न्यूनतम तापमान में 2.8°C गिरावट, सोनीपत सबसे ठंडा रहा
हरियाणा में मई की शुरुआत ठंडी रातों के साथ हुई। न्यूनतम तापमान में 2.8 डिग्री गिरावट दर्ज की गई। सोनीपत सबसे ठंडा रहा, जबकि 2 मई से पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने से मौसम फिर बदल सकता है।
■ मई की शुरुआत हरियाणा में ठंडी रातों के साथ हुई
■ न्यूनतम तापमान में 2.8°C गिरावट, सोनीपत सबसे ठंडा रहा
■ 2 मई से पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय, फिर बदलेगा मौसम
मई महीने की शुरुआत में जहां आमतौर पर लोग तेज गर्मी की उम्मीद करते हैं, वहीं हरियाणा में इस बार शुरुआत ठंडी रातों के साथ हुई है। प्रदेश के औसत न्यूनतम तापमान में 2.8 डिग्री सेल्सियस की गिरावट दर्ज की गई है, जिससे तापमान सामान्य से 2.1 डिग्री नीचे पहुंच गया। इस बदलाव ने लोगों को गर्मी से राहत दी है और मौसम सुहावना बना हुआ है।
मौसम विभाग के अनुसार, प्रदेश का सबसे कम न्यूनतम तापमान सोनीपत के कैनाल रेस्ट हाउस, सरगथल में 18.3 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। यह प्रदेश में सबसे ठंडी रात रही। वहीं नारनौल का न्यूनतम तापमान 25 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया, जो सामान्य से 1.8 डिग्री अधिक रहा।
कई जिलों में हल्की बारिश भी दर्ज की गई, जिससे दिन के तापमान में भी संतुलन बना रहा। विभाग ने पंचकूला, यमुनानगर, मेवात और पलवल में अलग-अलग स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश की संभावना जताई है। इससे किसानों और आम लोगों दोनों को राहत महसूस हो रही है।
रोहतक सबसे गर्म, फिर भी हीटवेव का खतरा नहीं
जहां रातें ठंडी रहीं, वहीं दिन के समय रोहतक प्रदेश का सबसे गर्म जिला रहा। यहां अधिकतम तापमान 40.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। हालांकि अन्य जिलों में भी तापमान में हल्की बढ़ोतरी देखी गई, लेकिन अभी तक किसी भी प्रकार की हीटवेव या गंभीर मौसम चेतावनी जारी नहीं की गई है।
मौसम विभाग ने शुक्रवार के लिए पूरे प्रदेश में “नो वार्निंग” की स्थिति बताई है। यानी फिलहाल किसी भी गंभीर मौसम बदलाव की आशंका नहीं है। औसत अधिकतम तापमान में भी 1 डिग्री सेल्सियस की बढ़ोतरी हुई है, लेकिन यह अभी सामान्य के करीब ही बना हुआ है।
2 मई से सक्रिय होगा पश्चिमी विक्षोभ
मौसम विभाग के अनुसार, शनिवार 2 मई से एक नया पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने जा रहा है, जो 3 मई तक प्रभावी रहेगा। इसकी वजह से एक बार फिर मौसम में बदलाव देखने को मिलेगा।
इस दौरान प्रदेश के कई हिस्सों में बादल छाने, हल्की बारिश और तापमान में गिरावट की संभावना है। इससे लोगों को तेज गर्मी से कुछ और दिन राहत मिलने की उम्मीद है। खासतौर पर किसानों के लिए यह बदलाव फायदेमंद माना जा रहा है।
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