धान खरीद में देरी से किसान नाराज, GT रोड जाम!चढ़ूनी बोले- हम जाएंगे, पुलिस पीटेगी

हरियाणा में धान की सरकारी खरीद शुरू न होने पर किसानों ने शाहाबाद में GT रोड जाम का ऐलान किया। DC और किसानों के बीच बैठक जारी है।

धान खरीद में देरी से किसान नाराज, GT रोड जाम!चढ़ूनी बोले- हम जाएंगे, पुलिस पीटेगी

धान की सरकारी खरीद शुरू न होने पर किसानों ने GT रोड जाम का ऐलान किया
शाहाबाद में पुलिस ने बैरिकेडिंग की, सुरक्षा व्यवस्था बढ़ाई
DC विश्राम कुमार मीणा और किसानों के बीच बैठक से समाधान की कोशिश


कुरुक्षेत्र। हरियाणा में धान की सरकारी खरीद शुरू नहीं होने का मुद्दा मंगलवार को कुरुक्षेत्र के शाहाबाद में सड़क पर पहुंच गया। किसानों ने खरीद में देरी के विरोध में GT रोड यानी NH-44 जाम करने का ऐलान किया है। भारतीय किसान यूनियन (चढ़ूनी) की ओर से सुबह 11 बजे जाम का समय बताया गया था। इसके बाद पुलिस प्रशासन भी अलर्ट हो गया और शाहाबाद में बैरिकेडिंग के साथ सुरक्षा व्यवस्था बढ़ाई गई। इस बीच कुरुक्षेत्र के DC विश्राम कुमार मीणा और किसानों के बीच शहीद ऊधम सिंह स्मारक स्थित कार्यालय में बैठक चल रही है।

शहीद ऊधम सिंह स्मारक स्थित कार्यालय में किसानों से मीटिंग करते DC विश्राम कुमार मीणा।

किसानों का कहना है कि मंडियों में धान की आवक शुरू हो चुकी है, लेकिन सरकारी खरीद नहीं होने के कारण उन्हें परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इसी मांग को लेकर भारतीय किसान यूनियन (चढ़ूनी) ने पहले भी प्रशासन को समयसीमा दी थी। 16 सितंबर को शाहाबाद अनाज मंडी में हुई प्रदेश स्तरीय बैठक के दौरान किसानों ने धान की सरकारी खरीद जल्द शुरू करने की मांग उठाई थी। बैठक में DC विश्राम कुमार मीणा किसानों के बीच पहुंचे थे।

20 सितंबर तक खरीद शुरू कराने का दिया गया था आश्वासन

16 सितंबर की बैठक के दौरान प्रशासन की ओर से बताया गया था कि राज्य सरकार ने केंद्र से निर्धारित समय से पहले 20 सितंबर से धान की खरीद शुरू कराने का अनुरोध किया है। इसके बाद किसानों ने 20 सितंबर तक खरीद शुरू होने का इंतजार करने पर सहमति जताई थी। साथ ही यह भी तय किया गया था कि अगर तय समय तक खरीद शुरू नहीं हुई तो 22 सितंबर को शाहाबाद में आंदोलन किया जाएगा।

अलग-अलग रिपोर्टों के अनुसार, 20 सितंबर तक खरीद शुरू नहीं होने के बाद भारतीय किसान यूनियन (चढ़ूनी) ने 22 सितंबर को शाहाबाद में राष्ट्रीय राजमार्ग-44 पर विरोध प्रदर्शन और जाम का ऐलान किया।

चढ़ूनी ने अधिकारियों पर लगाए आरोप

किसान नेता गुरनाम सिंह चढ़ूनी ने प्रशासन और सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि अधिकारियों की वजह से किसानों को परेशानी हो रही है। चढ़ूनी ने कहा कि सरकार किसानों को आंदोलन के लिए मजबूर कर रही है और हाईवे पर पुलिस की तैनाती के बावजूद किसान अपनी मांग को लेकर आगे बढ़ेंगे।

चढ़ूनी के अनुसार, किसानों की मांग स्पष्ट है कि धान की सरकारी खरीद शुरू की जाए, ताकि मंडियों में पहुंच रही फसल को बेचने के लिए उन्हें इंतजार न करना पड़े। उनके बयान में पुलिस कार्रवाई की आशंका का भी जिक्र किया गया। इन बयानों को उनके आरोप और राजनीतिक संगठन के रुख के तौर पर देखा जाना चाहिए।

शाहाबाद में पुलिस की तैयारी

जाम के ऐलान के बाद शाहाबाद में पुलिस प्रशासन ने भी अपनी तैयारी बढ़ा दी है। GT रोड के आसपास बैरिकेडिंग की गई है और किसी भी स्थिति से निपटने के लिए पुलिस बल तैनात किया गया है। पहले से ही प्रशासन को किसानों के 22 सितंबर के कार्यक्रम की जानकारी थी, जिसके मद्देनजर सुरक्षा व्यवस्था की तैयारी की गई थी।

16 सितंबर की किसान बैठक के दौरान भी प्रशासन और पुलिस ने शाहाबाद में सुरक्षा इंतजाम किए थे। उस समय अनाज मंडी से GT रोड की ओर जाने वाले रास्तों पर बैरिकेडिंग की व्यवस्था की गई थी और पुलिस अधिकारियों की ड्यूटी लगाई गई थी।

DC और किसानों के बीच बैठक पर नजर

मंगलवार को जाम के ऐलान के बीच DC विश्राम कुमार मीणा और किसानों के बीच बातचीत चल रही है। किसानों की मुख्य मांग सरकारी खरीद जल्द शुरू कराने की है। बैठक में प्रशासन की ओर से किसानों की मांग और मौजूदा खरीद व्यवस्था को लेकर बातचीत की जा रही है।

इससे पहले भी प्रशासन ने किसानों को खरीद जल्द शुरू कराने का आश्वासन दिया था। अब 22 सितंबर को घोषित कार्यक्रम के बीच होने वाली बैठक और बातचीत पर किसानों तथा प्रशासन दोनों की नजर है।

मेरी फसल-मेरा ब्योरा पोर्टल 27 सितंबर तक खुला

किसानों को फसल पंजीकरण के लिए एक और मौका भी दिया गया है। मेरी फसल-मेरा ब्योरा पोर्टल 21 से 27 सितंबर तक दोबारा खोला गया है। किसान 27 सितंबर तक अपनी फसल का रजिस्ट्रेशन करा सकते हैं।

किसानों की मांग है कि पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन, वेरिफिकेशन और सरकारी खरीद प्रक्रिया के बीच बेहतर तालमेल हो, ताकि मंडियों में फसल पहुंचने के बाद खरीद के लिए किसानों को लंबा इंतजार न करना पड़े।

पिछले साल 22 सितंबर से शुरू हुई थी खरीद

धान की सरकारी खरीद की तारीख को लेकर पिछले साल भी किसानों ने सरकार पर दबाव बनाया था। 2025 में हरियाणा में धान की सरकारी खरीद 22 सितंबर से शुरू हुई थी। इससे पहले खरीद की तारीख 1 अक्टूबर निर्धारित थी, लेकिन किसानों की मांग और विरोध के बाद इसे आगे बढ़ाया गया था।

पिछले साल हरियाणा में करीब 59.62 लाख मीट्रिक टन धान की खरीद हुई थी। इस बार भी मंडियों में धान की आवक के बीच किसान सरकारी खरीद शुरू होने का इंतजार कर रहे हैं।

फिलहाल शाहाबाद में किसानों के प्रस्तावित जाम और प्रशासन के साथ चल रही बैठक के बीच स्थिति पर नजर बनी हुई है। किसान अपनी मांग पर कायम हैं, जबकि प्रशासन की ओर से बातचीत के जरिए स्थिति संभालने की कोशिश की जा रही है।