हाईकोर्ट ने खारिज की कांग्रेस की याचिका, हरियाणा में तय समय पर होंगे चुनाव
हरियाणा निकाय चुनाव पर रोक की कांग्रेस की याचिका हाईकोर्ट ने खारिज की। कोर्ट ने कहा कि चुनाव प्रक्रिया में अब हस्तक्षेप संभव नहीं, 10 मई को मतदान होगा।
➤ नगर निगम चुनाव पर रोक की कांग्रेस की याचिका हाईकोर्ट ने खारिज की
➤ कोर्ट बोला तारीख घोषित होने के बाद हस्तक्षेप उचित नहीं
➤ 10 मई को वोटिंग और 13 मई को आएंगे नतीजे तय
हरियाणा में नगर निकाय चुनाव को लेकर दायर कांग्रेस की याचिका पर हाईकोर्ट ने बड़ा फैसला सुनाया है। कोर्ट ने चुनाव पर रोक लगाने की मांग को खारिज करते हुए साफ कहा कि जब चुनाव की तारीख घोषित हो चुकी है, तब इस प्रक्रिया में हस्तक्षेप करना उचित नहीं है।
कांग्रेस की ओर से मांग की गई थी कि वार्ड अधिसूचना दोबारा जारी की जाए और चुनाव प्रक्रिया पर रोक लगाई जाए। इस याचिका पर पहले सुनवाई के बाद मामले को दूसरी बेंच को ट्रांसफर किया गया था। गुरुवार को जस्टिस एचएस सेठी और यशवर्धन राठौड़ की बेंच ने इस पर सुनवाई करते हुए याचिका को खारिज कर दिया।
पंचकूला के पूर्व चेयरमैन एडवोकेट रविंद्र रावल के अनुसार, कोर्ट ने स्पष्ट किया कि अब चुनाव प्रक्रिया काफी आगे बढ़ चुकी है, इसलिए इसमें दखल देना संभव नहीं है। हालांकि, अंबाला में SC वार्ड घटाने से जुड़ी याचिका पर आगे सुनवाई जारी रहेगी।
राज्य में हाल ही में 7 नगर निकायों के आम चुनाव और पंचायती राज के 528 पदों पर उपचुनाव की घोषणा की गई थी। इसके तहत सोनीपत, पंचकूला, अंबाला नगर निगम, रेवाड़ी नगर परिषद और उकलाना, धारूहेड़ा व सांपला नगर पालिका में 10 मई को वोटिंग होगी। वहीं 13 मई को नतीजे घोषित किए जाएंगे।
चुनाव प्रक्रिया के तहत 21 अप्रैल से नामांकन दाखिल किए जाएंगे। इसके अलावा पानीपत और करनाल जिला परिषद, 12 ब्लॉक समिति सदस्य, 29 सरपंच और 485 पंच पदों के लिए भी उसी दिन मतदान और मतगणना होगी।
इस बार चुनाव में कुछ बदलाव भी देखने को मिलेंगे। EVM मशीनों से मतदान होगा, लेकिन VVPAT का इस्तेमाल नहीं किया जाएगा। हालांकि मतदाताओं को NOTA का विकल्प जरूर मिलेगा, लेकिन इससे चुनाव परिणामों पर कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा।
चुनाव आयोग के अनुसार, ड्यूटी पर तैनात कर्मचारियों को अब केंद्रीय चुनाव आयोग के बराबर मानदेय दिया जाएगा। वहीं चुनाव की घोषणा के साथ ही संबंधित क्षेत्रों में आदर्श आचार संहिता लागू कर दी गई है।
Akhil Mahajan