हरियाणवी गानों और सोशल मीडिया पर बढ़ते गन कल्चर और अश्लील कंटेंट पर सेंसर बोर्ड की तरह हो निगरानी, ऐसे सिस्‍टम की जरूरत: रेणु भाटिया

हरियाणा में सोशल मीडिया पर अश्लीलता फैलाने वालों पर अब होगी सीधी कार्रवाई! महिला आयोग की चेयरपर्सन रेनू भाटिया ने सीएम नायब सिंह सैनी से मुलाकात कर सख्त नियम बनाने की मांग की है। अब आपत्तिजनक गाने और रील्स बनाने वालों को जेल की हवा खानी पड़ सकती है।

हरियाणवी गानों और सोशल मीडिया पर बढ़ते गन कल्चर और अश्लील कंटेंट पर सेंसर बोर्ड की तरह हो निगरानी, ऐसे सिस्‍टम की जरूरत: रेणु भाटिया

करनाल पहुंचीं महिला आयोग चेयरपर्सन रेणु भाटिया, नारी शक्ति वंदन अधिनियम पर बड़ा बयान
महिलाओं को राजनीति में 33% आरक्षण को बताया ऐतिहासिक मौका
सोशल मीडिया पर गंदे कंटेंट और गन कल्चर पर सख्त कार्रवाई की मांग


हरियाणा के करनाल में राज्य महिला आयोग की चेयरपर्सन रेणु भाटिया ने मीडिया से बातचीत करते हुए नारी शक्ति वंदन अधिनियम को महिलाओं के लिए बड़ा अवसर बताया। उन्होंने कहा कि यह कानून देश की महिलाओं के लिए किसी आशीर्वाद से कम नहीं है, जिससे उन्हें राजनीति में आगे बढ़ने का नया रास्ता मिलेगा।

रेणु भाटिया ने बताया कि पहले ही पंचायत स्तर पर 50% आरक्षण महिलाओं को मिल चुका है, और अब विधानसभा में 33% तथा लोकसभा-राज्यसभा में भी आरक्षण का रास्ता खुल रहा है। उन्होंने इसे प्रधानमंत्री द्वारा महिलाओं के लिए “रेड कार्पेट वेलकम” जैसा कदम बताया और देशभर की बेटियों को इसके लिए बधाई दी।

उन्होंने विपक्ष के विरोध पर भी प्रतिक्रिया दी और कहा कि विपक्ष का काम विरोध करना होता है, लेकिन यह कानून किसी एक पार्टी के लिए नहीं, बल्कि पूरे देश की महिलाओं के लिए है। उन्होंने कहा कि राजनीति में महिलाओं की भागीदारी बढ़ने से देश और समाज दोनों मजबूत होंगे।

रेणु भाटिया ने महिलाओं को संदेश देते हुए कहा कि वे अपने काम से प्यार करें और मेहनत करें, ताकि वे अपने करियर और भविष्य को मजबूत बना सकें। उन्होंने स्कूल, कॉलेज और गृहिणियों तक को प्रेरित करते हुए कहा कि हर क्षेत्र में महिलाएं आगे बढ़ सकती हैं।

इसके अलावा उन्होंने हरियाणवी गानों और सोशल मीडिया पर बढ़ते गन कल्चर और अश्लील कंटेंट पर भी चिंता जताई। उन्होंने स्पष्ट कहा कि मनोरंजन के नाम पर ऐसी चीजें परोसी जा रही हैं जो समाज और खासकर बच्चों के भविष्य के लिए नुकसानदायक हैं।

उन्होंने सुझाव दिया कि जिस तरह फिल्मों के लिए सेंसर बोर्ड होता है, उसी तरह सोशल मीडिया कंटेंट पर भी निगरानी रखने के लिए कोई अधिकारी या सिस्टम बनाया जाना चाहिए, जो आपत्तिजनक सामग्री को तुरंत ब्लॉक कर सके और जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई हो।

महिला आयोग चेयरपर्सन ने यह भी कहा कि आने वाले समय में महिलाओं की भागीदारी हर स्तर पर बढ़ेगी, जिससे राजनीति में उनका प्रतिनिधित्व और प्रभाव दोनों मजबूत होंगे।