलिस अधीक्षक करण गोयल ने मामले में कार्रवाई की पुष्टि की है। पुराने मुकदमे में पुलिस की भूमिका और हाईकोर्ट के सवालों का संतोषजनक जवाब नहीं दिए जाने को गंभीरता से लेते हुए इंस्पेक्टर रोहताश को निलंबित किया गया है।
इस कार्रवाई के बाद करनाल पुलिस विभाग में पुराने मामलों की जांच, अदालत में जवाब दाखिल करने और अधिकारियों की जवाबदेही को लेकर मामला चर्चा में है। हालांकि, उपलब्ध जानकारी के अनुसार निलंबन की कार्रवाई लापरवाही के आरोपों के आधार पर की गई है। मामले से जुड़े तथ्यों और आगे की न्यायिक कार्यवाही के संबंध में अंतिम निष्कर्ष अदालत के रिकॉर्ड और संबंधित आधिकारिक जानकारी के आधार पर ही निकाला जाना चाहिए।
Akhil Mahajan