हरियाणा में पश्चिमी विक्षोभ का असर, कई जिलों में मूसलाधार बारिश
पश्चिमी विक्षोभ के कारण हरियाणा में 6 अक्टूबर को ज्यादातर इलाकों में बारिश की संभावना है। हिसार, फतेहाबाद, करनाल और यमुनानगर में मूसलाधार बारिश के आसार हैं। कई जिलों में फसल और बिजली प्रभावित, 8 अक्टूबर से तापमान में गिरावट के संकेत।
➤ हरियाणा में पश्चिमी विक्षोभ के असर से आज ज्यादातर जिलों में बारिश का अनुमान
➤ फतेहाबाद, हिसार, करनाल, यमुनानगर सहित कई जिलों में मूसलाधार वर्षा की संभावना
➤ हवा की रफ्तार 50 किमी प्रतिघंटा तक, कई इलाकों में फसल और बिजली आपूर्ति प्रभावित
हरियाणा में पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने से सोमवार 6 अक्टूबर को पूरे प्रदेश में मौसम ने करवट ले ली है। सुबह से ही अंबाला, कुरुक्षेत्र, यमुनानगर, फतेहाबाद और हिसार सहित कई जिलों में बादल छाए रहे और कुछ जगहों पर बारिश शुरू हो गई। मौसम विभाग ने आज राज्य के अधिकांश हिस्सों में बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है।
फतेहाबाद, हिसार, जींद, करनाल, यमुनानगर, कुरुक्षेत्र, अंबाला, पंचकूला, पानीपत, रोहतक और सोनीपत जिलों में मूसलाधार बारिश की संभावना जताई गई है। वहीं सिरसा, भिवानी, दादरी, महेंद्रगढ़, झज्जर, गुरुग्राम, फरीदाबाद, पलवल, रेवाड़ी और नूंह में हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। इस दौरान 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने का अनुमान है।
रविवार और सोमवार की दरमियानी रात में भी कई जिलों में तेज बारिश हुई। हिसार के सरकारी अस्पताल में पानी भर गया, जो सुबह तक भी नहीं निकाला जा सका था। कुछ इलाकों में खेतों में खड़ी धान की फसल बिछ गई, जिससे किसानों को नुकसान हुआ है। बहादुरगढ़ में बारिश और तेज हवा के कारण एक मकान पर पेड़ गिर गया, हालांकि राहत की बात यह रही कि कोई जनहानि नहीं हुई। कई क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति बाधित रही।
फतेहाबाद में आरएसएस स्वयंसेवकों ने बारिश में भीगते हुए ही पथ संचलन किया। वहीं ट्रैफिक पुलिसकर्मी छतरी लगाए सड़क पर यातायात को नियंत्रित करते नजर आए।
चौधरी चरण सिंह हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय, हिसार के कृषि मौसम विज्ञान विभाग के अध्यक्ष डॉ. मदन खीचड़ के अनुसार, पश्चिमी विक्षोभ के आंशिक प्रभाव के साथ बंगाल की खाड़ी में बने कम दबाव क्षेत्र और राजस्थान के ऊपर बने साइक्लोनिक सर्कुलेशन से नमी युक्त हवाएं उत्तर-पश्चिमी भारत की ओर बढ़ रही हैं। यही वजह है कि राज्य में अगले 24 घंटों तक गरज-चमक और तेज हवाओं के साथ हल्की से मध्यम बारिश की संभावना बनी हुई है।
राज्य में मानसून की स्थिति इस साल बेहद अनुकूल रही। 1 जून से 30 सितंबर 2025 तक हरियाणा में 568.4 मिमी बारिश दर्ज की गई है, जो औसत 426 मिमी से 33% अधिक है। यमुनानगर जिले में सबसे ज्यादा 1116.9 मिमी वर्षा दर्ज की गई है, जो 1988 के बाद का सर्वाधिक आंकड़ा है।
मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि 7 अक्टूबर तक राज्य के ज्यादातर हिस्सों में बारिश जारी रहेगी। 8 अक्टूबर से तापमान में गिरावट आने के आसार हैं।
Akhil Mahajan