हिसार BJP नेता महेंद्र जुनेजा फर्जी डिग्री केस में गिरफ्तार ₹10 लाख में खरीदी BAMS डिग्री

हिसार के भाजपा नेता महेंद्र जुनेजा को फर्जी BAMS डिग्री मामले में गिरफ्तार किया गया है। ₹10 लाख में डिग्री खरीदने का खुलासा हुआ है। मामले में कई आरोपी और एक बड़े रैकेट का पर्दाफाश हुआ है।

हिसार BJP नेता महेंद्र जुनेजा फर्जी डिग्री केस में गिरफ्तार ₹10 लाख में खरीदी BAMS डिग्री

हिसार के BJP नेता महेंद्र जुनेजा फर्जी डिग्री केस में गिरफ्तार
₹10 लाख में खरीदी BAMS डिग्री, जांच में सर्टिफिकेट निकला फर्जी
दीपेंद्र हुड्डा से मुलाकात के बाद बढ़ी कार्रवाई, अब 14 दिन की जेल


हरियाणा के हिसार में भाजपा के सिटी मंडल प्रमुख और पूर्व पार्षद महेंद्र जुनेजा को फर्जी मेडिकल डिग्री मामले में पंचकूला पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। अदालत में पेशी के बाद उन्हें 14 दिन की न्यायिक हिरासत में अंबाला जेल भेज दिया गया है। यह मामला लंबे समय से जांच में था, जिसमें अब ठोस साक्ष्यों के आधार पर गिरफ्तारी की गई है।यह केस 12 मई 2023 को पंचकूला के सेक्टर-5 थाने में दर्ज FIR नंबर 142 से जुड़ा है। शिकायत हरियाणा काउंसिल ऑफ इंडियन मेडिसिन (CIMH) के रजिस्ट्रार डॉ. दिनेश शर्मा ने दी थी। जांच में सामने आया कि महेंद्र जुनेजा का मेडिकल रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट फर्जी था। जिस सर्टिफिकेट नंबर और तारीख का इस्तेमाल किया गया, वह असल में किसी अन्य डॉक्टर के नाम जारी किया गया था।मई 2022 में भाजपा पार्षद को दीपेंद्र हुड्डा ने कांग्रेस का पटका पहनाया था।

FIR के अनुसार, महेंद्र जुनेजा ने ₹10 लाख में BAMS डिग्री का सौदा किया था। इसमें पहले 5 लाख रुपए एडवांस दिए गए, जबकि बाकी रकम डिग्री मिलने के बाद चुकाई गई। उन्हें फर्जी मार्कशीट, प्रोफेशनल सर्टिफिकेट और रजिस्ट्रेशन डॉक्यूमेंट दिए गए थे। यह पूरा लेन-देन पंचकूला में हुआ था।इस मामले में जुनेजा के साथ डॉ. नीरज बंसल, डॉ. नवीन कुमार, करण सर्ना और एक अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ IPC की धाराओं 406, 420, 467, 468, 471 और 120-B के तहत केस दर्ज किया गया है। जांच में यह भी सामने आया कि यह गिरोह कई लोगों को फर्जी मेडिकल डिग्रियां उपलब्ध कराता था और यहां तक कि MBBS जैसी डिग्रियों का भी दावा करता था, जो स्वास्थ्य व्यवस्था के लिए गंभीर खतरा है।स्वास्थ्य विभाग की टीम ने 15 दिन बाद ही छापा मार दिया था।

इस पूरे मामले में एक दिलचस्प मोड़ तब आया था, जब शुरुआती जांच में महेंद्र जुनेजा ने खुद को पीड़ित बताया था और सरकारी गवाह बनने की इच्छा जताई थी। उन्होंने पैसे वापस दिलाने की मांग भी की थी, लेकिन जांच आगे बढ़ने के बाद अब उन्हीं को आरोपी बनाकर गिरफ्तार कर लिया गया है।राजनीतिक एंगल भी इस मामले में चर्चा में है। करीब चार साल पहले मई 2022 में कांग्रेस नेता दीपेंद्र हुड्डा उनके घर पहुंचे थे और उन्हें कांग्रेस का पटका पहनाया था। हालांकि विवाद के बाद जुनेजा ने इसे औपचारिक मुलाकात बताया और भाजपा में बने रहने की बात कही थी। लेकिन इस घटना के 15 दिन बाद ही उनके क्लीनिक पर स्वास्थ्य विभाग की टीम ने छापेमारी की थी, जिसमें घंटों जांच चली थी। इसके बाद उनका पार्षद टिकट भी काट दिया गया था।

पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, 2022 में ही सर्टिफिकेट की जांच शुरू हुई थी और 29 नवंबर 2022 को डिग्री फर्जी होने की पुष्टि हुई। इसके बाद 2023 में FIR दर्ज की गई और अब 9 अप्रैल 2026 को कार्रवाई करते हुए गिरफ्तारी की गई है।