हिमाचल बजट 2026: गरीबों को मुफ्त बिजली, महिलाओं को ₹1500, पर वित्तीय संकट से जूझती सरकार
हिमाचल बजट 2026 में एक लाख गरीब परिवारों को 300 यूनिट मुफ्त बिजली, महिलाओं को ₹1500 सहायता और सैलरी डेफर जैसे बड़े फैसले लिए गए। जानें पूरी खबर।
■ एक लाख गरीब परिवारों को 300 यूनिट मुफ्त बिजली
■ महिलाओं को ₹1500 मासिक सहायता का ऐलान
■ वित्तीय संकट के चलते सैलरी डेफर का बड़ा फैसला
हिमाचल प्रदेश में मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने वर्ष 2026-27 का बजट पेश करते हुए एक तरफ जहां आम जनता को राहत देने वाली कई बड़ी घोषणाएं की हैं, वहीं दूसरी ओर राज्य की बिगड़ती वित्तीय स्थिति को संभालने के लिए कड़े फैसले भी लिए हैं। इस बजट में सबसे बड़ा फोकस गरीब परिवारों, महिलाओं, कर्मचारियों और युवाओं पर रखा गया है, ताकि आर्थिक दबाव के बीच भी जनकल्याण की योजनाएं प्रभावित न हों।
सरकार ने “मुख्यमंत्री सुखी परिवार योजना” के तहत करीब एक लाख बीपीएल परिवारों को 300 यूनिट मुफ्त बिजली देने की घोषणा की है। इसके साथ ही इन परिवारों की महिलाओं को ₹1500 प्रति माह देने का ऐलान किया गया है, जिससे गरीब वर्ग को सीधी आर्थिक मदद मिल सके।
राज्य के लगभग 70 हजार अस्थायी कर्मचारियों के लिए भी राहत की खबर है। उनके मानदेय में ₹300 से ₹1000 तक बढ़ोतरी की गई है। वहीं दिहाड़ी मजदूरों की न्यूनतम मजदूरी बढ़ाकर ₹750 प्रतिदिन कर दी गई है, जिससे श्रमिक वर्ग को सीधा लाभ मिलेगा।
हालांकि, इन घोषणाओं के बीच सरकार ने वित्तीय अनुशासन बनाए रखने के लिए बड़ा कदम उठाते हुए सैलरी डेफर करने का निर्णय लिया है। इसके तहत मुख्यमंत्री की 50 प्रतिशत, मंत्रियों की 30 प्रतिशत और विधायकों की 20 प्रतिशत सैलरी अगले छह महीने तक रोकी जाएगी। इसके अलावा वरिष्ठ अधिकारियों और अफसरों की सैलरी भी आंशिक रूप से डेफर की जाएगी। राहत की बात यह है कि क्लास-3 और क्लास-4 कर्मचारियों व पेंशनर्स को इस फैसले से बाहर रखा गया है।
विकास को गति देने के लिए सरकार ने तीन आधुनिक टाउनशिप बसाने की भी घोषणा की है, जिनमें बद्दी, मोरनी क्षेत्र और धौलाधार इलाके शामिल हैं। प्रत्येक टाउनशिप लगभग 10 हजार बीघा भूमि पर विकसित की जाएगी, जिससे रोजगार और पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा।
रोजगार के क्षेत्र में भी सरकार ने कई अहम फैसले लिए हैं। इसमें 1000 कॉन्स्टेबल, 900 स्टाफ नर्स, 389 असिस्टेंट प्रोफेसर और 645 पटवारी पदों पर भर्ती शामिल है। इसके अलावा शिक्षा और स्वास्थ्य क्षेत्र को मजबूत करने के लिए मेडिकल कॉलेजों में ई-लाइब्रेरी और अस्पतालों में आधुनिक लैब की सुविधा देने की योजना बनाई गई है।
दरअसल, हिमाचल प्रदेश इस समय गंभीर वित्तीय संकट से गुजर रहा है। राज्य पर 1.10 लाख करोड़ रुपए से अधिक का कर्ज है और केंद्र से मिलने वाली रेवेन्यू डेफिसिट ग्रांट (RDG) बंद होने से हर साल हजारों करोड़ का नुकसान हो रहा है। इसी वजह से सरकार को सैलरी डेफर जैसे कड़े फैसले लेने पड़े हैं।
वहीं विपक्ष ने इस बजट को “दिशाहीन” और “बैक गियर” वाला बताते हुए सरकार पर निशाना साधा है। उनका कहना है कि बजट में ठोस विकास की योजना नहीं है और केवल घोषणाओं पर जोर दिया गया है।
Akhil Mahajan