हरियाणा के 17 जिलों में ऑरेंज अलर्ट, बारिश-ओलावृष्टि की चेतावनी

हरियाणा के 17 जिलों में बारिश, तेज आंधी और ओलावृष्टि का ऑरेंज अलर्ट जारी। तापमान में गिरावट के बीच किसानों को फसल सुरक्षित रखने की सलाह दी गई है।

हरियाणा के 17 जिलों में ऑरेंज अलर्ट, बारिश-ओलावृष्टि की चेतावनी

17 जिलों में बारिश-ओलावृष्टि का ऑरेंज अलर्ट
तेज आंधी-बिजली गिरने की चेतावनी, 2 दिन खराब रहेगा मौसम
किसानों को फसल सुरक्षित रखने की सलाह, तापमान में गिरावट


हरियाणा में सोमवार रात से मौसम ने एक बार फिर करवट ले ली है। प्रदेश के कई हिस्सों में देर रात हल्की से मध्यम बारिश दर्ज की गई, जिससे मौसम सुहावना तो हुआ, लेकिन किसानों और प्रशासन की चिंता भी बढ़ गई है। मौसम विभाग ने आज प्रदेश के 17 जिलों में बारिश, तेज आंधी और ओलावृष्टि का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। प्रभावित जिलों में सिरसा, हिसार, फतेहाबाद, भिवानी, चरखी दादरी, महेंद्रगढ़, नारनौल, रेवाड़ी, नूंह, पलवल, गुरुग्राम, फरीदाबाद, झज्जर, रोहतक, सोनीपत, पानीपत और कैथल शामिल हैं, जहां 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने, बिजली गिरने और ओलावृष्टि की आशंका जताई गई है।हिसार में सोमवार रात को बारिश से सड़कें गीली हो गईं। - Dainik Bhaskar

सोमवार रात हिसार, गुरुग्राम, नारनौल और भिवानी समेत आसपास के क्षेत्रों में बारिश दर्ज की गई। गुरुग्राम में तेज आंधी के साथ बूंदाबांदी ने मौसम को ठंडा कर दिया। मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि आज के साथ-साथ 8 मई को भी प्रदेश में मौसम खराब बना रह सकता है।मौसम में इस अचानक बदलाव का सीधा असर खेतों में पड़ी कटाई के बाद की फसल, सब्जियों और बागवानी पर पड़ सकता है। कृषि विशेषज्ञों ने किसानों को सलाह दी है कि वे अपनी फसल को सुरक्षित स्थानों पर रखें और फलदार पौधों व सब्जियों को ओलावृष्टि से बचाने के लिए कवर का इस्तेमाल करें। तेज हवाओं के कारण खड़ी फसल गिरने का भी खतरा बना हुआ है, जिससे किसानों को भारी नुकसान हो सकता है।प्रदेश में अधिकतम तापमान 31 से 34 डिग्री सेल्सियस के बीच दर्ज किया गया है, जो सामान्य से नीचे बना हुआ है। बादलों की आवाजाही और बारिश की संभावना के चलते तापमान में ज्यादा बढ़ोतरी नहीं हो रही। आने वाले दो दिनों में भी यही स्थिति बनी रहने की संभावना है, जिससे लोगों को गर्मी से राहत मिल सकती है।

वहीं न्यूनतम तापमान में भी गिरावट दर्ज की गई है और यह 14 से 18 डिग्री सेल्सियस के बीच बना हुआ है। पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से मौसम में लगातार बदलाव हो रहा है। रात के समय ठंडी हवाएं चलने से मौसम सुहावना बना हुआ है, लेकिन अचानक गिरता तापमान फसलों और आम जनजीवन दोनों पर असर डाल सकता है।