Video: कुल्लू के पालचरा गांव में एडिट-5 से पानी का रिसाव, घरों और खेतों में घुसा मलबा
कुल्लू में पार्वती जल विद्युत परियोजना चरण-2 के रैला एडिट-5 से पानी रिसने पर पालचरा गांव में मलबा और पानी घुसा, कई मकान और दुकानें प्रभावित हुईं।
➤ रैला एडिट-5 से मटमैले पानी और मलबे का रिसाव, पालचरा गांव में पहुंचा पानी
➤ दो मकान मलबे में दबे, एक मकान पूरी तरह क्षतिग्रस्त होने की सूचना
➤ रात 11 बजे ग्रामीणों ने प्रभावित परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया
कुल्लू। एनएचपीसी की पार्वती जल विद्युत परियोजना चरण-2 के रैला स्थित एडिट-5 से अत्यधिक पानी के रिसाव के कारण पालचरा गांव में भारी नुकसान होने की सूचना है। रिसाव के साथ आया मटमैला पानी और मलबा गांव के घरों और खेतों में घुस गया, जिससे कई परिवार प्रभावित हुए हैं। अचानक बड़ी मात्रा में पानी और मलबा गांव की ओर आने से लोगों में अफरा-तफरी मच गई और ग्रामीणों को रात के समय प्रभावित परिवारों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाना पड़ा।
ग्रामीणों के अनुसार, पानी और मलबे की चपेट में आने से दो मकान पूरी तरह मलबे में दब गए हैं, जबकि एक अन्य मकान पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। इसके अलावा दो दुकानों और दो रिहायशी मकानों में भी पानी घुसने से नुकसान पहुंचा है। घटना के बाद गांव में स्थिति को लेकर लोगों में चिंता और दहशत का माहौल बना हुआ है।
अचानक बढ़े पानी से गांव में मची अफरा-तफरी
रैला स्थित एडिट-5 से हुए पानी के रिसाव के बाद मटमैला पानी और मलबा पालचरा गांव की ओर पहुंच गया। देखते ही देखते पानी घरों और खेतों में घुसने लगा। ग्रामीणों के अनुसार, अचानक आई इस स्थिति से गांव में अफरा-तफरी का माहौल बन गया और लोग अपने परिवारों तथा सामान को सुरक्षित करने में जुट गए।
पानी के साथ आए मलबे के कारण मकानों और अन्य संपत्तियों को नुकसान पहुंचने की सूचना है। दो मकानों के पूरी तरह मलबे में दबने और एक अन्य मकान के पूरी तरह क्षतिग्रस्त होने की जानकारी सामने आई है। वहीं, दो दुकानों और दो रिहायशी मकानों में पानी घुसने से भी नुकसान हुआ है।
रात 11 बजे ग्रामीणों ने खुद संभाली स्थिति
स्थिति गंभीर होने के बाद ग्रामीणों ने आपसी सहयोग से प्रभावित परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया। ग्रामीणों के अनुसार, यह प्रक्रिया रात करीब 11 बजे शुरू की गई। कई परिवारों को रात अपने घरों से बाहर रहना पड़ा और उन्होंने अन्य लोगों के घरों में शरण लेकर रात बिताई।
रात के समय अचानक पैदा हुई इस स्थिति में ग्रामीणों ने एक-दूसरे की मदद करते हुए प्रभावित लोगों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाया। घटना के बाद गांव में लोगों के बीच सुरक्षा को लेकर चिंता बनी हुई है।
प्रशासन और परियोजना प्रबंधन से तत्काल निरीक्षण की मांग
घटना के बाद ग्रामीणों ने प्रशासन और परियोजना प्रबंधन से प्रभावित क्षेत्र का तत्काल निरीक्षण करने की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि नुकसान का सही आकलन किया जाना चाहिए और प्रभावित परिवारों की स्थिति को देखते हुए आवश्यक कदम उठाए जाने चाहिए।
ग्रामीणों ने लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए भी आवश्यक कदम उठाने की मांग की है। घटना के बाद पालचरा गांव में प्रभावित परिवारों के सामने नुकसान और सुरक्षा से जुड़ी चिंताएं बनी हुई हैं।
Akhil Mahajan