बिना तोड़े एटीएम से ऐसे उड़ गया कैश, एक लोहे की पत्ती ने फेल किया बैंकिंग सिस्टम, एटीएम से कैश चुराने की शातिरों का नया जुगाड़
एटीएम से पैसे उड़ाने का अनोखा तरीका सामने आया। पलवल के दो युवकों ने लोहे की पत्ती से एटीएम शटर जाम कर कैश उड़ाया। किशनगढ़ थाना पुलिस ने दोनों को गिरफ्तार किया।
➤ लोहे की पत्ती से एटीएम शटर जाम कर कैश उड़ाने का अनोखा तरीका उजागर
➤ पलवल के मामोलका गांव के दो युवक किशनगढ़ थाना पुलिस के हत्थे चढ़े
➤ एटीएम जैमिंग डिवाइस, हथियार और नकदी बरामद, दिल्ली में करते थे वारदात
एटीएम से पैसे उड़ाने का एक अनोखा और चौंकाने वाला तरीका पहली बार सामने आया है, जिसने बैंकिंग सुरक्षा और तकनीकी व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। पलवल जिले के मामोलका गांव निवासी सलमान पुत्र कबीर और सलमान पुत्र उस्मान ने लोहे की छोटी पत्ती से एटीएम मशीन को जाम कर कैश उड़ाने का तरीका अपनाया था।
पुलिस के अनुसार आरोपी संदूक बनाने में इस्तेमाल होने वाली मेटल की पत्ती से एक विशेष प्रकार की एटीएम जैमिंग डिवाइस तैयार करते थे। इस पत्ती को एटीएम मशीन के कैश आउट शटर में डाल दिया जाता था, जिससे पैसा बाहर निकलने के बजाय अंदर ही फंस जाता था। ग्राहक के खाते से राशि कट जाती थी, लेकिन कैश न मिलने पर वह तकनीकी खराबी मानकर रिफंड की उम्मीद में एटीएम बूथ से चला जाता था।
इसके बाद आरोपी मौके पर लौटकर जैमिंग क्लिप निकालते थे और अंदर फंसा कैश ले जाते थे। पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी वारदात के समय हथियार भी साथ रखते थे, ताकि किसी विरोध की स्थिति में डर बना रहे।
दक्षिण-पश्चिमी जिले के पुलिस उपायुक्त अमित गोयल के अनुसार, किशनगढ़ थाना प्रभारी अजय कुमार यादव के निर्देश पर संदिग्ध गतिविधियों पर कड़ी नजर रखी जा रही थी। इसी दौरान 1 जनवरी को एसआई कमल चौधरी की टीम ने एक संदिग्ध को घूमते देखा। पुलिस को देखकर वह भागने लगा, लेकिन सलमान पुत्र कबीर को पकड़ लिया गया। उसके पास से देसी कट्टा बरामद हुआ। इसके बाद आर्म्स एक्ट के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई।
पूछताछ में आरोपी ने अपने साथी सलमान पुत्र उस्मान का नाम उजागर किया, जिसने उसे हथियार उपलब्ध कराए थे। पुलिस ने उसकी निशानदेही पर दूसरे आरोपी को भी गिरफ्तार कर लिया। उसके पास से दो कारतूस बरामद किए गए।
पुलिस पूछताछ में यह भी सामने आया कि दोनों आरोपी पिछले दो से तीन महीनों से इसी तरीके से एटीएम फ्रॉड कर रहे थे। वे अधिकतर दिल्ली के उन एटीएम बूथों को निशाना बनाते थे, जहां सुरक्षा गार्ड तैनात नहीं होता था। आरोपी सप्ताह में एक बार दिल्ली आकर वारदात को अंजाम देते थे।
Akhil Mahajan