हुड्डा बोले—हरियाणा पुलिस की रैंकिंग 8 से गिरकर 14 पर, कानून-व्यवस्था बर्बाद
भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने कहा कि इंडिया जस्टिस रिपोर्ट में हरियाणा पुलिस 14वें स्थान पर पहुंच गई है। 80 गैंग सक्रिय हैं, पद खाली पड़े हैं और SC–OBC के साथ भेदभाव हो रहा है।
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हुड्डा बोले—हरियाणा पुलिस की रैंकिंग 8 से गिरकर 14 पर, कानून-व्यवस्था बर्बाद
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SC–OBC के साथ भेदभाव के आरोप, पुलिस में नियुक्तियां बेहद कम
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38.9% कॉन्स्टेबल पद खाली, पुलिसकर्मी आत्महत्या तक को मजबूर
हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री और नेता प्रतिपक्ष भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने प्रदेश की कानून-व्यवस्था को लेकर भाजपा सरकार पर बड़ा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि इंडिया जस्टिस रिपोर्ट ने एक बार फिर प्रदेश की वास्तविक स्थिति को उजागर किया है। रिपोर्ट के अनुसार पिछले पांच साल में हरियाणा पुलिस की रैंकिंग 8वें स्थान से गिरकर 14वें स्थान पर पहुंच गई है। 18 बड़े राज्यों में हरियाणा की स्थिति बेहद कमजोर बताई गई है। इतने ही नहीं, बिहार भी हरियाणा से ऊपर है, जबकि पड़ोसी राज्य पंजाब 7वें स्थान पर है।
हुड्डा ने कहा कि लगातार गिर रही यह रैंकिंग भाजपा सरकार की कानून-व्यवस्था के प्रति लापरवाही को दर्शाती है। प्रदेश में इस समय 80 से अधिक गैंग सक्रिय हैं, जो लूट, डकैती, हत्या, गोलीबारी और फिरौती जैसी वारदातों को अंजाम दे रहे हैं।
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि रिपोर्ट साफ दिखाती है कि सरकार SC और OBC वर्गों के साथ भेदभाव कर रही है। पुलिस विभाग में एससी अधिकारियों की नियुक्ति के मामले में हरियाणा 18 राज्यों में 17वें स्थान पर है। इसी तरह एससी सिपाहियों और ओबीसी कॉन्स्टेबल की नियुक्तियों में भी हरियाणा फिसड्डी साबित हुआ है।
पूर्व सीएम ने कहा कि विभाग की स्थिति यह है कि कॉन्स्टेबल स्तर के 38.9% पद खाली हैं। महिला पुलिस अधिकारियों के 17.8% पद रिक्त पड़े हैं, जिसके चलते कर्मचारियों पर अत्यधिक काम का बोझ है।
उन्होंने बताया कि हरियाणा में प्रति व्यक्ति पुलिस खर्च केवल 1,908 रुपए है, जबकि पंजाब में यह 2,604 रुपए है। ग्रामीण क्षेत्रों में एक पुलिस थाना 1 लाख 9 हजार से अधिक जनसंख्या पर है, जबकि केरल में 23 हजार 992 की आबादी पर एक थाना उपलब्ध है।
हुड्डा ने कहा कि मौजूदा सरकार ने विभाग की स्थिति इतनी खराब कर दी है कि अब पुलिस के अधिकारी-कर्मचारी भी भरोसा खोते जा रहे हैं। हाल ही में ADGP रैंक के अधिकारी और एक ASI ने आत्महत्या कर ली। कांग्रेस बार-बार सिटिंग जज की निगरानी में CBI जांच की मांग कर चुकी है, लेकिन सरकार लगातार टाल रही है।
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