सोनीपत नगर निगम : डिप्टी म्युनिसिपल कमिश्नर हरदीप पर चार्जशीट की तैयारी, प्रॉपर्टी आईडी घोटाले में कसा शिकंजा
सोनीपत नगर निगम में प्रॉपर्टी आईडी गड़बड़ी मामले में डिप्टी म्युनिसिपल कमिश्नर हरदीप सिंह पर चार्जशीट की तैयारी, अब तक 10 पर कार्रवाई हो चुकी है।
■ डिप्टी म्युनिसिपल कमिश्नर हरदीप सिंह पर चार्जशीट की तैयारी
■ प्रॉपर्टी आईडी गड़बड़ी मामले में अब तक 10 पर कार्रवाई, 2 कर्मचारी सस्पेंड
■ सरकार ने जांच रिपोर्ट के आधार पर सख्ती बढ़ाई
सोनीपत। हरियाणा के सोनीपत नगर निगम में प्रॉपर्टी आईडी में सामने आई गंभीर अनियमितताओं के मामले में अब कार्रवाई और तेज हो गई है। सरकार ने डिप्टी म्युनिसिपल कमिश्नर हरदीप सिंह के खिलाफ चार्जशीट जारी करने का फैसला लिया है। इस फैसले के बाद नगर निगम में हड़कंप मच गया है और प्रशासनिक स्तर पर पूरे मामले को लेकर सख्ती बढ़ा दी गई है।
जानकारी के अनुसार, इससे पहले इस मामले में डिप्टी म्युनिसिपल कमिश्नर समेत 7 लोगों को चार्जशीट किया जा चुका है, जबकि 3 कर्मचारियों को सस्पेंड किया गया था। इनमें से तत्कालीन जेई नवरत्न को हाल ही में बहाल भी किया गया है। कुल मिलाकर अब तक इस मामले में करीब 10 लोगों पर कार्रवाई हो चुकी है और जांच का दायरा लगातार बढ़ता जा रहा है।
विभाग ने हरदीप सिंह के खिलाफ हरियाणा सिविल सेवा (दंड एवं अपील) नियम, 2016 के तहत कार्रवाई करने का निर्णय लिया है। यह कदम विभागीय जांच रिपोर्ट के आधार पर उठाया गया है, जिससे साफ संकेत मिल रहे हैं कि सरकार इस मामले में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त करने के मूड में नहीं है।
शहरी स्थानीय निकाय विभाग ने डायरेक्टर जनरल, अर्बन लोकल बॉडीज, पंचकूला को निर्देश दिए हैं कि संबंधित अधिकारी से नियम-7 के तहत ड्राफ्ट चार्जशीट तैयार करवाकर सभी जरूरी दस्तावेजों सहित 7 दिनों के भीतर सरकार को भेजा जाए। इस प्रक्रिया को समयबद्ध तरीके से पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं।
यह पूरी कार्रवाई नगर निगम सोनीपत में प्रॉपर्टी आईडी से जुड़ी जांच रिपोर्ट के आधार पर की जा रही है। इससे पहले नगर निगम कमिश्नर द्वारा मुख्यालय को विस्तृत रिपोर्ट भेजी गई थी, जिसके बाद सरकार ने सख्त रुख अपनाते हुए कार्रवाई शुरू की।
दरअसल, नगर निगम में लगातार शिकायतें मिल रही थीं कि प्रॉपर्टी आईडी बनाने में नियमों का पालन नहीं किया जा रहा है। इसके बाद वर्ष 2020 से मार्च 2025 तक बनी प्रॉपर्टी आईडी की जांच कराई गई। जांच में बड़े पैमाने पर गड़बड़ियां सामने आईं, जिसके बाद विभाग ने कार्रवाई का सिलसिला शुरू किया।
मुख्यालय स्तर पर जांच के लिए चार सदस्यीय कमेटी का गठन किया गया था, जिसकी अगुवाई पंकज कुमार ने की। कमेटी ने पिछले पांच वर्षों की प्रॉपर्टी आईडी का रिकॉर्ड खंगाला और कई मामलों में गंभीर खामियां पाईं।
जांच में यह भी सामने आया कि कई प्रॉपर्टी आईडी अनप्रूड एरिया में भी बना दी गई थीं। कुछ मामलों में रिकॉर्ड में एरिया को अप्रूव दिखाया गया, जबकि मौके पर वह अनप्रूड पाया गया। विभागीय नियमों के अनुसार, अनप्रूड एरिया में प्रॉपर्टी आईडी बनाना पूरी तरह प्रतिबंधित है, इसके बावजूद ऐसा होना बड़े स्तर की लापरवाही और अनियमितता को दर्शाता है।
सरकार अब इस पूरे मामले में जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की तैयारी में है। आने वाले दिनों में इस मामले में और बड़े खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है।
Akhil Mahajan