➤ गुरुग्राम के भोड़ा कलां में महामंडलेश्वर ज्योति गिरी का विरोध, गांव में प्रवेश रोकने का फैसला
➤ 2019 के यौन शोषण और अश्लील वीडियो के आरोपों के बाद 6 साल बाद वापसी पर ग्रामीण भड़के
➤ पुलिस ने गांव में सुरक्षा बढ़ाई, न्यायिक कार्रवाई और जांच की मांग की गई
गुरुग्राम के भोड़ा कलां गांव में महामंडलेश्वर ज्योति गिरी के अचानक लौटने और नवरात्र के अवसर पर भंडारा आयोजित करने की घोषणा से हड़कंप मच गया। 2019 में उनके खिलाफ यौन शोषण और अश्लील वीडियो के गंभीर आरोप सामने आने के बाद वह फरार हो गए थे। इन आरोपों के चलते गिरी पर महिलाओं और नाबालिगों के शोषण की शिकायतें दर्ज की गई थीं।
ज्योति गिरी मूल रूप से रोहतक के जसिया गांव के रहने वाले हैं। वह भोड़ा कलां में आश्रम और अस्पताल भी चलाते हैं। उनके कई आश्रम देशभर में उज्जैन, काशी, हरिद्वार, गुरुग्राम आदि में स्थित हैं। 2019 में सोशल मीडिया पर अश्लील वीडियो वायरल होने के बाद गुरुग्राम पुलिस ने मामला दर्ज किया, लेकिन गिरी पुलिस की पकड़ से बाहर हो गए। इसके बावजूद उनकी राजनीतिक पहुंच और प्रभाव के कारण वह कई बार विवादों से बचते रहे।
इस साल जनवरी में गिरी ने एक वीडियो जारी कर अपने फरार रहने को 'अज्ञातवास' बताया और नवरात्र में भंडारा आयोजित करने की बात कही। इस वीडियो के सामने आने के बाद ग्रामीणों का गुस्सा भड़क गया। पिछले कुछ महीनों में उनके खिलाफ बायकॉट रैलियां और शिकायतें बढ़ीं। इसके बाद 22 सितंबर को महापंचायत बुलाई गई, जिसमें सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि गिरी को गांव में प्रवेश नहीं दिया जाएगा। साथ ही पुलिस कमिश्नर और संबंधित अधिकारियों से उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग की गई।
पुलिस ने गांव में निगरानी बढ़ा दी है। एसीपी पटौदी सुखबीर सिंह ने बताया कि गिरी ने एसडीएम से धार्मिक स्थल पर भंडारे की परमिशन मांगी थी, लेकिन प्रशासन ने अनुमति नहीं दी। वर्तमान में स्थिति नियंत्रण में है और पुलिस गश्त जारी रखे हुए है।