हरियाणा में फिर खुलेगा ‘मेरी फसल-मेरा ब्यौरा’, 21 से 27 सितंबर तक खरीफ फसल का पंजीकरण; किसानों को मिलेंगे कई लाभ

हरियाणा में ‘मेरी फसल-मेरा ब्यौरा’ पोर्टल फिर खुलेगा। किसान 21 से 27 सितंबर 2026 तक खरीफ फसल का पंजीकरण कराकर सरकारी सुविधाओं से जुड़ सकेंगे।

हरियाणा में फिर खुलेगा ‘मेरी फसल-मेरा ब्यौरा’, 21 से 27 सितंबर तक खरीफ फसल का पंजीकरण; किसानों को मिलेंगे कई लाभ

21 से 27 सितंबर 2026 तक खरीफ फसल के पंजीकरण का फिर मिलेगा मौका
पंजीकरण से वंचित किसान दोबारा दर्ज करा सकेंगे अपनी फसल का ब्यौरा
MSP, DBT, भावांतर और फसल क्षतिपूर्ति जैसी सुविधाओं से जुड़ने का अवसर


पंचकूला। हरियाणा सरकार ने खरीफ सीजन-2026 की फसलों का पंजीकरण कराने से वंचित रह गए किसानों को एक और मौका दिया है। प्रदेश सरकार ने ‘मेरी फसल-मेरा ब्यौरा’ पोर्टल को दोबारा खोलने का निर्णय लिया है। इसके तहत जो किसान किसी कारणवश अपनी खरीफ फसल का रजिस्ट्रेशन नहीं करवा पाए थे, वे अब 21 से 27 सितंबर 2026 तक पोर्टल पर जाकर अपना पंजीकरण करवा सकते हैं। सरकार के इस फैसले से पंजीकरण से छूटे किसानों को अपनी फसल का ब्यौरा दर्ज कराने और संबंधित सरकारी प्रक्रियाओं से जुड़ने का अवसर मिलेगा। हरियाणा सरकार के आधिकारिक पोर्टल के अनुसार ‘मेरी फसल, मेरा ब्यौरा’ का उद्देश्य किसान, खेत और फसल का विवरण दर्ज करने के साथ कृषि संबंधी सरकारी सुविधाओं और सहायता को एक स्थान पर उपलब्ध कराना है।

धान का रकबा 30 से 32 लाख एकड़ अनुमानित

हरियाणा में इस खरीफ सीजन के दौरान धान का कुल रकबा लगभग 30 लाख से 32 लाख एकड़ यानी करीब 12 से 14 लाख हेक्टेयर अनुमानित है। वहीं इस बार धान का कुल उत्पादन 55 से 60 लाख मीट्रिक टन रहने का अनुमान जताया जा रहा है।

प्रदेश के दक्षिणी और शुष्क इलाकों, जिनमें रेवाड़ी, महेंद्रगढ़, भिवानी और चरखी दादरी आदि जिले शामिल हैं, में बाजरे का रकबा लगभग 10 लाख से 12 लाख एकड़ यानी करीब 4.5 से 5 लाख हेक्टेयर है। चालू सीजन में बाजरे का कुल उत्पादन लगभग 10 से 12 लाख मीट्रिक टन होने का अनुमान है।

आवेदन के बाद क्या रहेगी प्रक्रिया

पंजीकरण से वंचित किसानों को इसके लिए संबंधित SDO (सिविल)/SDM कार्यालय में लिखित आवेदन देना होगा। आवेदन में किसान को अपनी जमीन का पूरा विवरण, खेवट नंबर, खसरा नंबर और खेती के तहत क्षेत्रफल दर्ज करना होगा।

आवेदन मिलने के बाद संबंधित अधिकारी द्वारा जमीन और फसल से जुड़े दावे की जांच अधिकतम 3 दिन में कराई जाएगी। जांच में जानकारी सही पाए जाने पर किसान की फसल का विवरण पोर्टल पर दर्ज किया जाएगा। इसके बाद किसान को फसल की सरकारी खरीद प्रक्रिया में शामिल होने की सुविधा मिलेगी।

पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन से क्या मिलेगा फायदा

‘मेरी फसल-मेरा ब्यौरा’ पोर्टल पर पंजीकरण को किसानों के लिए कई सरकारी प्रक्रियाओं से जोड़ा गया है। हरियाणा सरकार के पोर्टल पर भी फसल पंजीकरण, खेत का ब्यौरा और कृषि संबंधी सरकारी सुविधाओं को एक स्थान पर उपलब्ध कराने को इसके प्रमुख उद्देश्यों में शामिल किया गया है।

न्यूनतम समर्थन मूल्य पर सरकारी खरीद: दिए गए विवरण के अनुसार पोर्टल पर पंजीकृत फसल को ही सरकार मंडी में MSP पर खरीदेगी। बिना पंजीकरण के किसान अपनी उपज सरकारी एजेंसी को नहीं बेच पाएंगे।

सीधे खाते में भुगतान: फसल बिक्री का भुगतान DBT के माध्यम से बिना किसी बिचौलिए के सीधे किसान के आधार-लिंक्ड बैंक खाते में ट्रांसफर किया जाता है।

भावांतर भरपाई योजना: यदि बाजार भाव MSP से कम रहता है, तो पंजीकृत किसानों को भावांतर भरपाई योजना के तहत नुकसान की भरपाई यानी अंतर राशि सीधे बैंक खाते में दिए जाने की व्यवस्था बताई गई है।

फसल क्षतिपूर्ति और मुआवजा: प्राकृतिक आपदा, बारिश या जलभराव से फसल को नुकसान होने की स्थिति में क्षतिपूर्ति के दावे के लिए ‘मेरी फसल-मेरा ब्यौरा’ में रजिस्ट्रेशन को अनिवार्य बताया गया है।

सब्सिडी और कृषि योजनाएं: ‘मेरा पानी-मेरी विरासत’ योजना के तहत धान की जगह अन्य फसल उगाने पर ₹7,000 प्रति एकड़ और कृषि यंत्रों पर मिलने वाली छूट जैसी सुविधाओं का लाभ भी पंजीकृत किसानों से जोड़ा गया है।

इस तरह खरीफ 2026 की फसल का पंजीकरण कराने से रह गए किसानों के लिए 21 से 27 सितंबर 2026 तक मिलने वाला यह अवसर महत्वपूर्ण है। किसानों को इस अवधि में अपनी फसल का ब्यौरा दर्ज कराने की प्रक्रिया पूरी करनी होगी।