6 जिलों में ऑरेंज अलर्ट, तेज हवाओं के साथ ओलावृष्टि की चेतावनी

हरियाणा में 4 अप्रैल को आंधी, बारिश और ओलावृष्टि का अलर्ट जारी। कई जिलों में ऑरेंज और येलो अलर्ट, तापमान में गिरावट और किसानों के लिए एडवाइजरी।

6 जिलों में ऑरेंज अलर्ट, तेज हवाओं के साथ ओलावृष्टि की चेतावनी

हरियाणा में आज आंधी, बारिश और ओलावृष्टि का अलर्ट
6 जिलों में ऑरेंज अलर्ट, तेज हवाएं और बिजली गिरने की चेतावनी
तापमान में गिरावट, किसानों के लिए जारी एडवाइजरी


हरियाणा में 4 अप्रैल 2026, शनिवार को मौसम ने अचानक करवट ले ली है। भारतीय मौसम विभाग के अनुसार आज प्रदेश के कई जिलों में आंधी, गरज-चमक के साथ बारिश और ओलावृष्टि की गतिविधियां देखने को मिलेंगी। इस दौरान 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना है।

मौसम विभाग ने प्रदेश के दक्षिण और पूर्वी हिस्सों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। इन जिलों में गुरुग्राम, फरीदाबाद, पलवल, नूंह (मेवात), महेंद्रगढ़ और रेवाड़ी शामिल हैं। यहां तेज आंधी, बिजली गिरने और ओलावृष्टि का खतरा बना हुआ है, जिससे जनजीवन प्रभावित हो सकता है।

वहीं हिसार, भिवानी, रोहतक, सोनीपत, पानीपत, करनाल, कुरुक्षेत्र, अंबाला और यमुनानगर समेत अन्य जिलों में येलो अलर्ट जारी किया गया है। इन इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश, बादल छाए रहने और कहीं-कहीं ओलावृष्टि की संभावना जताई गई है।

मौसम में आए इस बदलाव के कारण प्रदेश के अधिकतम तापमान में करीब 3.6 डिग्री सेल्सियस की गिरावट दर्ज की गई है। इससे मौसम सामान्य से ठंडा महसूस हो रहा है। कई जिलों में तापमान सामान्य से नीचे चला गया है।

एक दिन पहले यानी 3 अप्रैल को भी प्रदेश के कई जिलों में तेज बारिश और ओलावृष्टि ने हालात बिगाड़ दिए थे। भिवानी, हिसार, सिरसा, पानीपत, नूंह और फतेहाबाद में तेज बारिश दर्ज की गई, जबकि नूंह, पानीपत और फरीदाबाद में ओले गिरे। नूंह में तो सड़कों पर ओलों की सफेद चादर बिछ गई थी। वहीं सिरसा में बिजली गिरने से एक मकान क्षतिग्रस्त हो गया और एक युवती घायल हो गई।

लगातार बदलते मौसम के कारण किसानों और आमजन को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। तापमान में गिरावट के चलते कई जगहों पर मौसम सुहावना हो गया है, लेकिन फसलों को नुकसान की आशंका भी बढ़ गई है।

मौसम विभाग के अनुसार, आने वाले दिनों में तापमान में 2 से 3 डिग्री तक और गिरावट संभव है, जिससे मौसम ठंडा बना रह सकता है।


किसानों के लिए एडवाइजरी

मौसम में बदलाव को देखते हुए किसानों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।

अगले 3 से 4 दिनों तक गेहूं और सरसों की कटाई, मड़ाई और सिंचाई कार्य रोकने को कहा गया है। तैयार सरसों की फसल को बांधकर सुरक्षित रखने की सलाह दी गई है, ताकि तेज हवा और बारिश से नुकसान न हो।

सब्जियों और दलहनी फसलों की बुवाई फिलहाल टालने को कहा गया है। इसके अलावा फलदार पेड़ों में संतुलित सिंचाई रखें और कीट-रोग पर नजर बनाए रखें।

पशुपालकों को भी सलाह दी गई है कि पशुओं को खुले में न छोड़ें और उन्हें शेड में रखें। वहीं पोल्ट्री फार्म में वेंटिलेशन बनाए रखने के निर्देश दिए गए हैं।